दिल्ली में सर्वश्रेष्ठ मज़दूरी और घंटे वकील

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GNK Law Associates
दिल्ली, भारत

2016 में स्थापित
उनकी टीम में 50 लोग
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दिल्ली के सर्वश्रेष्ठ वकीलजीएनके एडवोकेट एंड सॉलिसिटर, अपने विशिष्ट कानून क्षेत्रों के अभ्यासरत वकीलों और...
Vidhiśāstras-Advocates & Solicitors
दिल्ली, भारत

2011 में स्थापित
English
विधिशास्त्र - अधिवक्ता एवं सलिसिटर, 2011 में श्री आशीष दीप वर्मा द्वारा स्थापित, भारत में एक प्रतिष्ठित विधिक फर्म है...
LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

15 minutes मुफ़्त परामर्श
दिल्ली, भारत

2016 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
English
Hindi
Welcome to the Law Chamber of Advocate Rajveer Singh, Advocate Rajveer Singh is an Advocate and Registered Trademark Attorney with over 8 years of experience in Supreme Court of India, High Courts and District Courts. With a robust practice spanning multiple domains, we offer comprehensive...
Lead India Law Associates
दिल्ली, भारत

2000 में स्थापित
उनकी टीम में 50 लोग
Hindi
English
हमारे बारे मेंलीड इंडिया लॉ प्राइवेट लिमिटेड (लीड इंडिया) भारत में सबसे भरोसेमंद, प्रतिष्ठित व विकासशील लॉ फर्म...
Samvad Partners
दिल्ली, भारत

2013 में स्थापित
उनकी टीम में 150 लोग
English
Samvād: Partners एक पूर्ण-सेवा भारतीय कानून फर्म है जिसकी बैंगलोर, चेन्नई, हैदराबाद, मुंबई और नई दिल्ली में कार्यालय हैं। हम...
Kochhar & Co.
दिल्ली, भारत

1994 में स्थापित
उनकी टीम में 50 लोग
Hindi
English
ओवरव्यूकोचर एंड को. (“फर्म”) भारत के प्रमुख कॉर्पोरेट लॉ फर्मों में से एक है।नई दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरू, चेन्नई,...
जैसा कि देखा गया

Delhi, India में Wage & Hour कानून के बारे में

Wage & Hour से जुड़े नियम Delhi के उन उद्योगों और establishments पर लागू होते हैं जहाँ कर्मी वेतन के दायरे में आते हैं। यह क्षेत्रन्द्रीय एवं स्थानीय कानूनों का संगम है, जिनमें भुगतान की समयसीमा, न्यूनतम वेतन और काम के घंटे शामिल हैं। दिल्ली में labour department की निगरानी के साथ संस्थाओं को इन कानूनों का पालन करना अनिवार्य है।

Code on Wages, 2019 consolidates the law relating to wages into a single code.
यह केंद्रीय स्तर पर वेतन से जुड़े कानूनों को एक जगह लाने की पहल है, ताकि अनुपालन सरल हो। India Code से Code on Wages, 2019 की जानकारी देखी जा सकती है।

दिल्ली में न्यूनतम वेतन, भुगतान ki गति-शीर्षक और घंटे के नियम राज्य-स्तर पर प्रभावी होते हैं, पर कुछ मामलों में संघीय कानून भी लागू होते हैं। दिल्ली-शॉप्स एंड एस्टैब्लिशमेंट्स एक्ट, 1954 और फैक्टर्स एक्ट, 1948 जैसी स्थानीय तथा केंद्रीय धारणाएं काम के घंटे और वेतन से जुड़े प्रावधान तय करती हैं।

आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है

नीचे Delhi से जुड़े वास्तविक-परिदृश्यों के आधार पर 4-6 स्थितियाँ दी जा रही हैं जहाँ कानूनी सलाह जरूरी है:

