भारत में सर्वश्रेष्ठ प्रतिबंध और निर्यात नियंत्रण वकील
अपनी ज़रूरतें हमारे साथ साझा करें, कानूनी फर्मों से संपर्क प्राप्त करें।
मुफ़्त। 2 मिनट लगते हैं।
या शहर चुनकर अपनी खोज परिष्कृत करें:
भारत में सर्वश्रेष्ठ वकीलों की सूची
1. भारत में प्रतिबंध और निर्यात नियंत्रण कानून का संक्षिप्त अवलोकन
भारतीय कानून विदेशी व्यापार को नियंत्रित करने के लिएLicensing आधारित ढांचा बनाते हैं। यह ढांचा राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेशी नीति और प्रतिबंधों के अनुरूप बनता है।
SCOMET के अंतर्गत dual-use और रक्षा उपकरणों पर लाइसेंस अनिवार्य है। लाइसेंस के बिना निर्यात, पुनः-निर्यात या ट्रांजिट मना है।
FTP 2023-28 के अनुसार निर्यात नियंत्रण प्रणाली को सरल बनाकर अनुपालन बढाने पर बल दिया गया है। DGFT ने इस दिशा में कई दिशानिर्देश तथा ऑनलाइन प्रणालियाँ अपडेट की हैं।
“SCOMET items are subject to licensing for export, re-export, transfer or transit.”
“The Foreign Trade (Development and Regulation) Act, 1992 provides the legal framework for the regulation of foreign trade in India.”
“DGFT is the licensing authority for SCOMET controls and export compliance.”
महत्वपूर्ण तथ्य- भारत में निर्यात नियंत्रण के लिए मुख्य कानूनी आधार FTDR Act 1992 है और व्यावहारिक लाइसेंसिंग DGFT द्वारा की जाती है।
2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है
लाइसेंसिंग और अनुपालन जटिल हो सकते हैं। सही रास्ता तय करने के लिए आपेक्षित कानूनी सलाहकार की जरूरत पड़ती है।
- स्थिति: Dual-use या Defence items पर LICENCE के लिए आवेदन, उदाहरण के लिए भारत से डिफेंस-रोबोटिक पार्ट्स भेजना।
- स्थिति: SCOMET सूची के भीतर आने वाले उत्पाद की निर्यात योजना और क्लाइंट एड्रेसिंग के समय लाइसेंसिंग मिसमैच हो।
- स्थिति: किसी पंजीकृत विक्रेता के साथ पुनः-निर्यात या ट्रांजिट की जाँच और end-use checks की आवश्यकता हो।
- स्थिति: प्रतिबंधित देश के साथ डीलिंग, प्रतिबंधों के उल्लंघन के जोखिम और आवश्यक एक्सेप्शन क्लेम करना हो।
- स्थिति: लाइसेंस शर्तों का उल्लंघन होने पर दंड और वैधानिक कार्रवाई के जोखिम हों, जैसे पेनल्टी या जेल।
- स्थिति: कॉम्प्लायंस प्रोग्राम बनाना या आंतरिक ऑडिट में gaps मिलना, जिसे सही करने के लिए वकील की सहायता चाहिए।
भारत से संबंधित वास्तविक उदाहरण:
- एक मुंबई-आधारित कंपनी ने dual-use इलेक्ट्रॉनिक घटक पदार्थ को LICENCE के बगैर निर्यात किया। DGFT ने लाइसेंसिंग उल्लंघन पर कार्रवाई की और लागू दंड लगाए।
- एक डिफेन्स-एलायंस फर्म ने SCOMET के अंतर्गत आने वाले टेक्नोलॉजी के पुनः-निर्यात के लिए सही End-Use certification नहीं दिया, जिससे लाइसेंस रद्द हुआ और सप्लायर ने अनुबंध करप्शन-रिपोर्ट जारी की।
- एक स्टार्टअप ने encryption डिवाइस की एक्सपोर्ट प्लानिंग की तोLICENSE के लिए DGFT के साथ प्रारम्भिक परामर्श आवश्यक हुआ ताकि क्लायंट देश की वैधता सत्यापित हो सके।
- कंसल्टिंग फर्म ने उल्लंघन की आशंका के कारण अपने क्लाइंट के export कंट्रोल-compliance प्रोग्राम को परखा और सुधार की सलाह दी।
3. स्थानीय कानून अवलोकन
Foreign Trade (Development and Regulation) Act, 1992 (FTDR Act) भारत के निर्यात-आयात के नियंत्रण का प्रमुख कानून है। यह स्पष्ट करता है कि Central Government किन वस्तुओं पर लाइसेंस देगी या प्रतिबंध लगाएगी।
Customs Act, 1962 निर्यात-आयात के साथ जुड़ी सीमा-चालान और वर्गीकरण, मूल्यांकन, दायित्व तथा उल्लंघन के लिए कानूनी ढांचा प्रदान करता है। लाइसेंसिंग के साथ यह अपराधों पर भी कार्रवाई करता है।
Arms Act, 1959 और DEFENCE ITEMS से जुड़ी नीतियाँ रक्षा उपकरणों के निर्यात पर नियंत्रण रखती हैं। कई मामलों में DGFT के SCOMET नियम इन कानूनों के साथ मिलकर लागू होते हैं।
ये तीनों कानून मिलकर भारत के प्रतिबंध और निर्यात नियंत्रण को संचालित करते हैं। अनुपालनों के लिए DGFT, CBIC और MEA आदि की संयुक्त भूमिका रहती है।
4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
SCOMET क्या है?
