हरियाणा में सर्वश्रेष्ठ रोज़गार एवं श्रम वकील

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Oberoi Law Chambers
हरियाणा, भारत

2008 में स्थापित
उनकी टीम में 15 लोग
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फर्म की स्थापना वर्ष 2008 में “JUSTICE FOR ALL” के संकल्प के साथ की गई थी। ओबेरॉय लॉ चैंबर ट्रस्टेड एडवोकेट गगन ओबेरॉय द्वारा...
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भारत रोज़गार एवं श्रम वकीलों द्वारा उत्तरित कानूनी प्रश्न

हमारे 1 कानूनी प्रश्न ब्राउज़ करें रोज़गार एवं श्रम के बारे में भारत में और वकीलों के उत्तर पढ़ें, या मुफ़्त में अपने प्रश्न पूछें.

कॉर्पोरेट रोजगार बांड के उल्लंघन के लिए धन वसूली से संबंधित दीवानी मुक़दमा
रोज़गार एवं श्रम
मुझे पिछले रोजगार से ₹3,90,000 की राशि वसूलने के लिए कानूनी समन प्राप्त हुआ है। इसलिए मैं इसका बचाव करना चाहता हूँ।
वकील का उत्तर Ishan Ganguly द्वारा

कंपनी के समन में तकनीकी त्रुटियों की पहचान करें। एक मजबूत लिखित बयान तैयार करें। यदि कंपनी का प्रयास मजबूत हो तो अदालत के बाहर समझौता करने पर विचार करें (जिससे आप ब्याज और कानूनी खर्च बचा सकते हैं)।     तत्काल...

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1 उत्तर

1. हरियाणा, भारत में रोज़गार एवं श्रम कानून के बारे में: [ हरियाणा, भारत में रोज़गार एवं श्रम कानून का संक्षिप्त अवलोकन ]

हरियाणा में रोजगार और श्रम कानून दो स्तरों पर चलते हैं. केंद्र के तीनों Codes और राज्य के स्थानीय अधिनियम एक साथ प्रभावी होते हैं. क्षेत्र की औद्योगिक गतिविधि के लिए इन कानूनों की मिलीजुली आपूर्ति आवश्यक है. यह जानकारी निवासियों के लिए तात्कालिक कानूनी सुरक्षा प्रदान करती है.

केंद्रीय स्तर के Codes ने वेतन, सुरक्षा, अनुबंध श्रम आदि के नियम एक जगह संकलित कर दिए हैं. Haryana में इन Codes के अंतर्गत कई प्रावधान स्थानीय संस्थाओं के साथ लागू होते हैं. परिस्थितियाँ बदलने पर राज्य सरकार मार्गदर्शन जारी करती है.

“The Code on Wages consolidates wage laws under a single code.”

स्रोत: Ministry of Labour and Employment, Government of India. https://labour.gov.in

“Industrial Relations Code, 2020 aims to balance worker rights with business needs.”

स्रोत: Press Information Bureau (PIB) और Labour Codes पन्ने. https://labour.gov.in

“The Government has enacted four labour codes to simplify and modernize labour laws.”

स्रोत: PIB और Government of India के आधिकारिक प्रकाशन. https://labour.gov.in

हरियाणा निवासियों के लिए व्यावहारिक सलाह: अपने व्यवसाय के लिए लागू स्थानीय अधिनियमों और केंद्रीय Codes के अनुपालन की चेकलिस्ट बनाएं. नौकरी शुरू होने पर वेतन, छुट्टियाँ और सामाजिक सुरक्षा के रिकॉर्ड रखें. किसी भी विवाद पर पहले स्थानीय labour department से स्पष्ट सलाह लें.

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है: [ रोजगार एवं श्रम कानूनी सहायता की आवश्यकता वाले 4-6 विशिष्ट परिदृश्यों की सूची बनाएं। हरियाणा, भारत से संबंधित वास्तविक उदाहरण दें ]

  • परित्याग या अनुचित बर्खास्तगी - Haryana के ग्राउंड पर फैक्ट्री, शॉपिंग सेंटर या टेक-लैब में बिना उचित नोटिस के termination हो सकता है. मेरे क्लाइंट्स ने नोटिस विहीन निकासी के खिलाफ मुकदमा दायर किया. आपके वकील से यह सुनिश्चित होगा कि कारण स्पष्ट हों और उचित प्रक्रिया का पालन हो.

    व्यावहारिक सलाह: termination के दस्तावेज, वेतन बकाया और आंतरिक नीति को संकलित रखें. अदालत में साक्ष्य के तौर परअपना रिकॉर्ड दें.

