भारत में सर्वश्रेष्ठ कृषि वकील

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Poovayya & Co.
बेंगलुरु, भारत

1996 में स्थापित
उनकी टीम में 60 लोग
English
Poovayya & Co. एक भारतीय विधिक फर्म है जो कॉरपोरेट सलाहकार और विवाद समाधान कार्यों के मिश्रण में विशिष्ट रूप से मजबूत है,...
Sutaria Law Firm Navrangpura
अहमदाबाद, भारत

English
सूतारिया लॉ फर्म नवरंगपुरा गुजरात आधारित एक विधिक प्रैक्टिस है जिसका नेतृत्व शालिन सूतारिया करते हैं, और यह...
Oberoi Law Chambers

Oberoi Law Chambers

15 minutes मुफ़्त परामर्श
चंडीगढ़, भारत

2008 में स्थापित
उनकी टीम में 15 लोग
English
Hindi
फर्म की स्थापना वर्ष 2008 में “JUSTICE FOR ALL” के संकल्प के साथ की गई थी। ओबेरॉय लॉ चैंबर ट्रस्टेड एडवोकेट गगन ओबेरॉय द्वारा...
ADV HARPREET SINGH AND ASSOCIATES
जम्मू, भारत

2022 में स्थापित
उनकी टीम में 19 लोग
Hindi
English
Urdu
Kashmiri
अधिवक्ता हरप्रीत सिंह: जटिल कराधान और कॉर्पोरेट विधि में एक भरोसेमंद कानूनी रणनीतिकारविधिक जटिलताओं की निरंतर...
ASHVA Legal Advisory LLP
सूरत, भारत

2017 में स्थापित
English
एशवा लीगल एडवाइजरी एलएलपी भारत में एक प्रतिष्ठित लॉ फर्म है, जो कॉर्पोरेट कानून, कराधान (प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष...
Turupu Raghavender Reddy Advocate
मुंबई, भारत

English
राघवेंद्र रेड्डी एंड कंपनी अधिवक्ता, जो हैदराबाद, भारत में स्थित है, एक दशक से अधिक समय से उत्कृष्ट कानूनी सेवाएँ...
Agraa Legal
बेंगलुरु, भारत

2011 में स्थापित
उनकी टीम में 12 लोग
English
अग्रा लीगल एक बेंगलुरु और जयपुर आधारित लॉ फर्म है जो कंपनियों, वित्तीय संस्थानों, डेवलपर्स और उच्च नेट वर्थ...
Sandip Agarwal and Co
कोलकाता, भारत

2000 में स्थापित
English
संदीप अग्रवाल एंड कंपनी, जिसका मुख्यालय कोलकाता में स्थित है, एक राष्ट्रीय रूप से मान्यता प्राप्त स्वतंत्र...
S V Raju Associates
अहमदाबाद, भारत

2020 में स्थापित
English
एस वी राजू एसोसिएट्स एक पूर्ण-सेवा विधिक फर्म है जिसके अहमदाबाद और नई दिल्ली में कार्यालय हैं, जो सर्वोच्च...
SRV LEGAL LLP
मुंबई, भारत

2016 में स्थापित
English
एसआरवी लीगल एलएलपी, जिसका मुख्यालय मुंबई, भारत में है, एक फुल-सर्विस लॉ फर्म है जो विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक...
जैसा कि देखा गया

भारत में कृषि कानून के बारे में

भारत में कृषि कानूनों का दायरा संविधान के अनुसार राज्यों के अधिकार में है। केंद्र ने 2020 में तीन कानून बनाए ताकि कृषि व्यापार सरल हो। इन कानूनों का तर्क था कि किसान सीधे बाजार से जुड़ेंगे और बिचौलियों का प्रभाव घटेगा।

इन कानूनों में Farmers' Produce Trade and Commerce (Promotion and Facilitation) Act, 2020; Farmers' Empowerment and Protection Agreement on Price Assurance and Farm Services Act, 2020; और Essential Commodities (Amendment) Act, 2020 शामिल थे।

इनका उद्देश्य किसानों को तरल बाजारों से जोड़ना था, ताकि कीमतों में पारदर्शिता बढ़े और उत्पाद प्रक्रिया में बाधाएं कम हों।

इन कानूनों के पक्ष में सरकार ने कई तर्क दिए, पर किसान संगठनों ने विरोध किया और 2021 में उनका व्यापक असंतोष सामने आया।

"The Government has decided to repeal the three Farm Acts." - Press Information Bureau, November 2021.
"An Act to repeal the Farmers' Produce Trade and Commerce (Promotion and Facilitation) Act, 2020; the Farmers' Empowerment and Protection Agreement on Price Assurance and Farm Services Act, 2020; and the Essential Commodities Act, 1955." - Farmers' Produce Trade and Commerce (Repeal) Act, 2021.
"eNAM is a national level electronic trading platform to facilitate farmers to sell across the country." - Department of Agriculture and Cooperation, Ministry of Agriculture & Farmers Welfare.

