अहमदाबाद में सर्वश्रेष्ठ गिरवी निष्कासन वकील

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रियल एस्टेट वकील नियुक्त करने की मुफ़्त गाइड

Advocate Alpa Jogi
अहमदाबाद, भारत

English
अधिवक्ता अल्पा जोगी, जो अहमदाबाद, गुजरात में स्थित हैं, 2009 से कानूनी सेवाएं प्रदान कर रही हैं। वह तलाक, 498A दहेज...
Advocate Paresh M Modi
अहमदाबाद, भारत

English
एडवोकेट पारेश एम मोदी एक विशिष्ट लॉ फर्म है जो भारत में स्थित है और व्यापक अभ्यास क्षेत्रों में सम्पूर्ण कानूनी...
Gupta Law Associates
अहमदाबाद, भारत

2018 में स्थापित
English
गुप्ता लॉ एसोसिएट्स अहमदाबाद स्थित एक विधिक फर्म है जो मुकदमेबाजी, नियामक परामर्श, मध्यस्थता, कॉर्पोरेट लेन-देन...
A. R. Gupta & Associates
अहमदाबाद, भारत

1983 में स्थापित
English
ए. आर. गुप्ता एंड एसोसिएट्स एक प्रतिष्ठित भारतीय विधिक फर्म है जिसकी स्थापना श्री ए. आर. गुप्ता ने 1983 में की थी, इसके...
G.C. Vadodaria Associates LLP
अहमदाबाद, भारत

1920 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
English
जी.सी. वडोदरा एसोसिएट्स गुजरात स्थित एक प्रमुख वकालत केंद्र है जो व्यक्तियों, व्यवसायों और संस्थानों को व्यापक...
Advocate Parth Raval
अहमदाबाद, भारत

2017 में स्थापित
English
एडवोकेट पार्थ रावल अहमदाबाद तथा भारत भर में उत्कृष्ट कानूनी समाधानों के लिए मान्यता प्राप्त हैं। यह फर्म नागरिक...
Vector Legal
अहमदाबाद, भारत

English
वेक्टर लीगल अहमदाबाद और भारत के वाणिज्यिक केंद्रों में कार्यालयों के साथ काम करता है, जो कॉर्पोरेट और वाणिज्यिक...
Sejwani & Co- RERA
अहमदाबाद, भारत

1983 में स्थापित
English
Seजवानी एवं कंपनी-रेरा भारत की एक प्रतिष्ठित विधिक फर्म है, जो रियल एस्टेट कानूनी मामलों तथा व्यापक अधिवक्ता...
Ansari Solicitor Firm
अहमदाबाद, भारत

2006 में स्थापित
English
अंसारी सॉलिसिटर फर्म भारत में एक प्रतिष्ठित कानूनी संस्थान के रूप में उभरी है, जो कई अभ्यास क्षेत्रों में व्यापक...
Adv. Akanksha Tiwari
अहमदाबाद, भारत

English
एडवोकेट आकांक्षा तिवारी अहमदाबाद, गुजरात में स्थित एक अनुभवी अधिवक्ता हैं, जिनका अभ्यास आपराधिक रक्षा,...
जैसा कि देखा गया

1. अहमदाबाद, भारत में गिरवी निष्कासन कानून के बारे में

गिरवी निष्कासन का प्रमुख ढांचा भारत में दो बड़े कानूनों से संचालित होता है। ट्रांसफर ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट, 1882 और सिविल प्रोसीजर्स कोड, 1908 के आदेश क्रमांक 34 से निपटती है। अहमदाबाद के निवासियों के लिए इन कानूनों के अलावा SARFAESI अधिनियम 2002 का प्रावधान भी अहम रहता है।

राज्य स्तर पर गुजरात उच्च न्यायालय और Ahmedabad जिला न्यायालय इन मामलों की सुनवाई करते हैं। വീട്ട-स्वामित्व वाले मामलों में बैंक या वित्तीय संस्थान को उचित नोटिस देना अनिवार्य होता है, और उपयुक्त कानूनी मार्ग अपनाने के बाद ही कब्ज़ा और बिक्री की प्रक्रिया आगे बढ़ती है।

"SARFAESI Act का उद्देश्य वित्तीय संस्थाओं को सुरक्षा हित के अनुरोध पर कब्ज़ा लेने और संपत्ति की बिक्री के जरिए ऋण वसूली में सहायता प्रदान करना है।"

उद्धरण स्रोत: RBI, SARFAESI Act पन्ना और सरकारी संहिताओं के संकलन से रोशनी मिलती है।

