भारत में सर्वश्रेष्ठ कानूनी कदाचार वकील

अपनी ज़रूरतें हमारे साथ साझा करें, कानूनी फर्मों से संपर्क प्राप्त करें।

मुफ़्त। 2 मिनट लगते हैं।

या शहर चुनकर अपनी खोज परिष्कृत करें:

begur and partners
मुंबई, भारत

1996 में स्थापित
English
बेगुर एंड पार्टनर्स, पूर्व में एआरए लॉ के नाम से जाना जाता था, 1996 में स्थापित एक गतिशील प्रथम-पीढ़ी की विधिक फर्म है,...
पुणे, भारत

English
ऋषभ गांधी एंड एडवोकेट्स (आरजीएए) पुणे, भारत में स्थित एक बहु-विषयक विधिक फर्म है, जो विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक...
Borkar & Company Advocates High Court
मुंबई, भारत

English
बोरकर एंड कंपनी एडवोकेट्स हाई कोर्ट एक मुंबई स्थित लॉ फर्म है जिसका चार पीढ़ियों से समृद्ध विरासत है। इस फर्म की...
LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

15 minutes मुफ़्त परामर्श
रांची, भारत

2016 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
English
Hindi
Welcome to the Law Chamber of Advocate Rajveer Singh, Advocate Rajveer Singh is an Advocate and Registered Trademark Attorney with over 8 years of experience in Supreme Court of India, High Courts and District Courts. With a robust practice spanning multiple domains, we offer comprehensive...
सूरत, भारत

2016 में स्थापित
English
अक्टूबर 2016 में स्थापित, प्रोबोनो इंडिया एक अग्रणी मंच है जो देश भर में कानूनी सहायता और जागरूकता पहलों को एकीकृत...
Payne & Associates
मुंबई, भारत

2009 में स्थापित
उनकी टीम में 50 लोग
Hindi
English
अबाउटहम स्वयं को एक कानूनी फर्म के रूप में परिचित कराने का अवसर लेते हैं, जो सभी प्रकार के सिविल और आपराधिक मामलों...
Angad Haksar Law Firm
जयपुर, भारत

English
अंगद हक्सार लॉ फर्म भारत में कानूनी विशेषज्ञता के अग्रणी पटल पर स्थित है, जो व्यापक व्यावसायिक कानूनी समाधान...
SARVE PERMITS AND LEGAL ADVISORY  PVT. LTD.
बेंगलुरु, भारत

2008 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
English
Hindi
Bengali
Panjabi
Bihari
Gujarati
Sanskrit (Saṁskṛta)
क्या आप कानूनी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं जो आपको रातों को जगाती हैं? हमारे व्यापक लॉ फर्म की ओर देखें जो सभी...
कोलकाता, भारत

English
डी. साहा एंड कंपनी, जो चार दशकों से अधिक समय पहले दिवंगत एस. जी. साहा, कोलकाता उच्च न्यायालय के अधिवक्ता द्वारा...
Mhatre Law Associates
मुंबई, भारत

English
म्हात्रे लॉ असोसिएट्स (एमएलए) भारत में एक बहु-सेवा विधिक फर्म है, जो उद्यमों, निगमों, निर्माण कंपनियों और...
जैसा कि देखा गया

1. भारत में कानूनी कदाचार कानून का संक्षिप्त अवलोकन

कानूनी कदाचार का अर्थ वकील-गण द्वारा नियत आचार-आचरण नियमों का उल्लंघन है। भारत में यह व्यवस्था Advocates Act, 1961 और बार काउंसिल के नियमों द्वारा संचालित होती है। अदालतों के आदेशों की अवहेलना, धोखाधड़ी, हित-सम्बन्ध का टकराव, फजीफर्जी दाखिलियाँ आदि को दण्ड-योग्य माना जाता है।

बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) और राज्य बार काउंसिल इस मामले में सबसे ऊँचे नियामक हैं। शिकायत मिलने पर अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू होती है और सजा में डिपर्वेशन, फाइन, या लाइसेंस-रद्दीकरण तक का प्रावधान है।

“The Bar Council of India is the regulatory body which prescribes the ethics and professional conduct of advocates.”
“Section 35 of the Advocates Act, 1961 empowers the appropriate Bar Council to take disciplinary action for professional misconduct.”