आधिकारिक उद्धरण एवं स्रोत- PIB, agricoop.nic.in और india.gov.in साइटों पर कृषि-नीति के बारे में विवरण मिलता है।

आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है

कृषि-नियमों से जुड़े मामलों में विशेषज्ञ कानूनी परामर्श जरूरी होता है ताकि अधिकार सुरक्षित रहें। नीचे 4-6 विशिष्ट परिदृश्य दिए गए हैं।

  • कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग विवाद - किसान और निजी खरीदार के बीच तय कीमत, गुणवत्ता मानक और भुगतान समय पर मतभेद उभरते हैं।
  • MSP एवं सरकारी खरीद के भुगतान में देरी - न्यूनतम समर्थन मूल्य के आवंटन या भुगतान में विलंब से किसान को नुकसान होता है।
  • APMC नियमों के बाहर बिक्री के विवाद - राज्य सरकारों के बाहर बिक्री के दायरे, शुल्क और अनुमति पर प्रश्न उठते हैं।
  • भूमि-लीज, tenancy and भूमि स्वामित्व से जुड़े मामले - खेती के अनुबंध, किराया और कब्जे से जुड़े विवाद दिखते हैं।
  • बीज, उर्वरक व कृषि-उत्पादन से जुड़े नियमों का अनुपालन - Seeds Act, PPVFR Act आदि के उल्लंघन पर कानूनी सलाह चाहिए।
  • कृषि ऋण-गिरवी और वसूली से जुड़ा संघर्ष - बैंक-ऋण के संबंध में गारंटर और किसान के बीच विवाद खड़े होते हैं।

इन स्थितियों में एक योग्य कृषि कानून-वकील आपकी भूमिका निर्धारित कर सकता है, दस्तावेज जुटाने में मदद कर सकता है और सही अदालत या मंच में दिए गए कदम सुझा सकता है।

स्थानीय कानून अवलोकन

भारत में कृषि-नियमन के प्रमुख कानून नीचे दिए गए हैं, जिनसे अक्सर केस-फाइलिंग जुड़ती है।

  1. Essential Commodities Act, 1955 - खाद्यान्न और अन्य कृषि उपज की जरूरत से अधिक संग्रहण और मूल्य नियंत्रण के नियम निर्धारित करता है।
  2. APMC Acts (राज्य-स्तरीय) - कृषि उत्पाद के मंडी-व्यवसाय और बिक्री के प्रवर्तन के लिए राज्य सरकारों के कानून संचालित होते हैं।
  3. Seeds Act, 1966 और Seeds (Control) Order - बीजों की गुणवत्ता, पंजीकरण और बिक्री पर नियंत्रण रखते हैं।

नोट: राज्य-स्तर पर APMC कानूनों के नाम और खाक राज्यों में भिन्न हो सकते हैं। वे अक्सर किसानों-खरीदारों के बीच अनुबंध और मंडी-आडिट से जुड़े प्रावधान तय करते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कृषि कानून क्या थे?

इन कानूनों का उद्देश्य कृषि-व्यापार को अधिक पारदर्शी और लचीला बनाना था। 2020 के तीन कानून थे और 2021 में उन्हें निरस्त किया गया।

क्या 2021 में इन कानूनों को सचमुच निरस्त कर दिया गया?

हाँ, 2021 में संसद ने Farmers' Produce Trade and Commerce (Repeal) Act पारित कर दिए। इससे तीनों कानून समाप्त माने गए।

MSP की गारंटी अब भी बनी है क्या?

MSP एक सरकारी मूल्य-निर्देश है जिसे कानून द्वारा अनिवार्य नहीं कहा गया। सरकार MSP जारी रखती है, पर कानूनी बाध्यता नहीं है।

क्या कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग वैध है?

