भारत में सर्वश्रेष्ठ पेटेंट वकील

अपनी ज़रूरतें हमारे साथ साझा करें, कानूनी फर्मों से संपर्क प्राप्त करें।

मुफ़्त। 2 मिनट लगते हैं।

या शहर चुनकर अपनी खोज परिष्कृत करें:

NAIR IP LLP
मुंबई, भारत

2019 में स्थापित
उनकी टीम में 6 लोग
English
NAIR IP LLP offers specialized intellectual property law services in India with offices in Mumbai and Kolkata. The firm represents a diverse clientele, from startups to multinational brands, providing practical IP protection strategies for patents, trademarks, industrial designs and copyrights. Its...
NAGAIAH LAW ASSOCIATES LLP
हैदराबाद, भारत

2017 में स्थापित
English
नागैया लॉ एसोसिएट्स एलएलपी, 2017 में स्थापित, हैदराबाद, तेलंगाना, भारत में स्थित एक प्रतिष्ठित विधिक फर्म है। यह फर्म...
SAI ANAND SERVICE
ठाणे, भारत

2010 में स्थापित
English
SAI ANAND SERVICE TMR PVT. LTD. (SAS) भारत में एक प्रीमियर बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) परामर्श फर्म है, जो ट्रेडमार्क, कॉपीराइट, पेटेंट और...
MEDIALEXICON
मुंबई, भारत

2002 में स्थापित
English
2002 में स्थापित, MEDIALEXICON भारत की एक प्रतिष्ठित कानून फर्म है जो तकनीकी, मीडिया और दूरसंचार (TMT) क्षेत्रों में विशेषज्ञता...
Lex Commerci
चंडीगढ़, भारत

English
लेक्स कॉमेरसी एक पेशेवर भारतीय विधि फर्म है जो कॉर्पोरेट और वाणिज्यिक मामलों में विशेषज्ञता रखती है, नियमों के...
AVIS LEGAL
मुंबई, भारत

English
AVIS LEGAL भारत में एक प्रतिष्ठित विधिक फर्म है, जो अपने व्यापक कानूनी सेवाओं और उत्कृष्टता के प्रति अडिग प्रतिबद्धता...
Karanjawala & Co
नया दिल्ली, भारत

1983 में स्थापित
उनकी टीम में 200 लोग
Hindi
English
करंजवाला एंड कंपनी के बारे मेंकरंजवाला एंड कंपनी एक विशिष्ट पूर्ण-सेवा विवाद समाधान फर्म है जो अपने ग्राहकों की...
MZM Legal
मुंबई, भारत

2005 में स्थापित
उनकी टीम में 50 लोग
Hindi
English
हमारे बारे मेंMZM लीगल एक पूर्ण-सेवा लॉ फर्म है, जिसमें मुंबई और नई दिल्ली से आधारित 55 वकीलों की समर्पित टीम है, जिसे...
Krishnamurthy & Co. / K Law
मुंबई, भारत

1999 में स्थापित
English
1999 में स्थापित, कृष्णमूर्ति एंड कंपनी (के लॉ) बैंगलोर, मुंबई, नई दिल्ली और चेन्नई में कार्यालयों के साथ एक पूर्ण-सेवा...
जैसा कि देखा गया

1. भारत में पेटेंट कानून के बारे में

भारत में पेटेंट कानून का मुख्य उद्देश्य आविष्कारकों को उनके नवोन्मेष के लिए अधिकार देना है ताकि वे अपने विकसन को व्यावसायिक रूप से सुरक्षित तरीके से विकसित कर सकें।

पेटेंट के लिए आवश्यक तीन प्रमुख मूल्यमानदंड हैं: novelty, inventive step और industrial applicability. इन معیارों के आधार पर आवेदन स्वीकार या अस्वीकार किया जाता है।

पेटेंट का अधिकार 20 वर्ष के लिए सीमित अवधि के लिए मिलता है और इसके लिए वार्षिकMaintenance शुल्क देना होता है। इसके अलावा पेटेंट आवेदन प्रक्रिया में पूर्व-स्वीकृति विरोध (pre grant opposition) और बाद में विरोध (post grant opposition) के अवसर भी होते हैं।

"A patent is an exclusive right granted for a limited period on a new invention in exchange for disclosure of the invention."
"The mere discovery of a new form of a known substance which does not result in the enhancement of the known efficacy of that substance shall not be patentable."

