भारत में सर्वश्रेष्ठ सामूहिक मुक़दमा वकील

अपनी ज़रूरतें हमारे साथ साझा करें, कानूनी फर्मों से संपर्क प्राप्त करें।

मुफ़्त। 2 मिनट लगते हैं।

या शहर चुनकर अपनी खोज परिष्कृत करें:

Priya Gupta Advocate
पटना, भारत

2009 में स्थापित
उनकी टीम में 5 लोग
English
मुकदमें और विवाद सामूहिक मुक़दमा विवाद निवारण एवं पूर्व-न्यायिक कार्रवाई +4 और
2009 में स्थापित, प्रिया गुप्ता एडवोकेट पटना स्थित एक प्रमुख विधिक फर्म है, जो समय पर, रचनात्मक और लागत-कुशल कानूनी...
LEXWORK
मुंबई, भारत

2000 में स्थापित
English
LEXWORK मुंबई, भारत में स्थित एक प्रतिष्ठित पूर्ण-सेवा विधिक फर्म है, जो विविध क्षेत्रों में व्यापक कानूनी विशेषज्ञता...
कोलकाता, भारत

English
सुमन कर्मकार, अधिवक्ता, भारत में एक प्रतिष्ठित विधिक फर्म है जो विभिन्न अभ्यास क्षेत्रों में व्यापक कानूनी...
MZM Legal
मुंबई, भारत

2005 में स्थापित
उनकी टीम में 50 लोग
Hindi
English
हमारे बारे मेंMZM लीगल एक पूर्ण-सेवा लॉ फर्म है, जिसमें मुंबई और नई दिल्ली से आधारित 55 वकीलों की समर्पित टीम है, जिसे...
HASAN AND SINGH
मुंबई, भारत

2011 में स्थापित
English
Hasan and Singh is a highly specialized Intellectual Property law firm advising Indian and international clients across the IP spectrum. Founded in 2011, the firm is anchored in integrity, technical and legal rigor, and builds long term client partnerships based on trust and predictable results. It...
बेंगलुरु, भारत

English
HSR & Associates एक बेंगलुरु स्थित विधिक फर्म है जो सिविल मुकदमेबाजी एवं विवाद समाधान पर केंद्रित है, जिसमें दुर्घटना...
Sejwani & Co- RERA
अहमदाबाद, भारत

1983 में स्थापित
English
Seजवानी एवं कंपनी-रेरा भारत की एक प्रतिष्ठित विधिक फर्म है, जो रियल एस्टेट कानूनी मामलों तथा व्यापक अधिवक्ता...
जलंधर, भारत

English
गोल्डहन लॉ फर्म एक भारत स्थित बहु-शहर विधिक अभ्यास है जो नागरिक, वाणिज्यिक और वकालत मामलों में कानूनी सेवाएं...
Giri Law Associates
पटना, भारत

English
गिरी लॉ एसोसिएट्स व्यापक प्रकार के मुकदमेबाज़ी और लेन-देन संबंधी सेवाएँ प्रदान करता है, जिसमें व्यापार और रियल...
CAEFA : Arbitration Law Firm
मुंबई, भारत

English
CAEFA, Brus Chambers, Advocates and Solicitors की एक विशेष शाखा, भारत में विशेष रूप से पंचाट कानून को समर्पित है। सॉलिसिटर पार्टनर सुश्री...
जैसा कि देखा गया

भारत में सामूहिक मुक़दमा कानून के बारे में

सामूहिक मुक़दमा का उद्देश्य एक समान हित वाले पक्षों को एक साथ न्यायिक दायरे में लाना है। भारत में इसे प्रतिनिधि-शीघ्रक रूप से किया जाता है ताकि समय, धन और प्रयास बच सके। प्रमुख औजारों में नागरिक प्रक्रिया अधिनियम के प्रावधान और क्षेत्र-विशिष्ट कानून शामिल हैं।

मुख्य ढांचा नागरिक मुक़दमे में प्रतिनिधि-कार्य के अधिकार को मान्यता देता है। इससे एक बड़े वर्ग के हितों की रक्षा एक साथ संभव होती है।

Code of Civil Procedure, Order 1 Rule 8: “Suit by one or more persons having the same interest may sue or defend as representative party.”
यह कम-प्रयास से न्याय पाने की राह खोलता है।

भारत में सामूहिक मुक़दमा के क्षेत्र-विशिष्ट रूप भी उभरे हैं, जैसे उपभोक्ता अधिकार, शेयर-हित-उल्लंघन आदि पर निर्णय। हाल के वर्षों में इन उपायों को अधिक प्रासंगिक बनाने के लिए कानूनों में संशोधन हुए हैं।

आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है

कई कारणों से सामूहिक मुक़दमा वकील की मदद आवश्यक बनाते हैं। नीचे भारत-विशिष्ट परिदृश्य देखें जिनमें सलाहकार की भूमिका अहम होती है।

  • उपभोक्ता समूह एक साथ शिकायत दर्ज करना चाहते हैं; उदाहरण के तौर पर एक मोबाइल डिवाइस के बार-बार फेल होने पर समूह-उपभोक्ता की राहत।
  • रियल एस्टेट प्रोजेक्ट में देरी और गलत-विकल्पों के खिलाफ एक बड़े समूह के हित होने पर क्लास-एक्शन जैसा मार्ग अपनाना।
  • शेयरहोल्डर सहित पक्षों के बीच Oppression and Mismanagement के दायरे में समूह-हित सुरक्षित करना हो।
  • बैंकिंग, बीमा या फाइनैंशियल सर्विसेज में मिस-सेलिंग या फ्रॉड के खिलाफ उपभोक्ता-समूह द्वारा एकसाथ दावा करना हो।
  • पर्यावरण-सम्बन्धी जन-हित के मामलों में PIL-उन्मुख प्रतिनिधित्व की जरूरत हो।
  • केंद्र या राज्य स्तर पर सरकारी-कार्य के दायरे में समूह-हित से जुड़ी शिकायतों को केंद्रित करना हो।

उच्च सफलता की संभावना के लिए अनुभवी पाठ-योजना, साक्ष्यों का समुचित संकलन और उपयुक्त न्यायालय/अनुसूचित संस्था के चयन में वकील की भूमिका निर्णायक रहती है।

उदाहरण-आधार पर लक्षित मार्गदर्शिका बनाते समय ध्यान दें कि कुछ मामलों में एक प्रतिनिधि कानून प्रवर्तक बन सकता है, जबकि कुछ में उपभोक्ता-समिति या निदेशालय-समन्ध कानून बेहतर हो सकता है।

स्थानीय कानून अवलोकन

भारतीय कानून में सामूहिक मुक़दमे के लिए कुछ प्रमुख कानून हैं। नीचे दो से तीन प्रमुख कानूनों का संक्षिप्त उल्लेख है।

  • Code of Civil Procedure, 1908 - Order 1 Rule 8 के अंतर्गत “एक ही हित वाले एक या अधिक व्यक्ति” को प्रतिनिधि-उद्धरण दायर करने की अनुमति है। यह मुख्य उपाय है जो सामूहिक मुक़दमे को कानूनी ढांचा देता है।
  • Companies Act, 2013 - sections 245-248 में oppression and mismanagement के विरुद्ध class action-स्तर के राहत-प्रावधान दिए गए हैं। यह कॉर्पोरेट समूहों में समान हितों के मामलों पर लागू होता है।
  • Consumer Protection Act, 2019 - उपभोक्ता समूह द्वारा “class action” के स्वरूप में शिकायत उठाने की व्यवस्था बनाता है ताकि समान शिकायतों का एक साथ निवारण संभव हो।

अन्य क्षेत्र-विशिष्ट उपायों में Real Estate (Regulation and Development) Act, 2016 (RERA) के अंतर्गत खरीदारों के समूह द्वारा शिकायतें तथा Public Interest Litigation के जरिये जन-हित-प्रधान समाधान शामिल हो सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सामूहिक मुक़दमा क्या है?

सामूहिक मुक़दमा एक ऐसा तरीका है जिसमें समान हित वाले कई व्यक्ति एक साथ अदालत में दावा कर सकते हैं। यह प्रतिनिधि-याचिका के माध्यम से किया जाता है।

कौन शामिल हो सकता है?

जो लोग समान हितों के कारण एक समूह बनाते हैं, वे प्रतिनिधि-याचिका दायर कर सकते हैं। देश-विशेष के अनुसार सदस्य, उपभोक्ता संघ, या शेयर-होलडर समूह शामिल होते हैं।

कहाँ दायर किया जा सकता है?

मुख्य अदालतों में CPC Order 1 Rule 8 के अंतर्गत प्रतिनिधि-याचिका दायर हो सकती है। व्यवसायिक मामलों में NCLT या उपयुक्त अदालतों का चयन भी हो सकता है।

कौन सी जानकारियाँ ज़रूरी हैं?