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है

Ahmedabad, Gujarat में गिरवी निष्कासन से जुड़े कुछ विशिष्ट परिदृश्य होते हैं जिनमें कानूनी सलाह आवश्यक हो जाती है। नीचे 4-6 वास्तविक-प्रकार के मामलों के उदाहरण दिए गए हैं।

  • गृह ऋण चुकाने में चूक के कारण कब्ज़ा-तैयारी - एक नागरिक ने आवास ऋण चुकाने में देर कर दी और बैंक ने SARFAESI के उपाय अपनाते हुए कब्ज़ा और निविदा-प्रक्रिया शुरू कर दी। नज़दीकी Ahmedabad District Court में ऋण समाधान के लिए वकील की जरूरत पड़ती है।
  • व्यवसायिक संपत्ति पर गारंटी ऋण - Ahmedabad में किसी उद्यमी का व्यापारी ऋण चुकाने में असमर्थ होना और संपत्ति पर ऋण-नियंत्रण किया जाना; अदालत की सही प्रक्रिया और ई-नीलामी के नियम जानने हेतु अधिवक्ता चाहिए।
  • कब्ज़ा-नोटिस पर जवाब दाखिल करना - ऋणी द्वारा नोटिस पर समय-सीमा और वैधानिक बचाव दिखाने के लिए Gujarat High Court या Ahmedabad City Civil Court में मान्य प्रतिवाद चाहिए।
  • कस्टमर-टेनेंसी और किरायेदार-स्वामित्व मामलों का जटिल संयोजन - परिसंपत्ति गिरवी होने पर किरायेदारों के अधिकार और eviction के आदेशों में स्थानीय नियमों का समन्वय जरूरी होता है।
  • गिरवी-निरोध (injunction) के आवेदन - ऋण-निर्धारण के दौरान संपत्ति पर नए दावों से बचने के लिए अदालत से अस्थायी रोक चाहिए होती है; Ahmedabad Court में वकील की सलाह जरूरी हो जाती है।
  • IBC या गणनात्मक रास्तों के साथ मिलान - कुछ मामलों में Insolvency and Bankruptcy Code के प्रावधानों के साथ सुरक्षा-हित की स्थिति समन्वित करनी पड़ती है; स्थानीय वकील सही मार्गदर्शन दे सकेंगे।

इन परिदृश्यों में एक सक्षम advokaat or कानूनी सलाहकार की सलाह से आप तात्कालिक नोटिसों के जवाब, अदालत में दलीलें, और वैधानिक समय-सीमाओं का सही प्रबंधन कर सकते हैं।

3. स्थानीय कानून अवलोकन

Ahmedabad-परिसर में गिरवी निष्कासन को नियंत्रित करने वाले प्रमुख कानून ये हैं। इन के साथ गुजरात-स्तरीय नियम भी संगत होते हैं।

  • Transfer of Property Act, 1882 - पत्थर की चढ़ाई: mortgage, foreclosure, sale आदि से संबंधित प्रावधान इस Act के अंतर्गत आते हैं।
  • Civil Procedure Code, 1908 - Order 34 - mortgagee द्वारा foreclosure, sale या possession डिलीवरी के लिए मुकदमे की सुनवाई और डिक्री की प्रक्रिया स्पष्ट है।
  • Securitisation and Reconstruction of Financial Assets and Enforcement of Security Interest Act, 2002 (SARFAESI) - secured creditors को कब्ज़ा लेने और संपत्ति की बिक्री के लिए अदालत-स्वतंत्र उपायों की अनुमति देता है; गुजरात-आधारित बैंकों के लिए अहम मार्गदर्शक।
"The Securitisation and Reconstruction of Financial Assets and Enforcement of Security Interest Act, 2002 provides for the enforcement of security interests of secured creditors."

उद्धरण स्रोत: Official legislation portals और RBI के SARFAESI सम्बंधी मार्गदर्शन.

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गिरवी निष्कासन क्या है?

गिरवी निष्कासन एक ऐसी क्रिया है जिसमें ऋण चुकाने में चूक पर lender संपत्ति पर अपना दावा लगाकर उसे बेच सकता है। इसका उद्देश्य ऋण वसूली है।

Foreclosure और sale में क्या अंतर है?

Foreclosure mortgage के अंतर्गत debt चुका कर mortgage समाप्त किया जाता है। sale प्रक्रिया में संपत्ति की बिक्री होती है ताकि ऋण पूरा किया जा सके।

Ahmedabad में कौन सा कानून अधिक प्रभावी है?