भारत में पेटेंट के प्रमुख कानूनक ढांचे के बारे में संक्षेप में:

  • The Patents Act, 1970 - आविष्कार के लिए पेटेंट प्राप्त करने के अधिकार, पात्रता मानदंड और प्रतिरक्षा संरचना को नियंत्रित करता है।
  • The Patents Rules, 2003 - आवेदन, परीक्षण, विरोध और शुल्क से संबंधित प्रक्रियात्मक नियम निर्धारित करता है।
  • IPR नीति 2016 - समग्र दृष्टिकोण में सभी प्रकार के IPR के संरक्षण और प्रोत्साहन के लिए दिशानिर्देश देता है।

उच्चतम न्यायालय द्वारा भी पेटेंट के दायरे में नवीनता और वैधानिकता के कारण महत्वपूर्ण निर्णय दिए गए हैं, जैसे ग्लीवेक केस से जुड़ी धारणाओं पर भारत ने 3-d ड्राफ्ट के मानदंड स्पष्ट किए हैं।

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है

भारत में पेटेंट से जुड़ी कानूनी प्रक्रियाओं के लिए एक अनुभवी कानूनी सलाहकार या अधिवक्ता की सहायता अत्यंत महत्वपूर्ण है।

नीचे 4-6 वास्तविक परिस्थितियाँ दी जा रही हैं जिनमें वकील की आवश्यकता स्पष्ट हो जाती है:

  • 1) नया आविष्कार भारतीय धरातल पर पेटेंट कराना - शुरुआती फाइलिंग से लेकर पूर्ण विवरण बनाने, प्राथमिक अर्जी, और सामान्य क्लाउड-आधारित फाइलिंग में मदद चाहिए।
  • 2) अमेरिकी/यूरोप आदि से PCT राष्ट्रीय चरण प्रविष्टि - अंतरराष्ट्रीय आवेदन के बाद भारत में राष्ट्रीय चरण के लिए सही फॉर्मिंग और समय-सीमा आवश्यक हैं।
  • 3) प्रस्तुति प्राप्त ऑब्जेक्शन (Exam Report) पर जवाब देना - नकली/नवीनता के प्रमाण, inventive step के विरोध आदि पर तर्क सम्मिलित करने के लिए अनुभवी वकील जरूरी।
  • 4) पूर्व-ग्रांट और पोस्ट-ग्रांट विरोध - किसी अन्य पार्टी के विरोध से आपके आवेदन/पेटेंट का सुरक्षित बचाव और त्वरित प्रवर्तन संभव बनता है।
  • 5) दवा/औषधि आदि रोग-सम्बन्धी आविष्कारों में 3-d जैसे मानदंडों पर चुनौती - Novartis बनाम भारत निर्णय जैसे मुद्दों पर मजबूत तर्क की जरूरत होती है।
  • 6) पेटेंट के प्रवर्तन और प्रतिकूल प्रवर्तनों पर संरक्षण - infringement से सुरक्षा, रोकथाम और अनुचित उपयोग रोकथाम के लिए कानूनी कदम उठाने में मदद।

उदाहरण के तौर पर, Natco Pharma ने 2012 में Sorafenib (Nexavar) के लिये भारत में compulsory license प्राप्त किया-यह दिखाता है कि कैसे सार्वजनिक हित के लिए वैधानिक मार्ग खुलते हैं और इसके लिए कानूनी सलाह आवश्यक होती है।