हितधारकों के प्रमाण, समूह-हित के समान तथ्य, घटनाक्रम की तिथियाँ और सबूतों का संकलन बहुत जरूरी है।

मैं बाद में अपने साथियों को शामिल कर सकता/सकती हूँ?

हाँ, यदि वे समूह के समान हित साझा करते हैं, तो वे भी क्लास-एक्शन में शामिल हो सकते हैं, पर अदालत की मंजूरी आवश्यक हो सकती है।

कौन सा कानून लागू होता है?

यह मामले पर निर्भर करता है। नागरिक प्रक्रिया अधिनियम, कंपनियाँ अधिनियम और उपभोक्ता सुरक्षा कानूनों के अनुसार प्रक्रिया और उपचार अलग होते हैं।

कर्मी-खर्च क्या होता है?

कानूनी फीस, पेशेवर नोटिस, शोध और दस्तावजी खर्च शामिल होते हैं। कुछ हिस्सों में गरीब-आय वालों के लिए मुफ्त-लीगल-एड (NALSA) उपलब्ध है।

क्या यह PIL के समान है?

PIL जन-हित में हो सकता है, पर सामूहिक मुक़दमा एक निर्धारित समूह के हितों के लिए होता है। दोनों के उद्देश्य समान हो सकते हैं, लेकिन कानूनी रूपरेखा भिन्न है।

किस प्रकार के सबूत आवश्यक होते हैं?

समूह-हित के प्रमाण, अनुबंध, देय-खर्च और दावों के दस्तावेज आवश्यक होते हैं।

कब तक परिणाम मिलता है?

उत्तराधिकार और जटिलता पर निर्भर है। कभी कुछ माह तो कभी कई साल लग जाते हैं, पर अदालतें निश्चित मानक समय-सीमा तय करती हैं।

क्या यह सरकार के विरुद्ध हो सकता है?

हाँ, यदि शासन-निर्णय या सरकारी संस्था के विरुद्ध समान हित का दावा हो तो मामला दायर किया जा सकता है।

क्या मैं एक वकील के बिना क्लास-एक्शन जा सकता हूँ?

संभावना है पर अनुशंसित नहीं। अनुभवी वकील से मार्गदर्शन लेने पर सफलता की संभावना बढ़ती है।

कहाँ से शुरू करें?

सबसे पहले समान हितों का समूह बनाएं, फिर कागजात और प्रमाण जुटाएं; फिर उपयुक्त अदालत/गृह-सेवा में कदम उठाएं।

अतिरिक्त संसाधन

नीचे 3 विशिष्ट संगठन हैं जो सामूहिक मुक़दमा और उपभोक्ता अधिकारों से जुड़ी जानकारी, सहायता या लिंक प्रदान करते हैं।

  1. National Legal Services Authority (NALSA) - मुफ्त कानूनी सहायता और मार्गदर्शन के लिए आधिकारिक संस्था। वेबसाइट: https://nalsa.gov.in/
  2. Consumer Voice - उपभोक्ता अधिकारों के लिए जागरूकता और संसाधन उपलब्ध कराती एक प्रमुख संस्था। वेबसाइट: https://www.consumervoice.org.in/
  3. CUTS International - नीति-विकास और उपभोक्ता-हित से जुड़े कार्यक्रमों के लिए एक वैश्विक गैर-सरकारी संगठन। वेबसाइट: https://www.cuts.org/

इन संस्थाओं के जरिए आप कानूनी सहायता, मार्गदर्शन और सामूहिक मुक़दमा से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

अगले कदम

  1. अपने समूह के हितों का स्पष्ट वर्णन करें और सदस्य-सूची बनाएं।
  2. कौन सा कानून लागू होगा, इसका प्रथम आकलन करें - CPC Order 1 Rule 8 या सेक्शन 245-248 आदि।
  3. कानूनी सहायता के लिए NALSA या स्थानीय लॉ फर्म से संपर्क करें।
  4. समूह के लिए एक मुख्य प्रतिनिधि/पार्टिसिपेंट चुने जाएँ; उनसे पहले लॉ-एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर करें।
  5. जरूरी दस्तावेज, साक्ष्य और प्रमाण एकत्र करें; एक स्पष्ट क्लेम-प्लान बनाएं।
  6. पहला क़ानूनी परामर्श लें; केस-स्टेटमेंट और स्टेप-मैप तय करें।
  7. फीस-चर्या और खर्चों पर स्पष्ट लिखित समझौता करें; बिना चेतावनी मान न लें।

संदर्भ और उद्धरण

नीचे आधिकारिक स्रोतों से लिए गए उद्धरण शामिल हैं:

Code of Civil Procedure, Order 1 Rule 8: “Suit by one or more persons having the same interest may sue or defend as representative party.”
The Companies Act, 2013: “The Tribunal may grant relief in cases of oppression and mismanagement.”
Consumer Protection Act, 2019: “A complaint may be filed by a consumer or by a consumer association on behalf of a group of consumers.”

