भारत में सर्वश्रेष्ठ सामान्य मुकदमेबाजी वकील

अपनी ज़रूरतें हमारे साथ साझा करें, कानूनी फर्मों से संपर्क प्राप्त करें।

मुफ़्त। 2 मिनट लगते हैं।

या शहर चुनकर अपनी खोज परिष्कृत करें:

Priya Gupta Advocate
पटना, भारत

2009 में स्थापित
उनकी टीम में 5 लोग
English
मुकदमें और विवाद सामान्य मुकदमेबाजी विवाद निवारण एवं पूर्व-न्यायिक कार्रवाई +4 और
2009 में स्थापित, प्रिया गुप्ता एडवोकेट पटना स्थित एक प्रमुख विधिक फर्म है, जो समय पर, रचनात्मक और लागत-कुशल कानूनी...
Solomon & Co.
मुंबई, भारत

1909 में स्थापित
उनकी टीम में 75 लोग
English
French
Hindi
Marathi (Marāṭhī)
मुकदमें और विवाद सामान्य मुकदमेबाजी एडीआर मध्यस्थता और पंचाट +6 और
फर्म विभिन्न प्रकार के क्लाइंट्स का प्रतिनिधित्व करती है, जिसमें घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कंपनियां, सरकारी निकाय,...
Law House
कोलकाता, भारत

1984 में स्थापित
English
लॉ हाउस, जिसकी स्थापना 1984 में हुई थी, कोलकाता, भारत में स्थित एक प्रमाणित और बांडेड लॉ फर्म है जो कानूनी सेवाओं की...
Das Legal Advocates
कोलकाता, भारत

2014 में स्थापित
English
Das Legal Advocates, कोलकाता, भारत में स्थित, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दोनों ग्राहकों को व्यापक कानूनी सेवाएं प्रदान करता...
UBR LEGAL ADVOCATES
मुंबई, भारत

2015 में स्थापित
English
यूबीआर लीगल एडवोकेट्स, जिसकी स्थापना 12 जून 2015 को मैनेजिंग पार्टनर श्री भरत रैचंदानी के नेतृत्व में की गई थी, भारत...
INDUSLAW Bengaluru
बेंगलुरु, भारत

2000 में स्थापित
उनकी टीम में 50 लोग
Hindi
English
हमारे बारे मेंINDUSLAW एक भारतीय लॉ फर्म है जो ग्राहकों को उनके लेनदेन संबंधी लक्ष्यों, व्यावसायिक रणनीतियों और...
SARVE PERMITS AND LEGAL ADVISORY  PVT. LTD.
बेंगलुरु, भारत

2008 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
English
Hindi
Bengali
Panjabi
Bihari
Gujarati
Sanskrit (Saṁskṛta)
क्या आप कानूनी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं जो आपको रातों को जगाती हैं? हमारे व्यापक लॉ फर्म की ओर देखें जो सभी...
A&A Legal
कोझिकोड, भारत

English
A&A लीगल भारत की एक प्रतिष्ठित लॉ फर्म है, जो विभिन्न संगठनात्मक क्षेत्रों में वैधानिक अनुपालन सुनिश्चित करने के...
SLC Partners & Associates
पटना, भारत

English
SLC पार्टनर्स एंड एसोसिएट्स भारत में एक प्रमुख लॉ फर्म के रूप में उभरा है, जो आपराधिक न्याय, तलाक कानून और ट्रायल...
जैसा कि देखा गया

भारत सामान्य मुकदमेबाजी वकीलों द्वारा उत्तरित कानूनी प्रश्न

हमारे 1 कानूनी प्रश्न ब्राउज़ करें सामान्य मुकदमेबाजी के बारे में भारत में और वकीलों के उत्तर पढ़ें, या मुफ़्त में अपने प्रश्न पूछें.