3. स्थानीय कानून अवलोकन

भारत में पेटेंट से जुड़ी प्रमुख कानूनी संरचना में तीन मुख्य कानून आते हैं:

  • The Patents Act, 1970 - पेटेंट की पात्रता, अधिकार, अवधि, और संशोधन-प्रक्रियाओं को नियंत्रित करता है।
  • The Patents Rules, 2003 - फाइलिंग, examination, opposition, फीस आदि के विस्तृत नियम देता है।
  • IPR Policy 2016 - समष्टि स्तर पर IPR के संरक्षण, संवर्धन और जागरूकता के लिए मार्गदर्शन प्रदान करता है।

संशोधित नियम व प्रक्रियाओं के अपडेट के लिए IP India के आधिकारिक पन्ने देखें।

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पेटेंट क्या है?

पेटेंट एक सरकारी एकाधिकार है जो आविष्कारक को एक सीमित समय के लिए अपने आविष्कार का व्यावसायिक उपयोग exclusive रूप से करने का अधिकार देता है।

पेटेंट कितने समय तक रहता है?

भारत में पेटेंट की वैधता 20 वर्ष होती है, जो फाइलिंग तिथि से गिनी जाती है और वार्षिक फीस के साथ बनाए रखी जाती है।

पेटेंट के तीन मुख्य मानदंड क्या हैं?

novelty, inventive step और industrial applicability। बिना इन तीनों के पेटेंट नहीं मिल सकता।

3-d का क्या मतलब है और यह क्यों महत्वपूर्ण है?

3-d नियम कहता है कि ज्ञात पदार्थ के नए रूप से अगर ज्ञात प्रभाव में वृद्धि नहीं होती तो वह पेटेंट योग्य नहीं माना जाता।

पेटेंट आवेदन से पहले कि क्या मुझे एक खोज करनी चाहिए?

हाँ, अंतरराष्ट्रीय और भारतीय डेटाबेस में पूर्व-खोज से यह पता चलता है कि आपकीImplantation unique है या नहीं।

Pre-grant और post-grant विपक्ष में क्या अंतर है?

Pre-grant विपक्ष आवेदन के परीक्षण से पहले हो सकता है, जबकि post-grant विपक्ष पेटेंट दावों के जारी होने के बाद दायर होता है।

क्या मैं भारत से बाहर भी पेटेंट करा सकता हूँ?

हाँ, PCT मार्ग से अंतरराष्ट्रीय फाइलिंग के बाद भारत में national phase के लिए प्रवेश किया जा सकता है।

कौन सी मुख्य प्रक्रियाएं हैं जिनके लिए वकील चाहिए?

फाइलिंग, examination report के जवाब, post-grant Opposition, और compulsory licensing के मामलों में अधिवक्ता आवश्यक होता है।

Compulsory licensing कब लागू होता है?

जब सार्वजनिक हित के कारण महत्त्वपूर्ण दवाओं या संसाधनों की उपलब्धता और मूल्य नियंत्रण आवश्यक हो, तब ये अधिकार मिलते हैं।

क्या भारत में सॉफ्टवेयर पेटेंट संभव है?

भारत में सॉफ्टवेयर के लिए सीधी पेटेंट क्षमता सीमित है; व्यावहारिक तौर पर कंप्यूटेशनल तरीके से सृजित स्थिर तकनीक या विशिष्ट हार्डवेयर-समर्थित समाधान को माना जाता है।

पोस्ट-ग्रांट ऑब्जेक्शन के लिए समय सीमा क्या है?

ऑब्जेक्शन के जवाब हेतु समय-सीमा आम तौर पर 12 महीनों के भीतर दी जाती है; बढ़ाने के लिए अनुरोध किया जा सकता है।

पेटेंट ड्राफ्टिंग में क्या खास देखना चाहिए?

