भारत में सर्वश्रेष्ठ लेनदार वकील

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Metro Law Firm
बेंगलुरु, भारत

2011 में स्थापित
English
2011 में स्थापित, मेट्रो लॉ फर्म को दक्षिण भारत के प्रमुख विधिक प्रथाओं में से एक के रूप में मान्यता प्राप्त है। फर्म...
DHAVAL VUSSONJI & ASSOCIATES
मुंबई, भारत

2013 में स्थापित
English
2013 में स्थापित, धवल वुस्सोंजी एंड एसोसिएट्स एक गतिशील पूर्ण-सेवा विधिक फर्म है जिसका मुख्यालय मुंबई, भारत में है,...
MythriLegal

MythriLegal

15 minutes मुफ़्त परामर्श
हैदराबाद, भारत

2019 में स्थापित
उनकी टीम में 25 लोग
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Telugu
Hindi
मिथ्री लीगल हैदराबाद, तेलंगाना में एक विश्वसनीय कानून फर्म है जो आपराधिक रक्षा, जमानत, परीक्षण, सिविल विवाद,...
AK Legal Consultants | Trusted Law Firm in Ahmedabad
अहमदाबाद, भारत

2024 में स्थापित
English
ए.के. लीगल कंसल्टेंट्स अहमदाबाद की एक विश्वसनीय लॉ फर्म है जो कॉर्पोरेट, वाणिज्यिक और सीमा-पार मामलों में व्यापक...
जयपुर, भारत

2018 में स्थापित
उनकी टीम में 11 लोग
English
The Legal Court जयपुर, राजस्थान, भारत में स्थित एक प्रतिष्ठित लॉ फर्म है, जो विभिन्न अभ्यास क्षेत्रों में व्यापक कानूनी...
Numen Law Offices
मुंबई, भारत

2019 में स्थापित
English
न्यूमेन लॉ ऑफिसेज़ भारत में एक विशिष्ट बहु-विषयक विधिक फर्म है, जो विवाद समाधान, कॉर्पोरेट परामर्श और आपराधिक...
Advocate Richa Agrawal

Advocate Richa Agrawal

15 minutes मुफ़्त परामर्श
रायपुर, भारत

2024 में स्थापित
उनकी टीम में 5 लोग
English
Hindi
रिचा अग्रवाल छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय और सभी जिला अदालतों की अधिवक्ता हैं। अधिवक्ता अग्रवाल सभी फ़ौजदारी मामलों,...
Kothari & Jain; Advocates & Law Advisors
पुणे, भारत

2020 में स्थापित
English
कोठारी एंड जैन; एडवोकेट्स एंड लॉ एडवाइज़र्स भारत का एक प्रतिष्ठित विधिक फर्म है, जो व्यापक विधिक विशेषज्ञता के...

English
घाटकोपर के स्थित मुनिर लीगल एसोसिएट को भारत में एक अग्रणी वकालत सेवा के रूप में पहचाना जाता है, जो आपराधिक कानून,...
Samvad Partners
चेन्नई, भारत

2013 में स्थापित
उनकी टीम में 150 लोग
English
Samvād: Partners एक पूर्ण-सेवा भारतीय कानून फर्म है जिसकी बैंगलोर, चेन्नई, हैदराबाद, मुंबई और नई दिल्ली में कार्यालय हैं। हम...
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1. भारत में लेनदार कानून के बारे में: भारत में लेनदार कानून का संक्षिप्त अवलोकन

भारत में लेनदार कानून ऋण चुकाने में असमर्थ होने पर ऋणदाता के अधिकार और प्रक्रियाओं को नियंत्रित करता है। प्रमुख लक्ष्य debt recovery और सुरक्षा हितों की रक्षा है। इन कानूनों के तहत बैंकों और वित्तीय संस्थाओं को ऋण वसूली के लिए वैधानिक मार्ग चुनने की अनुमति है।

IBC, SARFAESI और RDDBFI जैसे कानून ऋण की सजग निगरानी, वसूली प्रक्रियाओं और दिवालिया/ पुनर्गठन प्रक्रियाओं को संचालित करते हैं। नागरिकों के लिए यह समझना जरूरी है कि किन परिस्थितियों में कौन सा कानून लागू होता है और किस चरण पर क्या बचाव संभव है।

This Code may be called the Insolvency and Bankruptcy Code, 2016. It consolidates and amends the laws relating to reorganization and insolvency resolution of corporate persons, partnership firms and individuals.