SCOMET एक सूची है जिसमें dual-use और रक्षा उपकरण आते हैं। इन वस्तुओं के निर्यात, पुनः-निर्यात, ट्रांसफर या ट्रांज़िट के लिए लाइसेंस चाहिए होता है।
क्या सभी निर्यात बिक्री के लिये लाइसेंस लेना अनिवार्य है?
नहीं, पर अधिकांश उच्च-जोखिम और dual-use आइटम के लिए लाइसेंस अनिवार्य है। UPSC और DGFT की सूची के अनुसार लाइसेंसिंग आवश्यक हो सकती है।
मैं कैसे जाँच करूँ कि मेरा उत्पाद SCOMET के दायरे में आता है?
DGFT की SCOMET सूची देखें और अपने HS कोड के साथ item description मिलाएं। यदि सूची में वर्गीकृत है, लाइसेंस अनिवार्य है।
End-use और End-user चेक क्या हैं?
End-use/end-user सुरक्षा के लिए DGFT लाइसेंस के साथ शर्तें देता है। सत्यापन के बिना निर्यात पर रोक लग सकती है।
यदि मैं लाइसेंस के लिए आवेदन नहीं करता तो क्या होता है?
Licence के बगैर निर्यात कानूनन अपराध माना जा सकता है। इसके परिणामस्वरूप दंड, लाइसेंस रोकना या निर्यात बाधित होना शामिल हो सकता है।
मैं लाइसेंस कैसे आवेदन करूँ?
DGFT के पोर्टल पर आवेदन दें। क्षेत्र-विशिष्ट जानकारी, उत्पाद विवरण, end-use आदि स्पष्ट करना होगा।
क्या लाइसेंस की वैधता कितनी रहती है?
LICENCE प्रकार पर निर्भर करता है। सामान्यतः लाइसेंस व निर्धारित अवधि के भीतर क्रियान्वयन चाहिए।
LICENCE की शर्ते कैसे बदली जा सकती हैं?
DGFT के निर्देशों के अनुसार लाइसेंस की शर्तें कभी-कभी संशोधित की जा सकती हैं। वैकल्पिकendt-endorsement भी मिल सकता है।
क्या सुरक्षा सेवाओं के निर्यात पर विशेष नियम हैं?
हाँ, रक्षा-उत्पाद और तकनीक पर विशेष नियंत्रण होता है। SCOMET के अंतर्गत आने वाले पदार्थों के लिए लाइसेंस जरूरी रहता है।
क्या विदेश में स्थित पार्टनर के साथ व्यवहार में compliance आवश्यक है?
हाँ। यदि आपका उत्पाद SCOMET सूची के भीतर आता है, तो निर्यात, री-एक्सपोर्ट और ट्रांज़िट सब DGFT लाइसेंस के अधीन होते हैं।
क्या भारत-यूरोप/अमेरिका जैसे देशों के साथ किसी प्रकार की प्रतिबंध पॉलिसी है?