मालिक सुरक्षा राशि नहीं दे रहा है
नागरिक मुक़दमा सामान्य मुकदमेबाजी
मेरे मकान मालिक ने पिछले महीने का किराया ले लिया और कुछ दिनों के बाद सुरक्षा जमा राशि देने का वादा किया, लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया वह अत्यधिक मांग करता रहा और कहता है कि वह मेरी राशि नहीं दे सकता।
वकील का उत्तर D.H.Associates द्वारा

वकील के माध्यम से कानूनी नोटिस भेजें।

पूरा उत्तर पढ़ें
1 उत्तर

1. भारत में सामान्य मुकदमेबाजी कानून के बारे में: भारत में सामान्य मुकदमेबाजी कानून का संक्षिप्त अवलोकन

भारत में सामान्य मुकदमेबाजी कानून नागरिक दावों के निपटान के लिए एक सुव्यवस्थित प्रक्रिया है. यह अदालतों में दायरियाँ, बचाव, साक्ष्य और निर्णय तक के चरण निर्धारित करता है. उद्देश्य है न्याय को समय पर, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाना.

मुख्य कानून में CPC 1908, Indian Evidence Act 1872 और Limitation Act 1963 प्रमुख हैं. CPC दायर करने, जवाब दाखिल करने, साक्ष्य के नियम और अपील के चरण तय करता है. Evidence Act साक्ष्यों की योग्यता और प्रमाणिकता निर्धारित करता है. Limitation Act दावों की समय-सीमा तय करता है ताकि पूर्व-प्रकरणों का दायरा स्पष्ट रहे.

जिला अदालतों से उच्च न्यायालय और सुप्रीम कोर्ट तक न्यायिक संरचना है. सामान्य दावे जिला अदालतों में सुनते हैं, जबकि कुछ मामलों में अपीलीय समीक्षा उच्च न्यायालयों में होती है. आज के समय में इलेक्ट्रॉनिक दाखिल-खत्म, ऑनलाइन केस स्टेटस और ADR पर जोर बढ़ रहा है.

“An Act to consolidate the laws relating to the procedure of civil courts.”
“An Act to consolidate the law for the limitation of actions.”

आधिकारिक स्रोतों के अनुसार कोर्ट-प्रक्रिया की यह मूल रचना है, जो नागरिक विवादों के त्वरित और न्यायकुशल समाधान पर केंद्रित है. नीचे दी गई उद्धरण-रचना से पाठकों को प्रमुख धाराओं की पहचान آسان होगी. नागरिक मुकदमेबाजी से जुड़ी हाल की डिजिटलीकरण पहल भी इसे प्रभावित कर रही हैं.

नीचे के अनुभाग किसी भी स्थिति में स्थानीय वकील या कानूनी सलाहकार से व्यक्तिगत सलाह की जगह नहीं लेते हैं. कानून किसी क्षेत्र और तथ्य-स्थिति के अनुसार भिन्न हो सकता है.

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है: सामान्य मुकदमेबाजी कानूनी सहायता की आवश्यकता वाले 4-6 विशिष्ट परिदृश्यों की सूची बनाएं। भारत से संबंधित वास्तविक उदाहरण दें

कई बार सामान्य मुकदमेबाजी में अनुभवी कानूनी सलाह की जरूरत पड़ती है ताकि आप सही ढंग से अधिकार-रक्षा कर सकें. एक वकील आपके दावों की वैधता, दाखिले के समय, और दायित्वों के अनुरूप मार्गदर्शन दे सकता है. नीचे कुछ प्रमुख परिदृश्य दिए गए हैं जिन्हें एक कानूनी सलाहकार संभवतः बेहतर तरीके से संभाल सकता है.

  • उदाहरण 1 - अनुबंध-विवाद और बकाया भुगतान: एक महाराष्ट्र-आधारित सप्लायर ने क्लाइंट से 20 लाख रुपये भुगतान नहीं पाया. ऐसे मामलों में एक कानूनी सलाहकार उचित plaint तैयार कर दे सकता है और अग्रिम कार्रवाई की रणनीति बता सकता है.
  • उदाहरण 2 - संपत्ति और किरायेदारी विवाद: दिल्ली में किरायेदारी अनुबंध से संबद्ध विवाद में eviction- या possession के मसले उभरते हैं. एक अधिवक्ता फर्जी दस्तावेज़-उद्धरण रोकने के लिए आवश्यक साक्ष्यों के साथ केस संहिता बनाते हैं.
  • उदाहरण 3 - ऋण-सम्बन्धी दावे: एक निजी लोन डील के बाद borrower repayment नहीं करता. वकील debt recovery suit, garnishee notice और आवश्यक डॉक्यूमेंट तैयार कर सकते हैं.
  • उदाहरण 4 - मानहानि या गलत प्रचार: किसी व्यवसाय की ऑनलाइन प्रतिष्ठा प्रभावित होती है. कानूनी सलाहकार CIVIL damages claim, injunctive relief और प्रासंगिक प्रमाण-पत्र तैयार करने में मदद करता है.
  • उदाहरण 5 - बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) विवाद: किसी ट्रेडमार्क के अवरोध पर civil suit दायर होता है. अधिवक्ता तुरंत अग्रिम राहत के लिए injunction petition और प्रमाण-समहति प्रस्तुत करते हैं.