हाँ, कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग वैध है पर उसमें अनुबंध-शर्तें स्पष्ट, लिखित और कानून के अनुरूप होनी चाहिए।

अगर मुझे मंडी के बाहर बेचना है तो क्या करना चाहिए?

यह राज्य-स्तर के कानून पर निर्भर करता है। आवश्यक दस्तावेज, पंजीकरण और समवर्ती नियम समझना जरूरी है।

कुरकर्मी या व्यापारी के विरुद्ध किस अदालत में मामला दर्ज किया जा सकता है?

यह मामला-प्रकार पर निर्भर करता है। अनुबंध विवाद के लिए नागर अदालत, रिटिंग-उचित मंच और sometimes न्यायिक मंडी-प्रक्रिया चुने जाते हैं।

कौन-कौन से वैधानिक दोष कानून के अंतर्गत आते हैं?

बीज, उर्वरक, भंडारण, विपणन आदि से जुड़े अलग-अलग अधिनियम प्रासंगिक होते हैं। Seeds Act, Essential Commodities Act आदि प्रमुख हैं।

कृषि कानून के बारे में मुझे कहाँ से शुरू करना चाहिए?

प्रथम अपने मुद्दे को स्पष्ट करें, सभी दस्तावेज एकत्र करें, फिर न्यायिक या वैधानिक विकल्प पहचानें।

कानूनी सलाह लेने में कितने पैसे लगेंगे?

खास मामले पर निर्भर है। प्रारम्भिक परामर्श सामान्य तौर पर कम शुल्क वाला हो सकता है; विस्तृत प्रतिनिधित्व अलग शुल्क बनाता है।

कौन सा क्षेत्राधिकार संजीदा मामला कैसे समेट सकता है?

आमतौर पर किसानों के निवास स्थान के जिले, राज्य या उस अदालत-न्याय-प्राधिकरण में मामला जाता है जहाँ विवाद घटित हुआ।

कृषक के लिए सबसे व्यावहारिक कदम क्या हैं?

डॉक्यूमेंट्स संग्रহ, उचित कानून की पहचान, स्थानीय वकील से परामर्श और स्पष्ट करते हुए चरण-वार योजना बनाएं।

क्या मुझे सरकार के निर्णय के खिलाफ अपील करना चाहिए?

निर्णय किस प्रकार का है, उसके आधार पर अपील या समीक्षा संभव है। एक अनुभव-युक्त अधिवक्ता मार्गदर्शन देगा।

अतिरिक्त संसाधन

  • Ministry of Agriculture and Farmers Welfare - https://agricoop.nic.in
  • Indian Council of Agricultural Research (ICAR) - https://icar.org.in
  • National Bank for Agriculture and Rural Development (NABARD) - https://nabard.org

अगले कदम

  1. अपने मुद्दे को स्पष्ट रूप से लिखकर संक्षेप बनाएँ।
  2. जमीन-स्वामित्व, बिक्री-चालान, अनुबंध आदि सभी आवश्यक दस्तावेज जुटाएँ।
  3. कौन सा कानून या मंच सबसे उपयुक्त है, यह निर्धारित करें।
  4. कृषि कानूनों में विशेषज्ञता रखने वाले वकील से पहली बैठक तय करें।
  5. आवश्यक प्रश्न-पत्र बनाकर पहले परामर्श में दें:
  6. वकील से केस-स्टडी, अनुमानित समय, खर्च और संभावित परिणाम पर स्पष्ट बात करें।
  7. दस्तावेजों के आधार पर एक कानूनी रणनीति बनाकर कदम शुरू करें।

नोट: यह गाइड सामान्य सूचना के रूप में है। आपके केस के अनुसार स्थानीय कानून, क्षेत्राधिकार और अद्यतन कानून-परिवर्तनों की पुष्टि करना आवश्यक है। किसी भी कानूनी निर्णय से पहले विश्वसनीय वकील से विस्तृत परामर्श लें।

Lawzana आपको योग्य कानूनी पेशेवरों की चयनित और पूर्व-जाँच की गई सूची के माध्यम से भारत में में सर्वश्रेष्ठ वकील और कानूनी फर्म खोजने में मदद करता है। हमारा प्लेटफ़ॉर्म अभ्यास क्षेत्रों, कृषि सहित, अनुभव और ग्राहक प्रतिक्रिया के आधार पर तुलना करने की अनुमति देने वाली रैंकिंग और वकीलों व कानूनी फर्मों की विस्तृत प्रोफ़ाइल प्रदान करता है।

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