स्पष्ट, संपूर्ण और पेचीदा दावों के साथ एक स्पष्ट विवरण दें ताकि अनावश्यक अस्पष्टता न रहे और व्यापक संरक्षण संभव हो।

पेटेंट के लिए कुल लागत कितनी होती है?

फाइलिंग फीस, विषय-वस्तु शुल्क, वार्षिक Maintainance शुल्क और वकील शुल्क मिलाकर लागतें बदलती हैं; शुरुआती फेज में 1-2 लाख से शुरू हो सकती हैं।

5. अतिरिक्त संसाधन

  • CGPDTM (Office of the Controller General of Patents, Designs and Trade Marks) - पेटेंट, डिजाइनों और ट्रेड मार्क्स के लिए मुख्य नियंत्रण संस्था। https://ipindia.gov.in
  • WIPO India - विश्वस्तर पर IP के सीखने और भारत के संदर्भ में सूचना संसाधन। https://www.wipo.int/about-ip/en/regions/wipo_india/
  • NIIPM (National Institute of Intellectual Property Management) - IPR पाठ्यक्रम, प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम देता है।

6. अगले कदम

  1. अपनी आविष्कार की पहचान करें और पूर्व-खोज करें- IP India तथा अन्य डेटाबेस पर समानता देखिए।
  2. यदि आवश्यक हो तो एक संपूर्ण या प्रायोगिक डाक्यूमेंटेशन तैयार करें।
  3. एक अनुभवी पेटेंट वकील या कानूनी सलाहकार से कॉन्टैक्ट करें और चयन करें।
  4. फाइलिंग रणनीति तय करें- सीधे भारतीय आवेदन या PCT के जरिए अंतरराष्ट्रीय फाइलिंग।
  5. First Examination Report (FER) के जवाब के लिए योजना बनाएं और समय पर प्रतिक्रिया दें।
  6. यदि जरूरत हो तो pre-grant या post-grant विरोधी कदम उठाएं और यह सुनिश्चित करें कि दावों की सुरक्षा हो।
  7. पेटेंट प्राप्त होने के बाद उचित maintenance शुल्क दें और समय‑समय पर औपचारिकता पूरी करें।

Lawzana आपको योग्य कानूनी पेशेवरों की चयनित और पूर्व-जाँच की गई सूची के माध्यम से भारत में में सर्वश्रेष्ठ वकील और कानूनी फर्म खोजने में मदद करता है। हमारा प्लेटफ़ॉर्म अभ्यास क्षेत्रों, पेटेंट सहित, अनुभव और ग्राहक प्रतिक्रिया के आधार पर तुलना करने की अनुमति देने वाली रैंकिंग और वकीलों व कानूनी फर्मों की विस्तृत प्रोफ़ाइल प्रदान करता है।

प्रत्येक प्रोफ़ाइल में फर्म के अभ्यास क्षेत्रों, ग्राहक समीक्षाओं, टीम सदस्यों और भागीदारों, स्थापना वर्ष, बोली जाने वाली भाषाओं, कार्यालय स्थानों, संपर्क जानकारी, सोशल मीडिया उपस्थिति, और प्रकाशित लेखों या संसाधनों का विवरण शामिल है। हमारे प्लेटफ़ॉर्म पर अधिकांश फर्म अंग्रेजी बोलती हैं और स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों कानूनी मामलों में अनुभवी हैं।

भारत में में शीर्ष-रेटेड कानूनी फर्मों से उद्धरण प्राप्त करें — तेज़ी से, सुरक्षित रूप से, और बिना अनावश्यक परेशानी के।

अस्वीकरण:

इस पृष्ठ पर दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और कानूनी सलाह नहीं है। हम सामग्री की सटीकता और प्रासंगिकता सुनिश्चित करने का प्रयास करते हैं, लेकिन कानूनी जानकारी समय के साथ बदल सकती है, और कानून की व्याख्या भिन्न हो सकती है। आपको अपनी स्थिति के लिए विशिष्ट सलाह हेतु हमेशा एक योग्य कानूनी पेशेवर से परामर्श करना चाहिए।