  • दिल्ली के किसी रिटेल स्टोर या horeca प्रतिष्ठान में न्यूनतम वेतन के भुगतान में देरी या कमी हो रही हो।
  • कर्मचारियों के वेतन से गलत कटौतियाँ किए जाने, भत्तों के नुकसान या ओवरटाइम के भुगतान में कमी हो रही हो।
  • कर्मियों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा हो और शिकायत के बावजूद सुधार न हो रहा हो।
  • वर्कर-स्तर पर वर्गीकरण (कर्मचारी बनाम आकस्मिक/प्रोबेशनरी) के आधार पर वेतन अंतर स्पष्ट किया जा रहा हो।
  • दिल्ली के एक फैक्टरी या औद्योगिक प्रतिष्ठान में काम के घंटे और ओवरटाइम के नियम का उल्लंघन हो रहा हो।
  • वेतन-चिट्ठी, पेड-लीव, या बोनस लिंक्ड भुगतान में कानूनी सहायता की जरूरत हो, खासकर जब बोनस कानून लागू हों।

ये स्थितियाँ वास्तविक अनुबंधों, मुद्दों और शिकायतों के साथ Delhi Labour Department के समक्ष अक्सर आती हैं। यदि आप इनमें से किसी स्थिति में फंसें, तो एक अनुभवी advokat या legal consultant से मिलना उचित है ताकि उचित कार्रवाई और उचित समयरेखा तय हो सके।

“Minimum Wages Act, 1948 provides for fixation and revision of minimum wages for different employments.”
यह केंद्रीय प्रावधान Delhi में लागू क्षेत्रों पर भी लागू होता है। Ministry of Labour & Employment की आधिकारिक वेबसाइट पर मजदूरी से जुड़े नियमों की जानकारी मिलती है।

स्थानीय कानून अवलोकन

Delhi के Wage & Hour संरचना में मुख्यतः ये 2-3 स्तर के कानून प्रभावी रहते हैं:

  1. Minimum Wages Act, 1948 - Delhi में अलग-अलग रोजगार वर्गों के लिए न्यूनतम वेतन निर्धारित करता है और समय-समय पर संशोधन होता है।
  2. Delhi Shops and Establishments Act, 1954 - Delhi के शॉप्स, स्टोर और establishments में काम के घंटे, ओवरटाइम, छुट्टियाँ और वेतन-समय पर भुगतान के नियम निर्धारित करता है।
  3. Factories Act, 1948 - दिल्ली के फैक्ट्रियों में कार्य के घंटे, ओवरटाइम, सुरक्षा व अन्य शर्तों को नियंत्रित करता है।

इन कानूनों के अलावा Code on Wages, 2019 का उद्देश्य वेतन से जुड़े कई पूर्व कानूनों को एक(Code) में समेकित करना है। दिल्ली में इसे लागू बनाने के लिए केंद्रीय तथा राज्य सरकार की आधिकारिक अधिसूचनाओं का पालन किया जाएगा। India Code पर Code on Wages, 2019 का मूल पाठ देखें।

आमतौर पर पूछे जाने वाले प्रश्न

Wage और salary में क्या फर्क है?

Wage आमतः वेतन का वह भाग है जो प्रतिदिन अथवा प्रतिमाह दिया जाता है और समय पर दिया जाना अनिवार्य होता है। Salary सामान्यतः मासिक वेतन-धारक होता है जो स्थिर रहता है। Delhi में दोनों पर न्यूनतम वेतन और ओवरटाइम नियम लागू हो सकते हैं।

Wages कब तक और कैसे देनी चाहिए?

Payment of Wages Act के अनुसार वेतन को समय पर, सामान्यतः महीने के भीतर भुगतान करना चाहिए। Delhi में अक्सर 7 दिन के भीतर वेतन का भुगतान मानक माना गया है, पर वस्तुस्थिति के अनुसार अलग हो सकता है।

Minimum Wages कैसे तय होते हैं?

Minimum Wages Act 1948 के अनुसार रोजगार के प्रकार के अनुसार अलग-अलग श्रेणी के लिए न्यूनतम वेतन तय किया जाता है। Delhi सरकार समय-समय पर इसे संशोधित करती है।

ओवरटाइम कैसे गणना होता है?

उच्चतम कानूनों के अनुसार ओवरटाइम वह समय है जो सामान्य काम के घंटों से अधिक हो। Delhi में ओवरटाइम दरें संबंधित कानूनों और अनुबंध की शर्तों से निर्धारित होती हैं।

किस-किस प्रकार के deductions की अनुमति है?

वेतन से केवल कानूनी और अनुचित नहीं भी जा सकने वाले कटौतियाँ की जा सकती हैं; जैसे Provident Fund, TDS आदि, पर बिना कर्मचारी की सहमति अनैतिक कटौतियाँ सामान्यतः नहीं होनी चाहिए।

कंपनी ने वेतन-लेख (pay-slips) देना बंद कर दिया है, क्या करू?