इन परिदृश्यों में एक स्थानीय वकील की भूमिका केस-डायरेक्शन, तात्कालिक दस्तावेज़ी माँगों, समय-सीमा पर धारणाओं और अदालत की प्रक्रियाओं को समझाने की होती है. यह न केवल तर्क-संरचना को मजबूत करता है, बल्कि कोर्ट में उपस्थिति के समय स्पष्टता भी बढ़ाता है.

3. स्थानीय कानून अवलोकन: भारत में सामान्य मुकदमेबाजी को नियंत्रित करने वाले 2-3 विशिष्ट कानूनों का नाम से उल्लेख करें

Code of Civil Procedure, 1908 (CPC) सामान्य मुकदमेबाजी के समस्त चरणों के नियम देता है. यह शिकायत दायर करने से लेकर निर्णय, अपील और संशोधित आदेश तक की प्रक्रिया निर्धारित करता है.

Indian Evidence Act, 1872 साक्ष्यों की स्वीकरण-योग्यता, प्रस्तुति और मूल्यांकन के नियम तय करता है. यह कोर्ट के लिए निर्णय में कौन से प्रमाण मान्य होंगे, यह निर्धारित करता है.

Limitation Act, 1963 दावों की समय-सीमा निर्धारित करता है. यह बताता है कि किस अवधि के भीतर दाम-कायर दायर किया जाना चाहिए और किस अवस्था में outside time barred हो सकता है.

इन कानूनों के साथ Transfer of Property Act 1882 और Specific Relief Act 1963 जैसे कानून भी सामान्य मुकदमेबाजी में योगदान करते हैं. लेकिन ऊपर तीन कानून सामान्य मुकदमेबाजी की मुख्य धुरी माने जाते हैं.

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या सामान्य मुकदमेबाजी नागरिक मामले हैं?

हाँ. यह गैर--criminal disputes को न्यायालय में हल करने के लिए है, जैसे अनुबंध, संपत्ति, देय-धन, और निज-हानि आदि.

क्या मैं खुद मुकदमा फाइल कर सकता हूँ?

हाँ। अपितु सलाहकार के साथ मिलकर दावों की संरचना और साक्ष्यों को मजबूत करना बेहतर होता है. अदालतें उचित तर्क और स्पष्ट प्रमाण चाहती हैं.

कौन से न्यायालय में मामला दायर किया जाएगा?

यह तथ्य-स्थिति और क्षेत्रीय-क्षेत्राधिकार पर निर्भर करता है. आम तौर पर निजी दावों के लिए जिला न्यायालय उचित हैं; कुछ मामलों में हाई कोर्ट या सिविल रजिस्ट्रार का क्षेत्र निर्धारित होता है.

plaint के लिए किन चीजों की जानकारी चाहिए?

Plaint में पक्ष-नाम, पता, दावे का तात्पर्य, cause of action, तथ्य-घटनों की क्रमानुसार सूची, relief sought, और अदालत-स्थल जैसे विवरण चाहिए.

कौन से दस्तावेज जरूरी हैं?

अनुबंध, रसीदें, चेक-इस्तिहार, पंजीकरण दस्तावेज, title deeds, correspondence आदि आवश्यक पन्ने होते हैं. ये सभी सामग्री मामले की प्रकृति पर निर्भर करती है.

मैं अपने वकील को कैसे खोज सकता हूँ?

स्थानीय बार-एजेंसी, क्लिनिक, साथी व्यापारियों से रेफरेंसेस लें. ऑनलाइन निर्देशिकाओं पर देखें, और पहले मुलाकात में अनुभव, विशेषज्ञता और फीस स्पष्ट करें.

