दिल्ली में सर्वश्रेष्ठ दिवालियापन वकील

अपनी ज़रूरतें हमारे साथ साझा करें, कानूनी फर्मों से संपर्क प्राप्त करें।

मुफ़्त। 2 मिनट लगते हैं।

Legal Light Consulting
दिल्ली, भारत

2018 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
English
Hindi
लीगल लाइट कंसल्टिंग एक नया युग की लॉ फर्म है जो अपने ग्राहकों को सर्वोत्तम समाधान प्रदान करने के लिए समर्पित है।...
GNK Law Associates
दिल्ली, भारत

2016 में स्थापित
उनकी टीम में 50 लोग
Hindi
English
दिल्ली के सर्वश्रेष्ठ वकीलजीएनके एडवोकेट एंड सॉलिसिटर, अपने विशिष्ट कानून क्षेत्रों के अभ्यासरत वकीलों और...
Samvad Partners
दिल्ली, भारत

2013 में स्थापित
उनकी टीम में 150 लोग
English
Samvād: Partners एक पूर्ण-सेवा भारतीय कानून फर्म है जिसकी बैंगलोर, चेन्नई, हैदराबाद, मुंबई और नई दिल्ली में कार्यालय हैं। हम...
जैसा कि देखा गया

Delhi, India में दिवालियापन कानून के बारे में एक विस्तृत मार्गदर्शिका

दिल्ली में दिवालियापन कानून का मूल ढांचा Insolvency and Bankruptcy Code, 2016 (IBC) के अंतर्गत आता है।

यह कोड corporate, individual और partnership firms सभी पर लागू होता है ताकि ऋण चुकाने में असमर्थ पक्षों का समय पर समाधान हो सके।

Delhi के नागरिकों के लिए NCLT Delhi Bench और IPs की भूमिका प्रमुख है।

“The Insolvency and Bankruptcy Code, 2016 consolidates and amends laws relating to insolvency and bankruptcy of corporate persons, individuals and partnerships.”

Source: Insolvency and Bankruptcy Board of India (IBBI) - What is IBC

दिल्ली में दिवालियापन मामलों की सुनवाई NCLT दिल्ली बेंच करता है।

IBC के अंतर्गत insolvency resolution, liquidation और restructuring के लिए एक एकीकृत ढांचा दिया गया है।

“The Code provides for time-bound processes and a single umbrella framework for insolvency resolution, liquidation and reorganisation.”

Source: IBBI - IBC overview

COVID-19 के बाद कुछ संशोधन से प्रक्रिया अधिक स्पष्ट और समयपरक बनी है।

इन संशोधनों में pre-packaged insolvency और cross-border insolvency जैसे प्रावधान शामिल हैं।

आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है

नीचे Delhi, India से संबन्धित वास्तविक-परिदृश्य दिए गए हैं जिनमें कानूनी सलाह आवश्यक हो सकती है।

  • परिदृश्य 1: दिल्ली-आधारित कंपनी बैंक के रिडिम्शन डेट के साथ CIRP के चरण में पहुँच गई है। वकील ऋणदाता के दावे का जवाब भरने, IP नियुक्ति, और CIRP प्रक्रिया के भीतर वैधानिक कदमों की योजना बनाने में मदद करेगा।

  • परिदृश्य 2: एक दिल्ली निवासी के पास व्यक्तिगत ऋणों की जटिल घनीभूतता है और वह IBC Part III के तहत Insolvency Resolution के लाभ चाहते हैं। वकील दाखिले, क्रेडिटर्स की चिट्ठी और डिस्चार्ज की संभावनाओं पर मार्गदर्शन दे सकता है।

  • परिदृश्य 3: दिल्ली-आधारित MSME को ऋण पुनर्गठन या pre-packagination के विकल्प चाहिए। अनुभवी कानूनी सलाहकार प्रक्रिया के अनुरूप योजना बनाकर creditors के साथ बातचीत कर सकता है।

  • परिदृश्य 4: पार्टनरशिप फर्म दिल्ली में वित्तीय संकट में है और पार्टनरशिप एग्रीमेंट, वैधानिक दायित्व, और dissolution की जटिलताएँ उभर रही हैं। वकील क्लॉजेज और समाधान सुझाव देगा।

  • परिदृश्य 5: किसी क्रेडिटर के रूप में Delhi क्षेत्र में ऋण recovery के लिए IBC, SARFAESI या RDDBFI के विकल्प चाहिए। वकील प्रक्रिया की वैधानिकता और अदालत-समयसीमा पर रियलिस्टिक सलाह देगा।