ध्यान दें कि कानूनी कदाचार एक नैतिक-आचार-व्यवहार से जुड़ा क्षेत्र है, न कि एक साधारण नागरिक-निगमन का मामला। व्यावसायिक कदाचार के मामलों में साक्ष्य, सुनवाई और ऊँचा मान-दंड लागू होते हैं।

स्रोत: Bar Council of India, Advocates Act, 1961 के संहिता-आधारित प्रावधान; official पन्ने एवं अधिसूचनाएँ

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है

नीचे दिए गए 4-6 विशिष्ट परिदृश्य में कानूनी कदाचार से बचाव या उचित समाधान पाने के लिए वकील की मदद आवश्यक हो सकती है।

  • धन-घोष-योजनाओं या फंड-हस्तांतरण में अनुचित व्यवहार-यदि वकील आपके फंड का प्रयोग गलत तरीके से करता है या गबन का शक हो, तो कानूनी सलाह और शिकायत-प्रक्रिया आवश्यक हो सकती है।

  • हित-सम्बन्ध-विरोधी कार्य-सेवा-एक ही मामले में प्रतिवादी-प्रतिभागी के साथ एक ही वकील का प्रतिनिधित्व किया जाना, तो निष्पक्षता के नियम टूटने की संभावना पर कदम उठाने चाहिए।

  • दस्तावेजों में जालसाजी या गलत-प्रस्तुति-दस्तावेजों का गलत गठन, कथन-भ्रम या फर्जीवाड़ा होने पर शिकायत एवं वैधानिक कार्रवाई आवश्यक है।

  • देर-से दाखिले या निष्पादन-अपनों की वजह से हानि- विस्तार-में देरी से आपके अधिकार खतरे में पड़ते हों, तो वैधानिक अधिकार-उद्धार हेतु वकील की भूमिका अहम रहती है।

  • अनुचित फीस-चार्जिंग- अनुचित और अस्पष्ट शुल्क, अनुचित बकाया और बिलिंग-घालमेल के मामले में क्लाइंट-की-रक्षा हेतु कानूनी परामर्श आवश्यक है।

  • न्यायालय के आदेश-उल्लंघन- वकील द्वारा अदालत के निर्देशों का सम्मान न करना या गलत-रिप्रेजेंटेशन से नुकसान

ये परिस्थितियाँ सामान्य हैं और भारतीय न्याय-प्रणाली में बार काउंसिल के माध्यम से हल की जाती हैं। शिकायत दर्ज करने से पहले सत्यापन आवश्यक है कि उल्लंघन प्रहरी-नियम के दायरे में आता है।

3. स्थानीय कानून अवलोकन

  • Advocates Act, 1961- वकीलों के पंजीयन, अनुशासन, और पेषण-गुण-आचार के लिए मूल कानून है। सेक्शन 35 professional misconduct को दंड-योग्य मानता है।

  • Bar Council of India Rules on Professional Conduct and Etiquette- वकीलों के आचरण, रिकॉर्ड-रजिस्ट्रेशन और क्लाइंट-कम्यूनीकेशन के मानक सेट करते हैं।

  • State Bar Councils Rules- प्रत्येक राज्य के भीतर अनुशासन-प्रक्रिया, शिकायत-निवारण और पंजीयन-प्रक्रिया नियंत्रित करते हैं; उदाहरण के लिए दिल्ली, महाराष्ट्र आदि के नियम अलग-थलग हो सकते हैं।

उद्धरण:

“Professional ethics and conduct are the core of advocacy as mandated by the Bar Council of India.”
“The Advocates Act, 1961 provides power to Bar Councils to take disciplinary action for professional misconduct.”

आधिकारिक स्रोत जिनसे आप आगे पढ़ सकते हैं-BCI, NLAS और SC के निर्देश:

Bar Council of India: https://barcouncilofindia.org/
National Legal Services Authority: https://nalsa.gov.in/
Supreme Court of India: https://www.sci.gov.in/

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कानूनी कदाचार क्या है?

यह वह स्थिति है जब एक वकील आचार-आचरण नियमों का उल्लंघन करता है। बार काउंसिल इसे 'प्रोफेशनल मिसकंडक्ट' मानती है। इससे अदालत, क्लाइंट या न्याय-प्रक्रिया पर प्रभाव पड़ सकता है।

कौन शिकायत कर सकता है?

क्लाइंट, अदालत, या अन्य वकील शिकायत कर सकते हैं। बार काउंसिल के पास स्वतः संज्ञान लेने का अधिकार भी रहता है।

मामला कैसे शुरू होता है?

शिकायत लिखित रूप में दी जाती है। बार काउंसिल आयुक्त-समिति से जाँच कराती है और सुनवाई का अवसर देता है।

कौन-सी सजा मिल सकती है?

सजा के स्तर में चेतावनी, फाइन, कार्य-स्थगन, तब तक के लिए अभ्यास-निलंबन, या लाइसेंस-रद्दीकरण शामिल हो सकता है।

क्या मैं वकील पर मानहानि दावा कर सकता हूँ?

हां, कानूनी कदाचार के साथ-साथ नागरिक-शकायतों के आधार पर देय क्षतिपूर्ति के लिए अदालत में दावा किया जा सकता है, पर यह विशेष परिस्थितियों पर निर्भर है।

फीस-सम्बन्धी विवाद कैसे निपटते हैं?