ऊपर बताए गए उद्धरण स्थानीय अधिनियमों के संक्षिप्त सार को दर्शाते हैं और आधिकारिक पाठों के अनुरोध में प्रयुक्त होते हैं।

नोट: यह मार्गदर्शिका सामान्य सूचना हेतु है और कानूनी सलाह नहीं है। किसी भी विवाद की ठोस स्थिति के लिए अनुभव वाले अधिवक्ता से परामर्श लें।

Lawzana आपको योग्य कानूनी पेशेवरों की चयनित और पूर्व-जाँच की गई सूची के माध्यम से भारत में में सर्वश्रेष्ठ वकील और कानूनी फर्म खोजने में मदद करता है। हमारा प्लेटफ़ॉर्म अभ्यास क्षेत्रों, सामूहिक मुक़दमा सहित, अनुभव और ग्राहक प्रतिक्रिया के आधार पर तुलना करने की अनुमति देने वाली रैंकिंग और वकीलों व कानूनी फर्मों की विस्तृत प्रोफ़ाइल प्रदान करता है।

प्रत्येक प्रोफ़ाइल में फर्म के अभ्यास क्षेत्रों, ग्राहक समीक्षाओं, टीम सदस्यों और भागीदारों, स्थापना वर्ष, बोली जाने वाली भाषाओं, कार्यालय स्थानों, संपर्क जानकारी, सोशल मीडिया उपस्थिति, और प्रकाशित लेखों या संसाधनों का विवरण शामिल है। हमारे प्लेटफ़ॉर्म पर अधिकांश फर्म अंग्रेजी बोलती हैं और स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों कानूनी मामलों में अनुभवी हैं।

भारत में में शीर्ष-रेटेड कानूनी फर्मों से उद्धरण प्राप्त करें — तेज़ी से, सुरक्षित रूप से, और बिना अनावश्यक परेशानी के।

अस्वीकरण:

इस पृष्ठ पर दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और कानूनी सलाह नहीं है। हम सामग्री की सटीकता और प्रासंगिकता सुनिश्चित करने का प्रयास करते हैं, लेकिन कानूनी जानकारी समय के साथ बदल सकती है, और कानून की व्याख्या भिन्न हो सकती है। आपको अपनी स्थिति के लिए विशिष्ट सलाह हेतु हमेशा एक योग्य कानूनी पेशेवर से परामर्श करना चाहिए।

हम इस पृष्ठ की सामग्री के आधार पर की गई या न की गई कार्रवाइयों के लिए सभी दायित्व को अस्वीकार करते हैं। यदि आपको लगता है कि कोई जानकारी गलत या पुरानी है, तो कृपया contact us, और हम उसकी समीक्षा करेंगे और जहाँ उचित हो अपडेट करेंगे।

