दिल्ली में सर्वश्रेष्ठ सम्पत्ति हस्तांतरण वकील

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रियल एस्टेट वकील नियुक्त करने की मुफ़्त गाइड

Samvad Partners
दिल्ली, भारत

2013 में स्थापित
उनकी टीम में 150 लोग
English
Samvād: Partners एक पूर्ण-सेवा भारतीय कानून फर्म है जिसकी बैंगलोर, चेन्नई, हैदराबाद, मुंबई और नई दिल्ली में कार्यालय हैं। हम...
Shivam Legal Services
दिल्ली, भारत

2019 में स्थापित
उनकी टीम में 5 लोग
English
Hindi
हम अनुभव और नई ऊर्जा का मिश्रण लेकर अनेक मुकदमों और पैरालीगल सेवाओं के क्षेत्रों में कार्यरत हैं। हम नागरिक,...
Niyamam Law Offices

Niyamam Law Offices

15 minutes मुफ़्त परामर्श
दिल्ली, भारत

2020 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
English
Hindi
नियमम लॉ ऑफ़िसेज़, की स्थापना एडवोकेट अंकित कुमार और एडवोकेट अंकित भर्द्वाज द्वारा की गई, दिल्ली में आधारित एक...
GNK Law Associates
दिल्ली, भारत

2016 में स्थापित
उनकी टीम में 50 लोग
Hindi
English
दिल्ली के सर्वश्रेष्ठ वकीलजीएनके एडवोकेट एंड सॉलिसिटर, अपने विशिष्ट कानून क्षेत्रों के अभ्यासरत वकीलों और...
Lead India Law Associates
दिल्ली, भारत

2000 में स्थापित
उनकी टीम में 50 लोग
Hindi
English
हमारे बारे मेंलीड इंडिया लॉ प्राइवेट लिमिटेड (लीड इंडिया) भारत में सबसे भरोसेमंद, प्रतिष्ठित व विकासशील लॉ फर्म...
Kochhar & Co.
दिल्ली, भारत

1994 में स्थापित
उनकी टीम में 50 लोग
Hindi
English
ओवरव्यूकोचर एंड को. (“फर्म”) भारत के प्रमुख कॉर्पोरेट लॉ फर्मों में से एक है।नई दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरू, चेन्नई,...
Thukral Law Associates
दिल्ली, भारत

2000 में स्थापित
उनकी टीम में 50 लोग
Hindi
English
हम कौन हैंथुक्करल लॉ एसोसिएट्स एक पूर्ण-सेवा विधिक फर्म है जो विशेष रूप से एनआरआई के लिए विभिन्न विधिक संबंधित...
LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

15 minutes मुफ़्त परामर्श
दिल्ली, भारत

2016 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
English
Hindi
Welcome to the Law Chamber of Advocate Rajveer Singh, Advocate Rajveer Singh is an Advocate and Registered Trademark Attorney with over 8 years of experience in Supreme Court of India, High Courts and District Courts. With a robust practice spanning multiple domains, we offer comprehensive...
Vidhiśāstras-Advocates & Solicitors
दिल्ली, भारत

2011 में स्थापित
English
विधिशास्त्र - अधिवक्ता एवं सलिसिटर, 2011 में श्री आशीष दीप वर्मा द्वारा स्थापित, भारत में एक प्रतिष्ठित विधिक फर्म है...
जैसा कि देखा गया

1) Delhi, India में Conveyancing कानून के बारे में: [ Delhi, India में Conveyancing कानून का संक्षिप्त अवलोकन]

Conveyancing वह प्रक्रिया है जिसमें वास्तविक संपत्ति के स्वामित्व का अधिकार एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में स्थानांतरित होता है. Delhi में यह प्रक्रिया केंद्रीय कानूनों के अनुरूप तथा GNCT of Delhi के स्थानीय नियमों के साथ संचालित होती है. दस्तावेजों की जाँच, स्टाम्प ड्यूटी और पंजीकरण जैसी स्टेप्स शामिल होती हैं.

“Registration of documents of conveyance of immovable property is required under the Indian Registration Act 1908.”

Source: Indian Registration Act 1908 - indiacode.nic.in

“Stamp duty is payable on all documents of conveyance under the Indian Stamp Act 1899.”

Source: Indian Stamp Act 1899 - indiacode.nic.in

“The Transfer of Property Act 1882 governs the transfer of property by sale, mortgage, gift, lease.”

Source: Transfer of Property Act 1882 - indiacode.nic.in

Delhi me conveyancing ki prakriya me stamp duty, registration, title check, aur encumbrance verification jaise pehlu mahatvapurn hote hain. Local authorities jaise Sub-Registrar Delhi aur Stamp and Registration Department is process ko supervise karte hain. Nagar nigam ke rules aur land records bhi timing aur documentation par asar dalte hain.

2) आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है: [Conveyancing कानूनी सहायता की आवश्यकता वाले 4-6 विशिष्ट परिदृश्यों की सूची बनाएं। Delhi, India से संबंधित वास्तविक उदाहरण दें]

  • शीर्षक जाँच में असुरक्षित स्थिति - दक्षिणी दिल्ली में एक फ्लैट खरीदते समय पूर्व स्वामित्व का रिकॉर्ड गलत हो सकता है. एक वकीलtitle search और encumbrance certificate की जाँच कर सकता है ताकि छिपे हुए दावे सामने आ सकें.

  • डिवेलपमेंट की पुख्ता अनुज्ञप्तियाँ चाहिए - अगर प्लॉट नया या under development है तो आपको उपयुक्त sanctioned plan, occupancy certificate आदि की वैधता सुनिश्चित करनी होगी. वकील आवश्यक दस्तावेजों की सूची बनाकर आपूर्ति में सहायता देगा.

  • Power of Attorney के साथ खरीद - यदि आप विदेश में रहते हैं या अस्थायी रूप से Delhi में नहीं हैं, तो POA के माध्यम से conveyancing करना पड़े. सही पावर ऑफ अटॉर्नी ड्रॉ के साथ वैध पंजीकरण सुनिश्चित करना जरूरी है.

  • RERA के दायरे में आने वाले मामले - Delhi में RERA के अधीन आकर Developers और buyers के बीच पारदर्शी अनुबंध चाहिए होते हैं. एक वकील RERA से जुड़े फॉर्म, disclosures और remedies की जाँच कर सकता है.

  • सम्पत्ति पर पूर्व ऋण/बकाया - encumbrance certificate के साथ mortgage/loan liens का सत्यापन जरूरी होता है ताकि खरीद का निर्णय सुरक्षित हो.

  • ಸ್ಥानीय रीजनल नियमों के अनुसार पंजीकरण - Delhi me registration fees, stamp duty rates समय-समय पर बदले जाते हैं. एक कानूनी सलाहकार updated guidance दे सकता है.

3) स्थानीय कानून अवलोकन: [ Delhi, India में Conveyancing को नियंत्रित करने वाले 2-3 विशिष्ट कानूनों का नाम से उल्लेख करें]

  • Transfer of Property Act, 1882 - यह_sale, mortgage, gift, lease आदि के अनुसार property के transfer की व्यवस्था करता है. यह Delhi में conveyancing का आधार है.
  • Indian Registration Act, 1908 - immovable property से जुड़े documents की registration अनिवार्य बनाता है. Delhi के पंजीकरण कार्यालय इन्ही प्रावधानों के अनुसार कार्य करते हैं.
  • Real Estate (Regulation and Development) Act, 2016 (RERA) - real estate transactions में transparency, disclosures और buyer protection के नियम स्थापित करता है. Delhi RERA भी एजेंसी और developers के बीच कॉन्ट्रैक्ट के मानक तय करता है.
  • Indian Stamp Act, 1899 - conveyance documents पर stamp duty लगाने के नियम निर्धारित करता है. Delhi Stamp Duty कलैक्शन Department द्वारा लागू किया जाता है.

दिल्ली संबंधित कानूनों के लिए आधिकारिक संदर्भ: - Transfer of Property Act, 1882 - indiacode.nic.in - Indian Registration Act, 1908 - indiacode.nic.in - Real Estate (Regulation and Development) Act, 2016 - rera.nic.in

4) अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न: [10-12 प्रश्न-उत्तर जोड़े]

Conveyancing क्या है?

Conveyancing वह क्रिया है जिसमें संपत्ति के स्वामित्व का स्थानांतरण सुरक्षा के साथ किया जाता है. इसमें दस्तावेज, चेकिंग, पंजीकरण और स्टाम्प duty शामिल होते हैं.

Delhi में title check कैसे करें?

Title check में title deed, mutation record, encumbrance certificate और previous transfers की जाँच शामिल है. स्थानीय रिकॉर्ड ऑफिस और registry से सत्यापन कराया जाता है.

क्या मुझे वकील चाहिए?

हां, खासकर जटिल लेनदेन, POA के साथ खरीद, या NRI खरीदार के मामले में वकील की मदद आवश्यक होती है. वे दस्तावेज तैयार करते हैं, due diligence कराते हैं और पंजीकरण प्रक्रिया संचालित करते हैं.

Stamp duty और registration Delhi me कितने होते हैं?

दिल्ली में stamp duty और registration शुल्क के दरें समय-समय पर GNCT दिल्ली द्वारा निर्धारित होती हैं. एक वकील इन दरों के नवीनतम अंतर के बारे में सलाह दे सकता है और फाइनेंसर के साथ समन्वय कर सकता है.

Encumbrance certificate kya है and kyon zaruri है?