स्रोत: Insolvency and Bankruptcy Board of India (IBBI)

An Act to provide for securitisation and reconstruction of financial assets and enforcement of security interest and for matters connected therewith or incidental thereto.

स्रोत: SARFAESI Act, 2002

An Act to provide for the relief and recovery of debts due to banks and financial institutions.

स्रोत: RDDBFI Act, 1993

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है: लेनदार कानूनी सहायता की आवश्यकता वाले 4-6 विशिष्ट परिदृश्य

  • देन-निर्देशन या नोटिस मिलने के बाद तुरंत वकील की सलाह लें। SARFAESI या IBC के अंतर्गत कदम उठाने से पहले सही कानूनी मार्ग चुनना जरूरी है।

  • कर्ज चुकाने से इनकार के बाद IBC के तहत कॉरपोरेट डिटर के पुनर्गठन या परिसमापन की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। टाटा स्टील, ऐसर स्टील जैसे मामलों में IBC का प्रयोग हुआ है।

  • NOA, NAC या Demand Notice मिलने पर बचाव के लिए उचित संहिता-प्रक्रिया समझना आवश्यक है ताकि फर्जी या गलत नोटिस से बचा जा सके।

  • secured loan में संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया SARFAESI के अनुसार शुरू हो सकती है; ऐसे कदमों के लिए वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन जरूरी है।

  • RDDBFI के अंतर्गत बैंकों एवं वित्तीय संस्थाओं द्वारा ऋण वसूली के लिए डिपार्टमेंटल वाद-प्रक्रिया की प्रकिया का सामना हो सकता है; यहाँ भी कानूनी सलाह आवश्यक है।

  • ऋण विवाद होने पर प्रमाणीकरण, साक्ष्य संकलन और निपटान के लिए अनुभवी वकील से मार्गदर्शन लाभकारी रहता है।

3. स्थानीय कानून अवलोकन: भारत में लेनदार को नियंत्रित करने वाले 2-3 विशिष्ट कानून

  • इन्सॉल्वेंसी एंड बैंक्रप्सी कोड, 2016 (IBC) - कॉरपोरेट पर्सन, पार्टनरशिप फर्म और व्यक्तिगत क्षतियों के पुनर्गठन और insolvency resolution के लिए मुख्य ढांचा प्रदान करता है।

  • सरफेसई (SARFAESI) अधिनियम, 2002 - डिफॉल्ट के बाद secured asset की possession और security interest के enforcement के लिए विशेष प्रावधान देता है।

  • डेब्ट रिकवरी डिज ड्यू टू बैंक्स एंड फाइनेंशियल इंस्टिट्यूशंस अधिनियम, 1993 (RDDBFI) - बैंकों और वित्तीय संस्थाओं के ऋणों की वसूली के लिए ऋण-निर्णय और वाद-प्रक्रियाओं को क्रमबद्ध करता है।

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लेनदार कौन है?

लेनदार वह व्यक्ति या संस्था है जो आपको ऋण या देय राशि का हकदार है। बैंक, NBFC, क्रेडिट यूनियन या अन्य वित्तीय संस्थान हो सकते हैं।

मुझे debt notice मिलने पर क्या करना चाहिए?

नोटिस मिलने पर उसे ध्यान से पढ़ें और जीरो-जरूरी जानकारी एकत्र करें। एक प्रमाणित वकील से तुरंत सलाह लें ताकि गलत कदम न उठें।

IBC क्या है और कब लागू होता है?

IBC एक वैधानिक ढांचा है जो ऋण-सम्पादन और पुनर्गठन प्रक्रियाओं को समयबद्ध बनाता है। कॉरपोरेट और व्यक्तियों पर यह समान रूप से लागू हो सकता है।

SARFAESI के अंतर्गत संपत्ति कब्त और enforcement कैसे होता है?

यह Act default के पश्चात secured asset की possession लेने और उसे sale के माध्यम से recover करने की प्रक्रिया देता है। कोर्ट द्वारा प्रक्रिया नियंत्रित रहती है।

RDDBFI Act के तहत ऋण वसूली कैसे होती है?

RDDBFI बैंकों और वित्तीय संस्थाओं को ऋण recovery के लिए विशेष अदालतें और तंत्र देता है। बेहतर लाभ के लिए debt dispute के समय कानूनी सलाह आवश्यक है।

क्या मैं debt disputed होने पर राहत पाऊँगा?