गिरवी निष्कासन मेंTOT Act और CPC Order 34 प्राथमिक हैं। SARFAESI भी सक्रिय रूप से Banks के लिए उपयोगी है।

क्या बैंक बिना अदालत के कब्ज़ा ले सकता है?

SARFAESI के तहत secured creditors को अदालत के बिना कब्ज़ा लेने और संपत्ति बेचने के अधिकार मिलते हैं, बशर्ते निर्धारित प्रक्रियाएँ पूरी हों।

कब टर्न-ओवर होता है? नोटिस कितने दिन का होता है?

आमतौर पर बैंक नोटिस देता है और तदनुसार अदालत में दावा दाखिल करता है। Gujarat और Ahmedabad में स्थानीय नियम लागू रहते हैं।

कौन कदम उठाने चाहिए जब नोटिस मिल जाए?

तुरन्त एक धाराप्रवाह advokaat से मिलें, सभी दस्तावेज इकट्ठे करें, और निर्दिष्ट समय-सीमा के भीतर जवाब दें।

क्या किरायेदारी अधिकार प्रभावित होते हैं?

हां, संपत्ति गिरवी होने पर किरायेदार के अधिकार अलग रहते हैं। eviction प्रक्रियाओं के लिए किरायेदारी अधिनियम के अनुरूप कदम उठाए जाते हैं।

क्या अदालती फैसले के खिलाफ अपील संभव है?

हाँ, उपयुक्त न्यायालय में दी गई डिक्री के विरुद्ध अपील या संशोधन संभव है। वकील निर्णय-प्रक्रिया समझाते हैं।

गिरवी निष्कासन के लिए कितना समय लगता है?

यह मामला-परिस्थिति पर निर्भर है। सामान्यतः कुछ महीनों से एक साल तक की प्रक्रिया लग सकती है, अदालतों के कार्रवाइयों पर निर्भर।

क्या मैं खुद प्रक्रिया के दौरान अदालत का लचीला विकल्प चुन सकता/सकती हूँ?

कभी-कभी mediation, negotiation या समय-सीमा बढ़ाने के अनुरोध मददगार होते हैं। एक वकील सही विकल्प सुझाएगा।

कौन से दस्तावेज आवश्यक होते हैं?

जमीन-खतौनी, ऋण-पत्र, Notice पत्र, और संपत्ति के सर्वे-मान जैसे दस्तावेज सबसे जरूरी होते हैं।

गिरवी निष्कासन में tranh-रोक कैसे मदद करता है?

आमतौर पर अदालतें status-quo रोक या injunction जारी कर सकती हैं ताकि संपत्ति या किरायेदार की स्थिति सुरक्षित रहे।

5. अतिरिक्त संसाधन

गिरवी निष्कासन से संबंधित प्रमुख संसाधन और संगठन Ahmedabad क्षेत्र के लिए:

  • Ahmedabad District Legal Services Authority (DLSA) - मुफ्त कानूनी सहायता और नागरिक-हित समाधान सेवाएँ प्रदान करता है।
  • Gujarat State Legal Services Authority (GSLSA) - राज्य स्तर पर कानूनी सहायता और शिक्षण कार्यक्रम चलाता है।
  • National Legal Services Authority (NALSA) - राष्ट्रीय स्तर पर कानूनी सहायता और वकालतन सहयोग प्रोग्राम संचालित करता है।

6. अगले कदम

  1. अपनी स्थिति की समीक्षा करें और सभी ऋण-सम्बन्धित दस्तावेज एकत्र करें।
  2. Ahmedabad के अनुभवी foreclosure वकालत/कानूनी सलाहकार से initial consultation लें।
  3. किस कानून-मार्ग (TOT, CPC Order 34 या SARFAESI) से मामला चलेगा, यह स्पष्ट करें।
  4. कानूनी रणनीति, लागत-अनुमान और समय-रेखा पर निर्णय लें।
  5. नोटिस का त्वरित और सही जवाब दें, आवश्यकतानुसार किस्त-सम्बन्धी समाधान या अदालत में प्रतिवाद दाखिल करें।
  6. प्रक्रिया के दौरान mediation या वैकल्पिक विवाद-समाधान पर विचार करें यदि संभव हो।
  7. ऑनलाइन बैंक-धन-वसूली और ई-नीलामी प्रक्रियाओं के बारे में अद्यतन जानकारी रखें।
आधिकारिक स्रोत:

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