दिल्ली में सर्वश्रेष्ठ नागरिक और मानव अधिकार वकील

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Shivam Legal Services
दिल्ली, भारत

2019 में स्थापित
उनकी टीम में 5 लोग
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हम अनुभव और नई ऊर्जा का मिश्रण लेकर अनेक मुकदमों और पैरालीगल सेवाओं के क्षेत्रों में कार्यरत हैं। हम नागरिक,...
Vidhiśāstras-Advocates & Solicitors
दिल्ली, भारत

2011 में स्थापित
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विधिशास्त्र - अधिवक्ता एवं सलिसिटर, 2011 में श्री आशीष दीप वर्मा द्वारा स्थापित, भारत में एक प्रतिष्ठित विधिक फर्म है...
LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

15 minutes मुफ़्त परामर्श
दिल्ली, भारत

2016 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
English
Hindi
Welcome to the Law Chamber of Advocate Rajveer Singh, Advocate Rajveer Singh is an Advocate and Registered Trademark Attorney with over 8 years of experience in Supreme Court of India, High Courts and District Courts. With a robust practice spanning multiple domains, we offer comprehensive...
जैसा कि देखा गया

1. Delhi, India में नागरिक और मानव अधिकार कानून का संक्षिप्त अवलोकन

दिल्ली, भारत के नागरिक और मानव अधिकार कानून देश के संविधान से संचालित होते हैं। दिल्ली-शासित क्षेत्र होने के कारण कुछ विषय केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार के बीच साझा नियंत्रण में आते हैं।

मुख्य अधिकारों में समानता, स्वतंत्रता, जीवन-जीवन- सुरक्षा शामिल हैं; Delhi में ये अधिकार अदालतों के माध्यम से संरक्षित रहते हैं।

The Constitution of India guarantees certain fundamental rights to all citizens, such as equality before law and equal protection of laws.

- Constitution of India, Article 14

To provide free and competent legal services to the weaker sections of society.

- National Legal Services Authority (NALSA)

The Commission shall perform such functions as it deems necessary to protect and promote human rights.

- National Human Rights Commission, India

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है

Delhi, India से जुड़े नागरिक और मानव अधिकार मामलों में आप सामान्यतः कानूनी सलाहकार की मदद लेते हैं। नीचे 4-6 वास्तविक-जीवन परिदृश्य दिए गए हैं जिनमें वकील आवश्यक हो सकता है।

  • घरेलू हिंसा, दहेज या घरेलू Violence के मामले में सुरक्षा-आदेश और संरक्षण प्रमाण-पत्र के लिए।
  • दिल्ली Rent Control Act 1958 के तहत किरायेदार- मकान मालिक विवादों में उचित किराया-नियमन एवं eviction-से जुड़ी जाँच।
  • धूरी-छेड़छाड़, ऑनलाइन उत्पीड़न या डेटा प्राइवेसी के उल्लंघन पर शिकायत दायर करने के लिए डिपोर्टिंग और सुरक्षा उपायों की जरूरत।
  • किशोर, बच्चों के पालन-पोषण या अभिभावक-स्वामित्व से जुड़े अधिकारों के मामले में कोर्ट-चरण की सहायता।
  • कानून-निगरानी के तहत धार्मिक या लैंगिक भेदभाव की शिकायतों में दलीलें बनाने के लिए कानूनी रणनीति।
  • सरकारी या जिला स्तर पर विधिक सहायता (Legal Aid) पाने के लिए उचित मार्गदर्शन और पक्ष-विपक्षी प्रक्रियाओं में प्रैक्टिकल सलाह।

3. स्थानीय कानून अवलोकन

  • दिल्ली Rent Control Act, 1958 - दिल्ली में किरायेदारी संबंधी विवादों के लिए मूल कानून है। यह किरायेदार-स्वामित्व के बीच किराया, eviction, और tenancy सुरक्षा निर्धारित करता है।
  • Protection of Women from Domestic Violence Act, 2005 (PWDVA) - घरेलू हिंसा के पीड़ित महिलाओं के लिए सुरक्षा-ऑर्डर, आश्रय, वित्तीय सहायता आदि के प्रावधान देता है।
  • Sexual Harassment of Women at Workplace Act, 2013 (POSH) - कामकाजी महिलाओं के प्रति यौन अभद्रता के विरुद्ध रोकथाम, शिकायत-निवारण और सुरक्षा के प्रावधान देता है।

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली में नागरिक और मानव अधिकार कानून क्या है?

ये कानून भारत के संविधान, केंद्र और दिल्ली के अधिनियमों से मिलकर बनते हैं। नागरिकों को समान सुरक्षा, जीवन-स्वास्थ्य, स्वतंत्रता जैसे अधिकार मिलते हैं।

कौन से प्रकार की कानूनी सहायता मिल सकती है?