भारत में शहर द्वारा सामूहिक मुक़दमा कानूनी फर्म ब्राउज़ करें

शहर चुनकर अपनी खोज परिष्कृत करें।

अंकलेश्वर में सामूहिक मुक़दमा वकील अररिया में सामूहिक मुक़दमा वकील अहमदाबाद में सामूहिक मुक़दमा वकील इंदौर में सामूहिक मुक़दमा वकील उदयपुर में सामूहिक मुक़दमा वकील एर्नाकुलम में सामूहिक मुक़दमा वकील औरंगाबाद में सामूहिक मुक़दमा वकील कटक में सामूहिक मुक़दमा वकील कन्नूर में सामूहिक मुक़दमा वकील कोझिकोड में सामूहिक मुक़दमा वकील कोटा में सामूहिक मुक़दमा वकील कोट्टयम में सामूहिक मुक़दमा वकील कोयम्बत्तूर में सामूहिक मुक़दमा वकील कोलकाता में सामूहिक मुक़दमा वकील कोल्हापूर में सामूहिक मुक़दमा वकील गया में सामूहिक मुक़दमा वकील गांधीनगर में सामूहिक मुक़दमा वकील गिरिडीह में सामूहिक मुक़दमा वकील गुवाहाटी में सामूहिक मुक़दमा वकील गोड्डा में सामूहिक मुक़दमा वकील गोपালगंज में सामूहिक मुक़दमा वकील ग्वालियर में सामूहिक मुक़दमा वकील चंडीगढ़ में सामूहिक मुक़दमा वकील चेन्नई में सामूहिक मुक़दमा वकील जबलपुर में सामूहिक मुक़दमा वकील जमतारा में सामूहिक मुक़दमा वकील जमशेदपुर में सामूहिक मुक़दमा वकील जम्मू में सामूहिक मुक़दमा वकील जयपुर में सामूहिक मुक़दमा वकील जलंधर में सामूहिक मुक़दमा वकील जोधपुर में सामूहिक मुक़दमा वकील झारग्राम में सामूहिक मुक़दमा वकील ठाणे में सामूहिक मुक़दमा वकील तिरुपूर में सामूहिक मुक़दमा वकील दार्जीलिंग में सामूहिक मुक़दमा वकील दिल्ली में सामूहिक मुक़दमा वकील दुमका में सामूहिक मुक़दमा वकील देवघर में सामूहिक मुक़दमा वकील देहरादून में सामूहिक मुक़दमा वकील धनबाद में सामूहिक मुक़दमा वकील नया दिल्ली में सामूहिक मुक़दमा वकील नवादा में सामूहिक मुक़दमा वकील नागपुर में सामूहिक मुक़दमा वकील नोएडा में सामूहिक मुक़दमा वकील पटना में सामूहिक मुक़दमा वकील पुणे में सामूहिक मुक़दमा वकील प्रयागराज में सामूहिक मुक़दमा वकील बक्सर में सामूहिक मुक़दमा वकील बलिया में सामूहिक मुक़दमा वकील बांकुरा में सामूहिक मुक़दमा वकील बिहार शरीफ़ में सामूहिक मुक़दमा वकील बीकानेर में सामूहिक मुक़दमा वकील बेंगलुरु में सामूहिक मुक़दमा वकील बेगूसराय में सामूहिक मुक़दमा वकील बोकारो स्टील सिटी में सामूहिक मुक़दमा वकील भिलाई में सामूहिक मुक़दमा वकील भुवनेश्वर में सामूहिक मुक़दमा वकील भोपाल में सामूहिक मुक़दमा वकील मदुरै में सामूहिक मुक़दमा वकील मधुबनी में सामूहिक मुक़दमा वकील मधेपुरा में सामूहिक मुक़दमा वकील मुंगेर में सामूहिक मुक़दमा वकील मुंबई में सामूहिक मुक़दमा वकील मुरादाबाद में सामूहिक मुक़दमा वकील मुवट्टुपुझा में सामूहिक मुक़दमा वकील मेदिनीनगर में सामूहिक मुक़दमा वकील मोतीहारी में सामूहिक मुक़दमा वकील मोहानिया में सामूहिक मुक़दमा वकील रांची में सामूहिक मुक़दमा वकील राउरकेला में सामूहिक मुक़दमा वकील राजकोट में सामूहिक मुक़दमा वकील रामगढ़ में सामूहिक मुक़दमा वकील रायपुर में सामूहिक मुक़दमा वकील लखनऊ में सामूहिक मुक़दमा वकील लखीमपुर में सामूहिक मुक़दमा वकील लोहरदगा में सामूहिक मुक़दमा वकील वडोदरा में सामूहिक मुक़दमा वकील वाराणसी में सामूहिक मुक़दमा वकील विजयवाड़ा में सामूहिक मुक़दमा वकील विशाखपट्टणम में सामूहिक मुक़दमा वकील श्रीनगर में सामूहिक मुक़दमा वकील समस्तीपुर में सामूहिक मुक़दमा वकील सहरसा में सामूहिक मुक़दमा वकील साहिबगंज में सामूहिक मुक़दमा वकील सिकंदराबाद में सामूहिक मुक़दमा वकील सिलीगुड़ी में सामूहिक मुक़दमा वकील सिवान में सामूहिक मुक़दमा वकील सीतामढ़ी में सामूहिक मुक़दमा वकील सुपौल में सामूहिक मुक़दमा वकील सुरेंद्रनगर में सामूहिक मुक़दमा वकील सूरत में सामूहिक मुक़दमा वकील हज़ारीबाग में सामूहिक मुक़दमा वकील हिसार में सामूहिक मुक़दमा वकील हैदराबाद में सामूहिक मुक़दमा वकील