  • वेतन क्रम-वार भुगतान नहीं होना - Haryana में न्यूनतम वेतन के अनुसार वेतन का भुगतान समय-सीमित नहीं होने पर कानूनी सहायता जरूरी हो सकती है. विभिन्न रिकॉर्ड्स और ई-पीएफ-ईएसआई पत्रक चेक करने होंगे.

    व्यावहारिक सलाह: प्रत्येक वेतन स्लिप, OT रसीद, बैंक स्टेटमेंट इकट्ठा रखें. शिकायत दर्ज करने से पहले एक वकील से परामर्श करें.

  • भेदभाव या harassment at work - लिंग, आयु या अन्य आधिकारिक मानदंड पर भेदभाव मामले में कानूनी सलाह आवश्यक है. हरियाणा में वर्कप्लेस-हैरासमेंट के लिए कानूनी उपाय स्पष्ट हैं.

    व्यावहारिक सलाह: घटना का विवरण, तारीखें, गवाह और रिकॉर्ड बनाए रखें. शिकायत प्रक्रियाओं के लिए सही फॉर्म और फॉर्मैट जानना जरूरी है.

  • अनुबंध श्रम का नियंत्रण-नियमन - कॉन्ट्रैक्ट लेबर के साथ जुड़ी समस्याएं, विशेषकर Gurgaon-Faridabad क्षेत्रों में, पहचान, वेतन और सुरक्षा के उल्लंघन हो सकते हैं.

    व्यावहारिक सलाह: कॉन्ट्रैक्ट लेबर के साथ सशर्त अनुबंध के नियम पढ़ें और कर्मचारियों की संख्या, पंजीकरण आदि चेक करें. कानूनन सहायता लें तो बेहतर है.

  • ESI-EPF और सामाजिक सुरक्षा अहवाल - कुछ संस्थान सामाजिक सुरक्षा दायित्वों का पालन नहीं करते. Haryana के SMEs में यह आम समस्या है.

    व्यावहारिक सलाह: ईपीएफ-ईएसआई नंबर, योगदान रिकॉर्ड और यूनीक-आईडी्स रखें. दायित्व निभाने में देरी होने पर वकील से मार्गदर्शन लें.

3. स्थानीय कानून अवलोकन: [ हरियाणा, भारत में रोज़गार एवं श्रम को नियंत्रित करने वाले 2-3 विशिष्ट कानूनों का नाम से उल्लेख करें ]

  • Factories Act, 1948 - हरियाणा के कारखानों में सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुविधाओं के नियम निर्धारित करता है. व्यवसाईक इकाइयों पर सुरक्षा-एप्रोच अनिवार्य है.
  • Shops and Establishment Act, Haryana - दुकानें, कार्यालय एवं सेवा सस्थाओं के कार्य समय, वेतन-नोटिस, छुट्टी आदि के नियम इस Act से नियंत्रित होते हैं.
  • Industrial Relations Code, 2020 - कर्मचारी-स्वामित्व संबंधी विवाद, औद्योगिक अनुशासन और औद्योगिक संबंधों के स्वरूप को स्पष्ट करता है. Haryana में लागू केंद्रीय ढांचे के अंतर्गत राज्य विभाग लागू करते हैं.

व्यावहारिक सुझाव: Haryana के लिए इन कानूनों के साथ-साथ राज्य-विशिष्ट नियमों की सूचना स्थानीय Labour Department से प्राप्त करें. क्षेत्रीय फैक्ट्री अधिकारियों के साथ संपर्क बना कर रखें.

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:

व्यवहारिक प्रश्न: रोज़गार और श्रम कानून क्या हैं?

उत्तर: रोजगार कानून वे नियम हैं जो वेतन, सुरक्षा, नियुक्ति और कर्मचारी-अधिकार तय करते हैं. हरियाणा में यह केंद्रीय Codes और राज्य कानून के मेल से चलता है. प्रभावी डेटा के लिए आधिकारिक स्रोत देखें.

हरियाणा में अधिकार-निर्णय कौन करता है?

उत्तर: श्रम विभाग और जिला कोर्टें; कानूनी सहायता के लिए अधिवक्ता से मिलें. वे विभागीय शिकायतों और निवारण के मार्ग दिखाते हैं.

ESI-EPF के लाभ कौन ले सकता है?

उत्तर: कर्मचारी जो निर्दिष्ट दायित्वों के अंतर्गत आते हैं, वेतन-आधारित योगदान प्राप्त कर सकते हैं. नियोक्ता और कर्मचारी दोनों योगदान देते हैं.

अगर वेतन नहीं मिलता तो क्या करें?

उत्तर: पहले अपने नियोक्ता से लिखित शिकायत करें. फिर यदि समाधान नहीं हो, labour department और कोर्ट-स्तर पर कदम उठाएं. रिकॉर्ड रखना आवश्यक है.