Encumbrance certificate property पर कहीं भी बकाया ऋण, प्रवर्त्या दावे या अन्य दायित्व दर्शाता है. यह खरीद से पहले title सुरक्षा के लिए अनिवार्य है.

Power of Attorney से conveyancing कैसे प्रभावित होता है?

POA से खरीदी में efficiency बढ़ती है, पर सही scope और validity चाहिए. POA मान्य हो, signatures authenticated हों और पंजीकृत हो.

Agreement to sell बनाम sale deed - फर्क क्या है?

Agreement to sell एक ठोस 계약 है जो भविष्य में sale deed के लिए बाध्य करता है. Sale deed final transfer है और पंजीकृत होता है.

RERA के तहत खरीदी का क्या फायदा होता है?

RERA के तहत developers disclosure, project timelines और deposits की सुरक्षा देते हैं. Buyers के लिए remedies और complaint mechanism स्पष्ट रहते हैं.

Mutation क्या है और यह क्यों जरूरी है?

Mutation title transfer ke official records में ownership update करने की प्रक्रिया है. यह nagarik assessment, property tax और future transfers के लिए जरूरी है.

क्या Delhi me किसी foreigner या NRI को property खरीदना संभव है?

NRIs और foreign buyers के लिए कई नियम होते हैं, विशेषकर agricultural land पर. एक कानूनी सलाहकार स्थिति के अनुसार मार्गदर्शन देगा.

Closure के बाद documentation का क्या काम है?

Final sale deed के साथ-registration, stamp duty payment, mutation और possession transfer के प्रमाण आवश्यक होते हैं. Proper handover और possession letter भी निभाएं.

क्या मैं आसानी से move-in के लिए प्रमाण-पत्र पा सकता हूँ?

Occupancy certificate और completion certificate project के status पर निर्भर हैं. Builder के साथ verification करें और जरूरत हो तो counsel से चेक कराएं.

क्या मैं Delhi Court में title dispute के लिए relief मांग सकता हूँ?

हाँ, यदि title से जुड़ा dispute है तो civil suit या clarificatory relief के लिए कोर्ट से मदद मिल सकती है. किन्तु पहले title due diligence जरूरी है.

5) अतिरिक्त संसाधन: [Conveyancing से संबंधित 3 विशिष्ट संगठनों की सूची]

  • Delhi Real Estate Regulatory Authority (Delhi RERA) - https://rera.delhi.gov.in
  • Bar Council of India - https://barcouncilofindia.org
  • CREDAI Delhi-NCR - https://credai.org

6) अगले कदम: [Conveyancing वकील खोजने के लिए 5-7 चरणीय प्रक्रिया]

  1. अपनी आवश्यकताओं की स्पष्ट सूची बनाएं: प्रकार का प्रॉपर्टी, बजट, POA का उपयोग आदि.
  2. दिल्ली के अनुभवी conveyancing वकीलों की सूची बनाएं: title search, registry और RERA अनुभव देखें.
  3. कॉल करें और initial consultation दें: फीस संरचना, कौन से ड्यू डिलिजेंस होते हैं, कितना समय लगेगा समझें.
  4. पूर्व मामले/ टेस्टिमोनी देखें: क्या वे आपके प्रकार के लेनदेन में सफल रहे?
  5. कानूनी दस्तावेजों की मॉडलिंग: draft agreements, sale deed, power of attorney आदि की समीक्षा करवाएं.
  6. फीस-आधारित पंक्ति-चेक: fee estimate, retainer की उपलब्धता, extra charges आदि स्पष्ट करें.
  7. पंजीकरण और stamping की तैयारी शुरू करें: Delhi Registration Department और Stamp Department के आवश्यक चरणों को समझें.

महत्वपूर्ण नोट - Delhi में conveyancing अक्सर समय-सीमाओं से जुड़ा होता है. स्टाम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क के नवीनतम दरें GNCT of Delhi के आधिकारिक पन्नों पर जारी होती हैं. नीचे दिए गए आधिकारिक स्रोतों को देखें:

“Registration of documents of conveyance of immovable property is required under the Indian Registration Act 1908.”

Source: Indian Registration Act 1908 - indiacode.nic.in

“Stamp duty is payable on all documents of conveyance under the Indian Stamp Act 1899.”

Source: Indian Stamp Act 1899 - indiacode.nic.in

“The Transfer of Property Act 1882 governs the transfer of property by sale, mortgage, gift, lease.”

Source: Transfer of Property Act 1882 - indiacode.nic.in

इन स्रोतों के अनुसार Delhi me conveyancing से जुड़ी प्रक्रियाओं की वैधानिक प्रकृति स्पष्ट होती है. यदि आप Delhi निवासी हैं और property transfer plans बना रहे हैं, तो एक अनुभवी conveyancing वकील से मिलना आपके लिए सुरक्षित और लाभकारी रहेगा.

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