हाँ, disputing debts के आधार पर आप वकील से इन-चाहे defense और evidence सक्षम कर सकते हैं, जैसे पेमेन्ट रिकॉर्ड, चेक बाउंस आदि।

क्या मैं IBC के तहत पुनर्गठन या प्रसंस्करण के लिए आवेदन कर सकता हूँ?

यदि ऋण-धनी कंपनी या व्यवसाय कॉरपोरेट डिटर है, तो IBC के CIRP के माध्यम से पुनर्गठन या परिसमापन संभव है। समय-सीमा का पालन करना जरूरी है।

क्या डिफॉल्टर को गिरफ्तार किया जा सकता है?

किसी भी ऋण मामले में गिरफ्तारी सामान्यतः आतंक-उत्पादन के आधार पर नहीं होती। अदालतों और कानून- व्यवस्था के अनुसार कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जाता है।

क्या मुझे स्टे मिला सकता है?

कुछ स्थितियों में कोर्ट स्टे दे सकता है, खासकर जब रक्षा आवश्यक हो या प्रोसीजरल चूकों पर रोक जरूरी हो।

कानूनी सहायता लेते समय मुझे किन दस्तावेजों की जरूरत पड़ेगी?

परिचय-पत्र, ऋण का प्रमाण पत्र, नोटिस, चेक-डिटेल, पेमेन्ट रेकॉर्ड, संबंधित correspondence आदि जुटाकर रखना चाहिए।

कौन सा मार्ग सबसे सरल है: negotiation, settlement या कानूनी केस?

आपके केस की प्रकृति पर निर्भर है। कई बार creditor के साथ आप settlement या out-of-court arrangements से बेहतर परिणाम प्राप्त कर लेते हैं।

मैं अपने हक कैसे सुरक्षित रख सकता हूँ?

कानूनी दस्तावेजों की सही प्रतिलिपि, उचित प्रतिक्रिया समय सीमा, और वैधानिक निरीक्षण से आप अपने हक सुरक्षित रख सकते हैं।

क्या debt के बारे में सूचना क्रेडिट ब्यूरो में दर्ज होती है?

हाँ, कई मामलों में क्रेडिट-बीरो सूचना दर्ज होते हैं। इसके प्रभाव से क्रेडिट स्कोर पर असर पड़ सकता है और पुनर्भुगतान योजना बनानी पड़ सकती है।

5. अतिरिक्त संसाधन

  1. IRBI - Insolvency and Bankruptcy Board of India. ऋण वसूली और पुनर्गठन से जुड़े दिशानिर्देशों के लिए आधिकारिक साइट:

    https://www.ibbi.gov.in

  2. DRT - Debt Recovery Tribunal. ऋण वसूली के विशेष ट्रिब्यूनल. आधिकारिक साइट:

    https://www.drt.gov.in

  3. RBI - Reserve Bank of India. बैंकिंग रेगुलेशन और debt collection guidelines. आधिकारिक साइट:

    https://www.rbi.org.in

6. अगले कदम: लेनदार वकील खोजने के लिए 5-7 चरणीय प्रक्रिया

  1. अपने केस की प्रकृति स्पष्ट करें जैसे IBC, SARFAESI या RDDBFI आदि।

  2. कई अनुभवी कानून Firms से initial consultation का निशुल्क अथवा कम शुल्क का लाभ लें।

  3. कॉन्टैक्ट करें और उनसे पिछले मामलों के परिणाम, फीस-फॉर्मैट और अपेक्षित समय जानें।

  4. एजेंट, चैरिटेबल या रेट-कार्ड्स के माध्यम से अनुभव और रिव्यू चेक करें।

  5. कानूनी स्टेटमेंट, क्लाइंट-फीडबैक और सफलता-रेट के आधार पर चयन करें।

  6. कानून की रणनीति, फीड-की-फीस और अनुमानित खर्च स्पष्ट-समझौते में नोट करें।

  7. दस्तावेज संकलन कर एक सूची बनाएं ताकि advogado से स्पष्ट जानकारी मिल सके।

Lawzana आपको योग्य कानूनी पेशेवरों की चयनित और पूर्व-जाँच की गई सूची के माध्यम से भारत में में सर्वश्रेष्ठ वकील और कानूनी फर्म खोजने में मदद करता है। हमारा प्लेटफ़ॉर्म अभ्यास क्षेत्रों, लेनदार सहित, अनुभव और ग्राहक प्रतिक्रिया के आधार पर तुलना करने की अनुमति देने वाली रैंकिंग और वकीलों व कानूनी फर्मों की विस्तृत प्रोफ़ाइल प्रदान करता है।

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