मुकदमे की लागत कैसे तय होती है?

कानूनी सलाहकार की फीस, कोर्ट-फी, प्रभावी दस्तावेज-खर्च और औपचारिक शुल्क शामिल होते हैं. लागत केस-गुणा पर निर्भर करती है.

क्या मैं mediation या arbitration द्वारा भी समाधान पा सकता हूँ?

हाँ. कई बार अदालत के पूर्व-शर्तों के साथ mediation और arbitration उपयुक्त होते हैं. विशेषकर कॉन्ट्रैक्ट-डिसप्यूट में ADR से समय और खर्च बच सकता है.

क्या मुझे अदालत के हर सुनवाई में उपस्थित होना होगा?

आमतौर पर सुनवाई के क्रमिक शेड्यूल के अनुसार उपस्थित होना आवश्यक है. अगर आप unable हों तो बिशेष मौके पर lawyer से अनुरोध किया जा सकता है.

क्या मैं अपने केस की स्थिति ऑनलाइन देख सकता हूँ?

हाँ. National Judicial Data Grid (NJDG) और eCourts प्लेटफॉर्म पर केस-स्टेटस जाँच संभव है. यह पारदर्शिता बढ़ाने के लिए है.

क्या मैं अपने केस के साथ समय-सीमा बढ़ाने (extension) मांग सकता हूँ?

हाँ, अनुमति मिलने पर extension दिया जा सकता है. यह औपचारिक आवेदन और कोर्ट-आदेश पर निर्भर है.

क्या पहले से-फैसला (settlement) संभव है?

बिलकुल. न्यायिक प्रक्रिया शुरू होने से पहले या बीच-बीच में Settlement के माध्यम से विवाद हल हो सकता है. यह आमतौर पर खर्च और समय बचाता है.

ADR के बारे में अधिक जानकारी कहाँ मिल सकती है?

NALSA, बार काउंसिल, राज्य विधि-निर्माता और अदालत के ADR-सेल द्वारा जानकारी मिलती है. अदालतें भी ADR-प्रक्रियाओं को प्रोत्साहित करती हैं.

5. अतिरिक्त संसाधन

नीचे सामान्य मुकदमेबाजी से संबंधित विश्वसनीय सरकारी संसाधन दिए गए हैं:

  • National Legal Services Authority (NALSA) - नागरिक-न्याय सहायता के लिए सूचना और सेवाएं: https://nalsa.gov.in
  • eCourts (National Judicial Data Grid के लिए मुख्य पोर्टल) - ऑनलाइन केस-स्टेटस और सूचना: https://ecourts.gov.in/
  • Bar Council of India - वकीलों के पंजीकरण और प्रमाणन के बारे में जानकारी: https://barcouncilofindia.org

6. अगले कदम: सामान्य मुकदमेबाजी वकील खोजने के लिए 5-7 चरणीय प्रक्रिया

  1. अपने विरुद्ध विवाद की स्पष्ट प्रकृति निर्धारित करें: अनुबंध, संपत्ति, देय-धन आदि क्या है.
  2. प्राथमिक दस्तावेजों का संकलन करें: समझौते, रसीदें, पंजीकरण, correspondence आदि.
  3. क्षेत्राधिकार और अदालत-सम्बन्धी प्रकृति समझें: किस कोर्ट में दायर करना उचित है?
  4. स्थानीय वकीलों से संपर्क करें: रेफरेंसेस, बार-एजेंसी, ऑनलाइन निर्देशिका आदि से खोजें.
  5. पहली परामर्श के लिए मीटिंग निर्धारित करें: अनुभव, सफलता-स्तर और फीस स्पष्ट दें.
  6. फीस-निर्धारण और retainer agreement समझें: आवेदन-फीस, कार्य-घंटे, और बाह्य खर्च समझ लें.
  7. कानूनी रणनीति पर सहमति बनाएं: plaint की संरचना, साक्ष्य-योजना और पूर्व-निवारण कदम तय करें.