हम इस पृष्ठ की सामग्री के आधार पर की गई या न की गई कार्रवाइयों के लिए सभी दायित्व को अस्वीकार करते हैं। यदि आपको लगता है कि कोई जानकारी गलत या पुरानी है, तो कृपया contact us, और हम उसकी समीक्षा करेंगे और जहाँ उचित हो अपडेट करेंगे।

भारत में शहर द्वारा पेटेंट कानूनी फर्म ब्राउज़ करें

शहर चुनकर अपनी खोज परिष्कृत करें।

अजमेर में पेटेंट वकील अररिया में पेटेंट वकील अहमदाबाद में पेटेंट वकील आगरा में पेटेंट वकील इंदौर में पेटेंट वकील औरंगाबाद में पेटेंट वकील कटक में पेटेंट वकील कानपुर में पेटेंट वकील कोझिकोड में पेटेंट वकील कोटा में पेटेंट वकील कोलकाता में पेटेंट वकील कोल्हापूर में पेटेंट वकील गया में पेटेंट वकील गांधीनगर में पेटेंट वकील गिरिडीह में पेटेंट वकील गोड्डा में पेटेंट वकील गोपালगंज में पेटेंट वकील ग्वालियर में पेटेंट वकील चंडीगढ़ में पेटेंट वकील चेन्नई में पेटेंट वकील जमतारा में पेटेंट वकील जमशेदपुर में पेटेंट वकील जम्मू में पेटेंट वकील जयपुर में पेटेंट वकील जोधपुर में पेटेंट वकील झारग्राम में पेटेंट वकील ठाणे में पेटेंट वकील दार्जीलिंग में पेटेंट वकील दिल्ली में पेटेंट वकील दुमका में पेटेंट वकील देवघर में पेटेंट वकील देहरादून में पेटेंट वकील धनबाद में पेटेंट वकील नया दिल्ली में पेटेंट वकील नवादा में पेटेंट वकील नागपुर में पेटेंट वकील नोएडा में पेटेंट वकील पटना में पेटेंट वकील पुणे में पेटेंट वकील प्रयागराज में पेटेंट वकील बक्सर में पेटेंट वकील बलिया में पेटेंट वकील बांकुरा में पेटेंट वकील बिहार शरीफ़ में पेटेंट वकील बेंगलुरु में पेटेंट वकील बेगूसराय में पेटेंट वकील बोकारो स्टील सिटी में पेटेंट वकील भुवनेश्वर में पेटेंट वकील भोपाल में पेटेंट वकील मधुबनी में पेटेंट वकील मधेपुरा में पेटेंट वकील मुंगेर में पेटेंट वकील मुंबई में पेटेंट वकील मेदिनीनगर में पेटेंट वकील मोतीहारी में पेटेंट वकील मोहानिया में पेटेंट वकील मोहाली में पेटेंट वकील रांची में पेटेंट वकील राउरकेला में पेटेंट वकील राजकोट में पेटेंट वकील रामगढ़ में पेटेंट वकील रायपुर में पेटेंट वकील लखनऊ में पेटेंट वकील लुधियाना में पेटेंट वकील लोहरदगा में पेटेंट वकील वडोदरा में पेटेंट वकील वाराणसी में पेटेंट वकील श्रीनगर में पेटेंट वकील समस्तीपुर में पेटेंट वकील सहरसा में पेटेंट वकील साहिबगंज में पेटेंट वकील सिकंदराबाद में पेटेंट वकील सिवान में पेटेंट वकील सीतामढ़ी में पेटेंट वकील सुपौल में पेटेंट वकील सूरत में पेटेंट वकील हज़ारीबाग में पेटेंट वकील हरियाणा में पेटेंट वकील हैदराबाद में पेटेंट वकील