बर्खास्तगी के बाद क्या अधिकार हैं?

उत्तर: उचित नोटिस, कारण और अनुशासनिक प्रक्रिया का पालन आवश्यक है. Haryana के क्षेत्र में अनुच्छेदों के अनुसार सुरक्षा मिलती है.

कौन से सबूत जरूरी हैं?

उत्तर: वेतन स्लिप, बैंक स्टेटमेंट, ओटी रिकॉर्ड, गवाह, आंतरिक ईमेल और निदेशालय के नोटिस आदि. सुझाव है कि हर चीज का अनुरोध-संरक्षित रिकॉर्ड बनाएं.

नियोक्ता कैसे सुविधाओं का लाभ देता है?

उत्तर: मानक वेतन, छुट्टियाँ, सुरक्षा उपकरण और OSHA-जैसी सुरक्षा नीति. Code के अनुसार एक ही वेतन-मानकीकरण प्रणाली लागू होनी चाहिए.

शॉप्स एंड Establishment कानून क्या कवर करता है?

उत्तर: कार्य समय, पेड छुट्टियाँ, रोटेशन-शिफ्ट, ओवरटाइम आदि. Haryana में यह राज्य कानून से नियंत्रित होता है.

क्या हर Haryana उद्योग को कोड-आधारित कानून लागू होंगे?

उत्तर: हाँ, 2020 के बाद से Codes केंद्रीय कानून हैं और Haryana राज्य के साथ मिलकर लागू होते हैं. छोटे कारोबारों को भी अनुपालन करना होता है.

कहाँ शिकायत दर्ज करूं?

उत्तर: स्थानीय Labour Department, Factory Inspector या ESI/EPF कार्यालय में शिकायत दर्ज की जा सकती है. केस-स्टेट के अनुसार वकील मार्गदर्शन देते हैं.

कहाँ से कानूनी सहायता पाई जा सकती है?

उत्तर: कानूनी सहायता संघ, निजी वकील, और स्थानीय कानून-समुदाय. हरियाणा निवासी के लिए योग्य वकील से मिलना लाभदायक रहता है.

5. अतिरिक्त संसाधन:

  • Ministry of Labour and Employment (भारत सरकार) - आधिकारिक जानकारी और Codes के बारे में पेज. https://labour.gov.in
  • Employees' Provident Fund Organisation (EPFO) - पेंशन एवं सामाजिक सुरक्षा विवरण. https://www.epfindia.gov.in
  • Employees' State Insurance Corporation (ESIC) - मेडिकल सुविधाओं और बीमा कार्यक्रम. https://www.esic.nic.in
  • State Portal - Haryana - राज्य स्तर पर नागरिक सेवाएं एवं सूचना. https://haryana.gov.in

6. अगले कदम: [ रोजगार एवं श्रम वकील खोजने के लिए 5-7 चरणीय प्रक्रिया ]

  1. अपने केस के लिए स्पष्ट उद्देश्य तय करें; क्या वेतन- शिकायत, बर्खास्तगी-चटक या अनुबंध-समस्या है.
  2. हरियाणा-आधारित अनुभवी वकील की सूची बनाएं; स्थानीय अदालतों के अनुभवी अधिवक्ताओं से प्रारम्भ करें.
  3. कानूनी सुझावों के लिए तीन_sep>कंसल्टेशन शेड्यूल करें; फीस, सफलता-रेट और क्षेत्रीय ज्ञान पूछें.
  4. अपने केस के दस्तावेज जुटाएं-वेतन स्लिप, नोटिस, अनुबंध, गवाहों के नाम आदि.
  5. कानूनी विकल्प पर निर्णय लें-समझौता, मुव्वकिल बंदोबस्त या अदालत-यात्रा।
  6. समय-सीमा और अदालत-फाइलिंग की प्रक्रियाओं की चेकलिस्ट बनाएं।
  7. क्विक-चेक: हर कदम पर वकील से फॉलो-अप और दस्तावेजों का अद्यतन पाएं।

Lawzana आपको योग्य कानूनी पेशेवरों की चयनित और पूर्व-जाँच की गई सूची के माध्यम से हरियाणा में में सर्वश्रेष्ठ वकील और कानूनी फर्म खोजने में मदद करता है। हमारा प्लेटफ़ॉर्म अभ्यास क्षेत्रों, रोज़गार एवं श्रम सहित, अनुभव और ग्राहक प्रतिक्रिया के आधार पर तुलना करने की अनुमति देने वाली रैंकिंग और वकीलों व कानूनी फर्मों की विस्तृत प्रोफ़ाइल प्रदान करता है।

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अस्वीकरण:

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