  • परिदृश्य 6: किसी कंपनी या व्यक्ति के लिए cross-border insolvency के कदमDelhi में लागू होने चाहिए। वकील इंटरनेशनल प्रावधानों के अनुरूप कदम सुझाएगा।

Delhi के लिए व्यावहारिक नोट:

  • IBC के तहत समय-सीमा और कदम स्पष्ट हैं; एक अनुभवी advc-counsel समय-सीमा की पाबंदियाँ सुनिश्चित करेगा।
  • उच्च-जोखिम स्थितियों में IP की भूमिका महत्वपूर्ण होती है - वे CIRP या Insolvency Resolution Plan को प्रबंधित करते हैं।
  • डॉक्यूमेंट्स सही होना जरूरी है - वित्तीय जानकारी, debt schedule और कर्ज-स्तर स्पष्ट रखने चाहिए।

स्थानीय कानून अवलोकन

Delhi, India में दिवालियापन को नियंत्रित करने वाले प्रमुख कानूनों के नाम हैं:

  • Insolvency and Bankruptcy Code, 2016 (IBC) - corporate, individual और partnership firms के insolvency, liquidation और reorganization के लिए एक ही संरचना देता है।
  • Securitisation and Reconstruction of Financial Assets and Enforcement of Security Interest Act, 2002 (SARFAESI) - secured assets पर संरक्षित अधिकार से ऋण वसूली के लिए प्रयुक्त होता है।
  • Recovery of Debts Due to Banks and Financial Institutions Act, 1993 (RDDBFI) - बैंकों और वित्तीय संस्थाओं द्वारा ऋण वसूली के लिए विशेष मंच देता है।

Delhi में इन कानूनों के साथ NCLT Delhi Bench, DRT, and IBBI की संस्थागत भूमिका प्रभावी तरीके से काम करती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

IBC क्या है?

IBC एक केंद्रित कानून है जो corporate, individual और partnership firms के insolvency, resolution तथा liquidation को क़ानूनी रूप से सम्भव बनाता है।

कौन आवेदन कर सकता है?

Corporate debtors, individuals with debt और partnership firms IBC के दायरे में आते हैं। क्रेडिटर्स भी insolvency प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं।

CIRP क्या है?

Corporate Insolvency Resolution Process CIRP एक समय-सीमा के भीतर ऋण के समाधान हेतु एक resolution professional के द्वारा ऋण-समिति के साथ किया जाने वाला पुनर्गठन प्रक्रम है।

NCLT Delhi की भूमिका क्या है?

NCLT Delhi इस प्रक्रिया के लिए adjudicating authority है। यह resolution plan को मंजूरी दे सकता है या दिवालिया घोषित कर सकता है।

व्यक्तिगत दिवालियापन कैसे शुरू करें?

IBC Part III के तहत व्यक्तिगत Insolvency proceedings शुरू होते हैं। अदालत में आवेदन, डॉक्टरिंग और क्रमवार स्तरों की प्रक्रिया शामिल है।

Moratorium क्या होता है?

Moratorium ऋणियों के विरुद्ध नए दायित्वों पर रोक लगाता है ताकि वे पुनर्गठन की योजना बना सकें।

Fresh start क्या है?

IBC व्यक्तिगत दिवालियापन के अंत में कुछ ऋणों से छूट मिल सकती है ताकि debtor का पुनः वित्तीय पुनर्वास हो सके।

कितना खर्च आता है?

IBC लागू करते समय अदालत फीस, IP फीस और प्रोफेशनल फीस जैसी लागतें जुड़ती हैं। दिल्ली में मामले के आकार के अनुसार खर्च भिन्न होते हैं।

IBC और SARFAESI में फर्क?

IBC Insolvency Resolution पर केंद्रित है, जबकि SARFAESI secured assets की enforcement के लिए है। दोनों एक दूसरे के विकल्प नहीं हैं।

Delhi निवासी व्यक्तिगत Insolvency के बारे में क्या?

हाँ, Delhi निवासी व्यक्तिगत Insolvency के लिए Part III के अंतर्गत आवेदन कर सकता है, परन्तु योग्यता और प्रक्रिया स्पष्ट रूप से निर्धारित है।

डिफॉल्ट के परिणाम क्या हैं?

डिफॉल्ट के कारण क्रेडिट रिकॉर्ड बिगड़ सकता है और ऋणों पर दायित्व बढ़ सकता है। IBC में समाधान की कोशिश से राहत मिल सकती है।

कौन वकील का चयन ठीक रहेगा?