Lawzana आपको योग्य कानूनी पेशेवरों की चयनित और पूर्व-जाँच की गई सूची के माध्यम से भारत में में सर्वश्रेष्ठ वकील और कानूनी फर्म खोजने में मदद करता है। हमारा प्लेटफ़ॉर्म अभ्यास क्षेत्रों, सामान्य मुकदमेबाजी सहित, अनुभव और ग्राहक प्रतिक्रिया के आधार पर तुलना करने की अनुमति देने वाली रैंकिंग और वकीलों व कानूनी फर्मों की विस्तृत प्रोफ़ाइल प्रदान करता है।

प्रत्येक प्रोफ़ाइल में फर्म के अभ्यास क्षेत्रों, ग्राहक समीक्षाओं, टीम सदस्यों और भागीदारों, स्थापना वर्ष, बोली जाने वाली भाषाओं, कार्यालय स्थानों, संपर्क जानकारी, सोशल मीडिया उपस्थिति, और प्रकाशित लेखों या संसाधनों का विवरण शामिल है। हमारे प्लेटफ़ॉर्म पर अधिकांश फर्म अंग्रेजी बोलती हैं और स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों कानूनी मामलों में अनुभवी हैं।

भारत में में शीर्ष-रेटेड कानूनी फर्मों से उद्धरण प्राप्त करें — तेज़ी से, सुरक्षित रूप से, और बिना अनावश्यक परेशानी के।

अस्वीकरण:

इस पृष्ठ पर दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और कानूनी सलाह नहीं है। हम सामग्री की सटीकता और प्रासंगिकता सुनिश्चित करने का प्रयास करते हैं, लेकिन कानूनी जानकारी समय के साथ बदल सकती है, और कानून की व्याख्या भिन्न हो सकती है। आपको अपनी स्थिति के लिए विशिष्ट सलाह हेतु हमेशा एक योग्य कानूनी पेशेवर से परामर्श करना चाहिए।

हम इस पृष्ठ की सामग्री के आधार पर की गई या न की गई कार्रवाइयों के लिए सभी दायित्व को अस्वीकार करते हैं। यदि आपको लगता है कि कोई जानकारी गलत या पुरानी है, तो कृपया contact us, और हम उसकी समीक्षा करेंगे और जहाँ उचित हो अपडेट करेंगे।