शुरुआती स्टेप में बैक-अप कॉन्ट्रैक्ट-एग्रीमेंट के प्रावधान देखें। शिकायत के बाद बार-को-आधारित-नियमन के अनुसार कमीश्न-प्रोसीजर चलती है।

क्या शिकायत में समय-सीमा है?

आमतौर पर शिकायतें कुछ वर्षों के भीतर दायर करनी चाहिए; हालांकि परिस्थिति के अनुसार समय-सीमा में छूट मिल सकती है।

क्या अदालत मेरे पक्ष में निष्पादन-निर्णय देगी?

नहीं, यह पंक्तियाँ केवल आचार-आचरण से जुड़ी हैं। अदालत के निर्णय-विवेक के साथ सम्‍बन्धित मामलों में उचित तरजीह दी जाती है।

मामला किस कोर्ट में जाएगा?

भारतीय प्रणाली में राज्य बार काउंसिल-स्तर पर सुनवाई होती है; उच्च न्यायालय में अपील-प्रक्रिया भी सम्भव है।

कैसे पता करें कि मेरे वकील का रिकॉर्ड साफ है?

आप बार काउंसिल की वेब-लिस्ट, प्रमाण-पत्र, और क्लाइंट-फीडबैक से जाँच कर सकते हैं। प्रमाण-पत्र और पंजीयन स्क्रीनिंग अहम होते हैं।

क्या अदालत और बार-को-इंस्टीट्यूशन के पास अलग-अलग अधिकार होते हैं?

हां, अदालतों का न्याय-कार्य है, जबकि बार-को-इंस्टीट्यूशन आचार-आचरण और संस्थागत अनुशासन तय करते हैं।

क्या मैं अपनी शिकायत के परिणाम से संतुष्ट नहीं हूँ?

हाँ, आप उच्च अदालत में अपील/समानांतर चरणों के माध्यम से समीक्षा-पर्शद कर सकते हैं या आधिकारिक मानक-निधियों के अनुसार अन्य मार्ग चुन सकते हैं।

5. अतिरिक्त संसाधन

  • Bar Council of India (BCI) - केंद्रीय नियामक संस्था, व्यावसायिक आचरण नियम और पंजीकरण से सम्बन्धित। https://barcouncilofindia.org/
  • National Legal Services Authority (NALSA) - कानूनी सहायता और जागरूकता कार्यक्रम; https://nalsa.gov.in/
  • Supreme Court of India - उच्च न्यायालय के निर्णय और संकेत; https://www.sci.gov.in/

6. अगले कदम

  1. अपने मामले का संक्षिप्त विवरण दर्ज करें-क्यों, कब, किसके खिलाफ, और क्या नुकसान हुआ।
  2. प्रमाण एकत्र करें-करार-नकल, बिल, फीस-चोरी के दस्तावेज आदि।
  3. स्थानीय बार काउंसिल से मदद लें-कौन-सा नियम लागू है और किस विभाग में शिकायत दर्ज करें?
  4. कानूनी सलाह लें-किस प्रकार के दावे उपयुक्त हैं और कितने समय में कार्रवाई संभव है।
  5. शिकायत दाखिल करें-आवेदन कैसे और कहाँ जमा करना है, उसकी प्रक्रिया समझें।
  6. जाँच और सुनवाई के समय-सीमा पर नजर रखें-समर्थन-पत्र और प्रत्यक्ष-समझौता विकल्प पर विचार करें।
  7. यदि संतुष्टि नहीं मिलती-उच्च न्यायालय में अपील/रिक्लेमेशन के विकल्प देखें और विशेषज्ञ वकील से परामर्श करें।

Lawzana आपको योग्य कानूनी पेशेवरों की चयनित और पूर्व-जाँच की गई सूची के माध्यम से भारत में में सर्वश्रेष्ठ वकील और कानूनी फर्म खोजने में मदद करता है। हमारा प्लेटफ़ॉर्म अभ्यास क्षेत्रों, कानूनी कदाचार सहित, अनुभव और ग्राहक प्रतिक्रिया के आधार पर तुलना करने की अनुमति देने वाली रैंकिंग और वकीलों व कानूनी फर्मों की विस्तृत प्रोफ़ाइल प्रदान करता है।

प्रत्येक प्रोफ़ाइल में फर्म के अभ्यास क्षेत्रों, ग्राहक समीक्षाओं, टीम सदस्यों और भागीदारों, स्थापना वर्ष, बोली जाने वाली भाषाओं, कार्यालय स्थानों, संपर्क जानकारी, सोशल मीडिया उपस्थिति, और प्रकाशित लेखों या संसाधनों का विवरण शामिल है। हमारे प्लेटफ़ॉर्म पर अधिकांश फर्म अंग्रेजी बोलती हैं और स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों कानूनी मामलों में अनुभवी हैं।