IBC मामलों के लिए Insolvency Advocate, Insolvency Professional और corporate वकील से मिलना उचित है।

अतिरिक्त संसाधन

  • Insolvency and Bankruptcy Board of India (IBBI) - IBC के आधिकारिक मार्गदर्शक और पंजीकृत प्रॉफेशनल्स की जानकारी। https://www.ibbi.gov.in/
  • National Company Law Tribunal (NCLT) - Delhi Bench - Corporate और Individual insolvency के मामलों की सुनवाई और आदेश। https://nclt.gov.in
  • Ministry of Corporate Affairs (MCA) - IBC से जुड़ी नीति और संबंधित सूचना। https://www.mca.gov.in/

अगले कदम

  1. अपने ऋण-स्थिति के बारे में स्पष्ट रिकॉर्ड बनाएं-कौन-से ऋण, कितना बकाया है, किस आधार पर दावे बन रहे हैं।
  2. Delhi में IBC से जुड़े पंजीकृत Insolvency Professional (IP) की सूची देखें और उनसे पहली मुलाकात तय करें।
  3. IBBI और NCLT Delhi की आधिकारिक साइट्स से नवीनतम प्रक्रियात्मक नियम पढ़ें।
  4. दिल्ली स्थित अनुभवी दिवालियापन वकील से फ्री कंसल्टेशन लेते हुए अपना केस-स्कोप तय करें।
  5. अपने दस्तावेज तैयार रखें-डिजिटल कॉपी, ऋण-चर्या, बिल्डिंग/जायदाद के दस्तावेज आदि।
  6. कानूनी निर्णयों के समय-सीमा और खर्च का स्पष्ट बजट बनाएं।
  7. आवश्यक हो तो क्रेडिटर मीटिंग और IP-निर्दिष्ट योजना के लिए तैयारी करें।

नोट: यह मार्गदर्शिका केवल सूचनात्मक है और कानूनी सलाह नहीं है। वास्तविक मामले में किसी अनुभवी वकील से व्यक्तिगत परामर्श लेना अनिवार्य है।

Lawzana आपको योग्य कानूनी पेशेवरों की चयनित और पूर्व-जाँच की गई सूची के माध्यम से दिल्ली में में सर्वश्रेष्ठ वकील और कानूनी फर्म खोजने में मदद करता है। हमारा प्लेटफ़ॉर्म अभ्यास क्षेत्रों, दिवालियापन सहित, अनुभव और ग्राहक प्रतिक्रिया के आधार पर तुलना करने की अनुमति देने वाली रैंकिंग और वकीलों व कानूनी फर्मों की विस्तृत प्रोफ़ाइल प्रदान करता है।

प्रत्येक प्रोफ़ाइल में फर्म के अभ्यास क्षेत्रों, ग्राहक समीक्षाओं, टीम सदस्यों और भागीदारों, स्थापना वर्ष, बोली जाने वाली भाषाओं, कार्यालय स्थानों, संपर्क जानकारी, सोशल मीडिया उपस्थिति, और प्रकाशित लेखों या संसाधनों का विवरण शामिल है। हमारे प्लेटफ़ॉर्म पर अधिकांश फर्म अंग्रेजी बोलती हैं और स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों कानूनी मामलों में अनुभवी हैं।

दिल्ली, भारत में में शीर्ष-रेटेड कानूनी फर्मों से उद्धरण प्राप्त करें — तेज़ी से, सुरक्षित रूप से, और बिना अनावश्यक परेशानी के।

अस्वीकरण:

इस पृष्ठ पर दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और कानूनी सलाह नहीं है। हम सामग्री की सटीकता और प्रासंगिकता सुनिश्चित करने का प्रयास करते हैं, लेकिन कानूनी जानकारी समय के साथ बदल सकती है, और कानून की व्याख्या भिन्न हो सकती है। आपको अपनी स्थिति के लिए विशिष्ट सलाह हेतु हमेशा एक योग्य कानूनी पेशेवर से परामर्श करना चाहिए।

हम इस पृष्ठ की सामग्री के आधार पर की गई या न की गई कार्रवाइयों के लिए सभी दायित्व को अस्वीकार करते हैं। यदि आपको लगता है कि कोई जानकारी गलत या पुरानी है, तो कृपया contact us, और हम उसकी समीक्षा करेंगे और जहाँ उचित हो अपडेट करेंगे।