भारत में शहर द्वारा सामान्य मुकदमेबाजी कानूनी फर्म ब्राउज़ करें

शहर चुनकर अपनी खोज परिष्कृत करें।

अंकलेश्वर में सामान्य मुकदमेबाजी वकील अररिया में सामान्य मुकदमेबाजी वकील अहमदाबाद में सामान्य मुकदमेबाजी वकील इंदौर में सामान्य मुकदमेबाजी वकील उदयपुर में सामान्य मुकदमेबाजी वकील एर्नाकुलम में सामान्य मुकदमेबाजी वकील औरंगाबाद में सामान्य मुकदमेबाजी वकील कटक में सामान्य मुकदमेबाजी वकील कन्नूर में सामान्य मुकदमेबाजी वकील कोझिकोड में सामान्य मुकदमेबाजी वकील कोटा में सामान्य मुकदमेबाजी वकील कोट्टयम में सामान्य मुकदमेबाजी वकील कोयम्बत्तूर में सामान्य मुकदमेबाजी वकील कोलकाता में सामान्य मुकदमेबाजी वकील कोल्हापूर में सामान्य मुकदमेबाजी वकील गया में सामान्य मुकदमेबाजी वकील गांधीनगर में सामान्य मुकदमेबाजी वकील गिरिडीह में सामान्य मुकदमेबाजी वकील गुवाहाटी में सामान्य मुकदमेबाजी वकील गोड्डा में सामान्य मुकदमेबाजी वकील गोपালगंज में सामान्य मुकदमेबाजी वकील ग्वालियर में सामान्य मुकदमेबाजी वकील चंडीगढ़ में सामान्य मुकदमेबाजी वकील चेन्नई में सामान्य मुकदमेबाजी वकील जबलपुर में सामान्य मुकदमेबाजी वकील जमतारा में सामान्य मुकदमेबाजी वकील जमशेदपुर में सामान्य मुकदमेबाजी वकील जम्मू में सामान्य मुकदमेबाजी वकील जयपुर में सामान्य मुकदमेबाजी वकील जलंधर में सामान्य मुकदमेबाजी वकील जोधपुर में सामान्य मुकदमेबाजी वकील झारग्राम में सामान्य मुकदमेबाजी वकील ठाणे में सामान्य मुकदमेबाजी वकील तिरुपूर में सामान्य मुकदमेबाजी वकील दार्जीलिंग में सामान्य मुकदमेबाजी वकील दिल्ली में सामान्य मुकदमेबाजी वकील दुमका में सामान्य मुकदमेबाजी वकील देवघर में सामान्य मुकदमेबाजी वकील देहरादून में सामान्य मुकदमेबाजी वकील धनबाद में सामान्य मुकदमेबाजी वकील नया दिल्ली में सामान्य मुकदमेबाजी वकील नवादा में सामान्य मुकदमेबाजी वकील नागपुर में सामान्य मुकदमेबाजी वकील नोएडा में सामान्य मुकदमेबाजी वकील पटना में सामान्य मुकदमेबाजी वकील पुणे में सामान्य मुकदमेबाजी वकील प्रयागराज में सामान्य मुकदमेबाजी वकील बक्सर में सामान्य मुकदमेबाजी वकील बलिया में सामान्य मुकदमेबाजी वकील बांकुरा में सामान्य मुकदमेबाजी वकील बिहार शरीफ़ में सामान्य मुकदमेबाजी वकील बीकानेर में सामान्य मुकदमेबाजी वकील बेंगलुरु में सामान्य मुकदमेबाजी वकील बेगूसराय में सामान्य मुकदमेबाजी वकील बोकारो स्टील सिटी में सामान्य मुकदमेबाजी वकील भिलाई में सामान्य मुकदमेबाजी वकील भुवनेश्वर में सामान्य मुकदमेबाजी वकील भोपाल में सामान्य मुकदमेबाजी वकील मदुरै में सामान्य मुकदमेबाजी वकील मधुबनी में सामान्य मुकदमेबाजी वकील मधेपुरा में सामान्य मुकदमेबाजी वकील मुंगेर में सामान्य मुकदमेबाजी वकील मुंबई में सामान्य मुकदमेबाजी वकील मुरादाबाद में सामान्य मुकदमेबाजी वकील मुवट्टुपुझा में सामान्य मुकदमेबाजी वकील मेदिनीनगर में सामान्य मुकदमेबाजी वकील मोतीहारी में सामान्य मुकदमेबाजी वकील मोहानिया में सामान्य मुकदमेबाजी वकील मोहाली में सामान्य मुकदमेबाजी वकील रांची में सामान्य मुकदमेबाजी वकील राउरकेला में सामान्य मुकदमेबाजी वकील राजकोट में सामान्य मुकदमेबाजी वकील रामगढ़ में सामान्य मुकदमेबाजी वकील रायपुर में सामान्य मुकदमेबाजी वकील लखनऊ में सामान्य मुकदमेबाजी वकील लखीमपुर में सामान्य मुकदमेबाजी वकील लोहरदगा में सामान्य मुकदमेबाजी वकील वडोदरा में सामान्य मुकदमेबाजी वकील वाराणसी में सामान्य मुकदमेबाजी वकील विजयवाड़ा में सामान्य मुकदमेबाजी वकील विशाखपट्टणम में सामान्य मुकदमेबाजी वकील श्रीनगर में सामान्य मुकदमेबाजी वकील समस्तीपुर में सामान्य मुकदमेबाजी वकील सहरसा में सामान्य मुकदमेबाजी वकील साहिबगंज में सामान्य मुकदमेबाजी वकील सिकंदराबाद में सामान्य मुकदमेबाजी वकील सिलीगुड़ी में सामान्य मुकदमेबाजी वकील सिवान में सामान्य मुकदमेबाजी वकील सीतामढ़ी में सामान्य मुकदमेबाजी वकील सुपौल में सामान्य मुकदमेबाजी वकील सुरेंद्रनगर में सामान्य मुकदमेबाजी वकील सूरत में सामान्य मुकदमेबाजी वकील हज़ारीबाग में सामान्य मुकदमेबाजी वकील हिसार में सामान्य मुकदमेबाजी वकील हैदराबाद में सामान्य मुकदमेबाजी वकील