हाँ। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रतिबंध और भारत की द्विपक्षीय पॉलिसी के अनुरूप निर्यात नियंत्रित होते हैं।
क्या मुझे किसी वकील की आवश्यकता है अगर लाइसेंस नियम बदलते हों?
हाँ। परिवर्तन के समय सही मार्गदर्शन, दस्तावेज़ीकरण और अनुपालन उपाय जरूरी होते हैं ताकि दंड से बचा जा सके।
5. अतिरिक्त संसाधन
- Directorate General of Foreign Trade (DGFT) - आधिकारिक साइट: dgft.gov.in
- Central Board of Indirect Taxes and Customs (CBIC) - आधिकारिक साइट: cbic.gov.in
- Ministry of Commerce and Industry - Department of Commerce - आधिकारिक साइट: commerce.gov.in
6. अगले कदम
- अपना उत्पाद और HS कोड स्पष्ट करें कि क्या वह SCOMET सूची के अंतर्गत आता है या नहीं।
- DGFT के SCOMET पोर्टल पर लाइसेंस आवश्यकताओं की जाँच करें और आवश्यक दस्तावेज़-संकलन करें।
- यदि लाइसेंस चाहिए हो तो पहले से नियत समयानुसार आवेदन करें ताकि देरी से बचें।
- अपने क्लाइंट के End-Use और End-User की सुरक्षित जाँच करवाएँ और रिकॉर्ड रखें।
- कम्प्लायंस प्रोग्राम बनाएं और आंतरिक ऑडिट चक्र स्थापित करें ताकि गैर-अनुपालन न हो।
- कानूनी सलाहकार से प्रारम्भिक परामर्श लें और लाइसेंसिंग प्रक्रिया की रणनीति तय करें।
- सम्भव हो तो लाइसेंसिंग के लिए वैश्विक-अनुपालन फ्रेमवर्क के अनुरूप पाइपलाइन बनाएं।
Lawzana आपको योग्य कानूनी पेशेवरों की चयनित और पूर्व-जाँच की गई सूची के माध्यम से भारत में में सर्वश्रेष्ठ वकील और कानूनी फर्म खोजने में मदद करता है। हमारा प्लेटफ़ॉर्म अभ्यास क्षेत्रों, प्रतिबंध और निर्यात नियंत्रण सहित, अनुभव और ग्राहक प्रतिक्रिया के आधार पर तुलना करने की अनुमति देने वाली रैंकिंग और वकीलों व कानूनी फर्मों की विस्तृत प्रोफ़ाइल प्रदान करता है।
प्रत्येक प्रोफ़ाइल में फर्म के अभ्यास क्षेत्रों, ग्राहक समीक्षाओं, टीम सदस्यों और भागीदारों, स्थापना वर्ष, बोली जाने वाली भाषाओं, कार्यालय स्थानों, संपर्क जानकारी, सोशल मीडिया उपस्थिति, और प्रकाशित लेखों या संसाधनों का विवरण शामिल है। हमारे प्लेटफ़ॉर्म पर अधिकांश फर्म अंग्रेजी बोलती हैं और स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों कानूनी मामलों में अनुभवी हैं।
भारत में में शीर्ष-रेटेड कानूनी फर्मों से उद्धरण प्राप्त करें — तेज़ी से, सुरक्षित रूप से, और बिना अनावश्यक परेशानी के।
अस्वीकरण:
इस पृष्ठ पर दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और कानूनी सलाह नहीं है। हम सामग्री की सटीकता और प्रासंगिकता सुनिश्चित करने का प्रयास करते हैं, लेकिन कानूनी जानकारी समय के साथ बदल सकती है, और कानून की व्याख्या भिन्न हो सकती है। आपको अपनी स्थिति के लिए विशिष्ट सलाह हेतु हमेशा एक योग्य कानूनी पेशेवर से परामर्श करना चाहिए।
हम इस पृष्ठ की सामग्री के आधार पर की गई या न की गई कार्रवाइयों के लिए सभी दायित्व को अस्वीकार करते हैं। यदि आपको लगता है कि कोई जानकारी गलत या पुरानी है, तो कृपया contact us, और हम उसकी समीक्षा करेंगे और जहाँ उचित हो अपडेट करेंगे।
भारत में शहर द्वारा प्रतिबंध और निर्यात नियंत्रण कानूनी फर्म ब्राउज़ करें
शहर चुनकर अपनी खोज परिष्कृत करें।