मुफ्त-या-सस्ते कानूनी सलाह, अदालत-में प्रतिनिधित्व, और अदालत से मिलने वाली कानूनी सेवाएं NalSA के प्रावधान के अनुसार मिल सकती हैं।

दिल्ली RTI कैसे काम करती है?

RTI के तहत आप सरकार से सूचना माँग सकते हैं; अपेक्षित उत्तर समय-सीमा में देना अनिवार्य है।

अगर मेरा मानव-अधिकार उल्लंघन हो रहा है तो मुझे क्या करना चाहिए?

पहले तथ्य-संग्रह करें, फिर स्थानीय उच्च-न्यायालय/न्यायिक-सहायता कार्यालय से सहायता लें; NHRC या NALSA की सलाह भी लाभकारी हो सकती है।

घरेलू हिंसा के मामले में मैं क्या कदम उठाऊँ?

PWDVA के अनुसार सुरक्षा-आदेश, निवास-स्थान से सुरक्षित संरक्षित स्थान, और आवश्यक कानूनी मार्गदर्शिका लें; एक वकील से संपर्क करें।

दिल्ली के workplace पर सभ्यताओं से जुड़ी शिकायत कैसे दर्ज करें?

POSH अधिनियम के अंतर्गत शिकायत दर्ज कराएं; संस्था-स्तर पर चयनित सेक्शन-6 के अनुसार आयोगिक प्रक्रिया शुरू होती है।

मैं कैसे सही वकील चुन सकता हूँ?

उच्च प्रतिष्ठित फर्म या विशेषज्ञता वाले एडवोकेट देखें; पूर्व-परामर्श लें; वार्ता में फीस, गुणवत्ता और उपलब्धता स्पष्ट करें।

दिल्ली में डेटा प्राइवेसी उल्लंघन पर क्या उपाय हैं?

निजी डेटा सुरक्षा के मुद्दे पर IT अधिनियम व निजता से जुड़े प्रावधान देखें; कानूनी सलाहकार से सुरक्षा-रणनीति बनवाएं।

बच्चों के अधिकारों के मामलों में क्या कदम उठते हैं?

किशोरों के लिए Guardianship, Custody, और Welfare के नियम लागू होते हैं; परिवार अदालत से मार्गदर्शन लें।

कानून-से जुड़ी किसी सहायता के लिए क्या प्राथमिक कदम हैं?

सबसे पहले केस-फैक्ट्स स्पष्ट करें, फिर प्रमाण इकट्ठा करें; स्थानीय विधिक सहायता प्रकोष्ठ से संपर्क करें।

यदि मैं बेरोजगारी या भेदभाव का सामना कर रहा हूँ?

भेदभाव से जुड़े नागरिक अधिकार के मामलों में कानून-परामर्श लें; अदालत-नजर से सही दलील और सबूत जुटाएं।

दिल्ली में ऑनलाइन उत्पीड़न के खिलाफ क्या करें?

उत्पीड़न के स्क्रीनशॉट, लिंक और संदेश सुरक्षित रखें; पुलिस-एफआईआर या न्यायालय-याचिका दाखिल करें; कानूनी सलाह लें।

5. अतिरिक्त संसाधन

  • National Human Rights Commission (NHRC) - मानव अधिकारों के उल्लंघन पर शिकायत और सलाह देता है। https://nhrc.nic.in
  • National Legal Services Authority (NALSA) - कमजोर वर्गों को मुफ्त/उचित कानूनी सेवाएं देता है। https://nalsa.gov.in
  • Delhi Commission for Women (DCW) - दिल्ली में महिला अधिकारों के संरक्षण के लिए निर्देश और सहायता उपलब्ध कराती है। https://dcw.gov.in

6. अगले कदम

  1. अपने केस के मुख्य अधिकार और उल्लंघन की प्रकृति स्पष्ट करें।
  2. दिल्ली में लागू विशिष्ट कानूनों की पहचान करें जो आपके मामले से संबंधित हों।
  3. कानूनी सहायता विकल्पों के लिए स्थानीय लॉयर्स, NGO और सार्वजनिक-धन से सलाह लें।
  4. पहला नि:शुल्क परामर्श शेड्यूल करें ताकि आप फीस, रणनीति और समय-रेखा समझ सकें।
  5. यदि संभव हो तो दायर-तथ्यों के साथ एक संक्षिप्त केस-नोट बनाएं।
  6. विश्वसनीय प्रमाण-संग्रह करें: दस्तावेज, फोटो, रिकॉर्ड और चश्मदीद बयान एकत्रित रखें।
  7. कानूनी प्रतिनिधित्व मिलने के बाद अगले कदमों के लिए वकील की पूर्ण-मार्गदर्शित योजना अपनाएं।

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