भारत में में शीर्ष-रेटेड कानूनी फर्मों से उद्धरण प्राप्त करें — तेज़ी से, सुरक्षित रूप से, और बिना अनावश्यक परेशानी के।

अस्वीकरण:

इस पृष्ठ पर दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और कानूनी सलाह नहीं है। हम सामग्री की सटीकता और प्रासंगिकता सुनिश्चित करने का प्रयास करते हैं, लेकिन कानूनी जानकारी समय के साथ बदल सकती है, और कानून की व्याख्या भिन्न हो सकती है। आपको अपनी स्थिति के लिए विशिष्ट सलाह हेतु हमेशा एक योग्य कानूनी पेशेवर से परामर्श करना चाहिए।

हम इस पृष्ठ की सामग्री के आधार पर की गई या न की गई कार्रवाइयों के लिए सभी दायित्व को अस्वीकार करते हैं। यदि आपको लगता है कि कोई जानकारी गलत या पुरानी है, तो कृपया contact us, और हम उसकी समीक्षा करेंगे और जहाँ उचित हो अपडेट करेंगे।

भारत में शहर द्वारा कानूनी कदाचार कानूनी फर्म ब्राउज़ करें

शहर चुनकर अपनी खोज परिष्कृत करें।

अररिया में कानूनी कदाचार वकील अहमदाबाद में कानूनी कदाचार वकील इंदौर में कानूनी कदाचार वकील उदयपुर में कानूनी कदाचार वकील एर्नाकुलम में कानूनी कदाचार वकील औरंगाबाद में कानूनी कदाचार वकील कन्नूर में कानूनी कदाचार वकील कानपुर में कानूनी कदाचार वकील कोझिकोड में कानूनी कदाचार वकील कोलकाता में कानूनी कदाचार वकील गया में कानूनी कदाचार वकील गिरिडीह में कानूनी कदाचार वकील गोड्डा में कानूनी कदाचार वकील गोपালगंज में कानूनी कदाचार वकील चंडीगढ़ में कानूनी कदाचार वकील चेन्नई में कानूनी कदाचार वकील जमतारा में कानूनी कदाचार वकील जमशेदपुर में कानूनी कदाचार वकील जम्मू में कानूनी कदाचार वकील जयपुर में कानूनी कदाचार वकील जलंधर में कानूनी कदाचार वकील ठाणे में कानूनी कदाचार वकील दार्जीलिंग में कानूनी कदाचार वकील दिल्ली में कानूनी कदाचार वकील दुमका में कानूनी कदाचार वकील देवघर में कानूनी कदाचार वकील धनबाद में कानूनी कदाचार वकील नया दिल्ली में कानूनी कदाचार वकील नवादा में कानूनी कदाचार वकील नोएडा में कानूनी कदाचार वकील पटना में कानूनी कदाचार वकील पुणे में कानूनी कदाचार वकील प्रयागराज में कानूनी कदाचार वकील बक्सर में कानूनी कदाचार वकील बलिया में कानूनी कदाचार वकील बांकुरा में कानूनी कदाचार वकील बिहार शरीफ़ में कानूनी कदाचार वकील बेंगलुरु में कानूनी कदाचार वकील बेगूसराय में कानूनी कदाचार वकील बोकारो स्टील सिटी में कानूनी कदाचार वकील भोपाल में कानूनी कदाचार वकील मधुबनी में कानूनी कदाचार वकील मधेपुरा में कानूनी कदाचार वकील मुंगेर में कानूनी कदाचार वकील मुंबई में कानूनी कदाचार वकील मेदिनीनगर में कानूनी कदाचार वकील मोतीहारी में कानूनी कदाचार वकील मोहानिया में कानूनी कदाचार वकील रांची में कानूनी कदाचार वकील राउरकेला में कानूनी कदाचार वकील राजकोट में कानूनी कदाचार वकील रामगढ़ में कानूनी कदाचार वकील रायपुर में कानूनी कदाचार वकील लखनऊ में कानूनी कदाचार वकील लुधियाना में कानूनी कदाचार वकील लोहरदगा में कानूनी कदाचार वकील वाराणसी में कानूनी कदाचार वकील समस्तीपुर में कानूनी कदाचार वकील सहरसा में कानूनी कदाचार वकील साहिबगंज में कानूनी कदाचार वकील सिकंदराबाद में कानूनी कदाचार वकील सिवान में कानूनी कदाचार वकील सीतामढ़ी में कानूनी कदाचार वकील सुपौल में कानूनी कदाचार वकील सूरत में कानूनी कदाचार वकील हज़ारीबाग में कानूनी कदाचार वकील हैदराबाद में कानूनी कदाचार वकील