Pay-slips देना एक सामान्य अधिकार है। Delhi Labour Department या स्थानीय अधिकारी से शिकायत कर सकते हैं और वेतन-लेख के अनुरोध के साथ अद्यतन देय जाएगा।

मेरे साथ गलत क्लासिफिकेशन हो रहा है क्या करूँ?

यदि आपको नियमित कर्मचारी माना जाना चाहिए था और अस्थायी/प्रोबेशनरी वर्ग दिया गया है, तो यह Wage & Hour आवंटन का मसला बन सकता है। अधिकारिक प्रावधानों के अनुसार यह स्थिति चुनौती योग्य है।

क्या बोनस के बारे में कानूनी सहायता मिल सकती है?

اگر बोनस Act 1965, और अन्य संबंधित कानून Delhi में लागू होते हैं, तो बोनस के भुगतान के लिए नियम तय होते हैं। आपको अधिकारिक मार्गदर्शन चाहिए।

कौन से दस्तावेज जरूरी होंगे?

नेट वेतन पर्ची, नियुक्ति पत्र, कार्य-घंटों का रिकॉर्ड, ओवरटाइम रिकॉर्ड, कटौतियों के प्रमाण जैसे दस्तावेज रखना लाभदायक रहता है।

क्या मैं नियोक्ता के खिलाफ सीधे अदालत जा सकता हूँ?

हाँ, आप क्षेत्रीय Labour Court या Industrial Tribunal के समक्ष दावा कर सकते हैं। परन्तु पहले विकल्प के तौर पर शिकायत निवारण के लिए Labour Department से संपर्क करना बेहतर है।

दिल्ली में 2-3 लोकप्रिय वकील/कानूनी सलाहकार क्यों जरूरी हैं?

क्योंकि wage & hour कानून जटिल है और स्थानीय नियमों का अध्ययन आवश्यक होता है। एक अनुभवी advokat Delhi-specific नियमों और रिकॉर्ड-प्रकिया में मार्गदर्शिता दे सकता है।

नए कानून से कौन-कौन लाभ मिलेंगे?

Code on Wages के कारण वेतन के नियम अधिक स्पष्ट, समेकित और कर्मियों के खाते में सुधार की उम्मीद है। प्रभावी अनुपालन से विवाद कम होंगे।

अतिरिक्त संसाधन

ये 3 सरकारी और संगठित संस्थान Wage & Hour मामलों में उपयोगी जानकारी, नेविगेशन और सहायता प्रदान करते हैं:

  • Delhi Labour Department - Delhi के लेबर कानूनों के अनुपालन के लिए आधिकारिक स्रोत। वेबसाइट
  • Ministry of Labour & Employment, Government of India - Wage, ओवरटाइम और अन्य श्रम नियमों की केंद्रीय जानकारी। वेबसाइट
  • Labour Bureau, Government of India - वेतन-आंकड़े, मैनेजमेंट और मानकीकरण से जुड़ी रिपोर्टें। वेबसाइट

अगले कदम

  1. अपनी समस्या स्पष्ट करें और सभी वेतन सम्बन्धी रिकॉर्ड इकट्ठा करें।
  2. दिल्ली-आधारित Wage & Hour विशेषज्ञ वकील या कानूनी सलाहकार खोजें।
  3. पहली परामर्श के लिए आवश्यक प्रश्न और दस्तावेज साथ लेकर जाएँ।
  4. कानूनी रणनीति, फीस संरचना और संभावित परिणामों पर समझौता करें।
  5. Labour Department से प्रारम्भिक शिकायत दर्ज़ करें यदि जरूरी हो।
  6. पूर्व अनुभव, केस स्टडी और उपलब्ध समयरेखा पर विचार करें।
  7. आवश्यक हो तो उचित court/tribunal में अगला कदम उठाएं।

“Code on Wages, 2019 consolidates the law relating to wages into a single code.”

“Minimum Wages Act, 1948 provides for fixation and revision of minimum wages for different employments.”

“Payment of Wages Act, 1936 requires timely payment of wages to employees.”

उपरोक्त उद्धरणों के लिए आधिकारिक स्रोत देखें: India Code और Ministry of Labour & Employment.

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