भारत में सर्वश्रेष्ठ तलाक और अलगाव वकील

अपनी ज़रूरतें हमारे साथ साझा करें, कानूनी फर्मों से संपर्क प्राप्त करें।

मुफ़्त। 2 मिनट लगते हैं।

पारिवारिक वकील नियुक्त करने की मुफ़्त गाइड

या शहर चुनकर अपनी खोज परिष्कृत करें:

Priya Gupta Advocate
पटना, भारत

2009 में स्थापित
उनकी टीम में 5 लोग
English
परिवार तलाक और अलगाव गोद लेना +11 और
2009 में स्थापित, प्रिया गुप्ता एडवोकेट पटना स्थित एक प्रमुख विधिक फर्म है, जो समय पर, रचनात्मक और लागत-कुशल कानूनी...
Adv Amol Khobragade Legal Solution

Adv Amol Khobragade Legal Solution

30 minutes मुफ़्त परामर्श
पुणे, भारत

2014 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
English
Marathi (Marāṭhī)
Hindi
एडवोकेट अमोल खोब्रागड़े और लीगल सॉल्यूशंस के बारे में - दस से अधिक वर्षों के अनुभव के साथ, एडवोकेट अमोल खोब्रागड़े...
Advocate Radha Raman Roy

Advocate Radha Raman Roy

15 minutes मुफ़्त परामर्श
पटना, भारत

1987 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
English
Hindi
वकील राधा रमण रॉय, पटना के सर्वश्रेष्ठ वकील, आपराधिक, तलाक, संपत्ति, वैवाहिक, पारिवारिक और नागरिक कानून में 35 से...
SJG & Associates
नया दिल्ली, भारत

2015 में स्थापित
English
Established in 2015, SJG & Associates is a premier full-service law firm based in New Delhi with a PAN India footprint, delivering professional and results-driven legal services to individuals, startups and corporates. The firm is known for its expertise across family law, corporate and commercial...
Advent Advocates & Legal Consultants
मुंबई, भारत

2000 में स्थापित
उनकी टीम में 50 लोग
Hindi
English
हमारे बारे मेंहम सुनते हैं, समझते हैं और सहानुभूति रखते हैं।एडवेंट एडवोकेट्स एंड लीगल कंसल्टेंट्स भारत की...
MPS Legal
देहरादून, भारत

English
MPS लीगल देहरादून स्थित एक विधि फर्म है जो आपराधिक कानून, परिवार एवं तलाक कानून, मध्यस्थता, संपत्ति कानून, ऋण वसूली...

2009 में स्थापित
English
VSK & Co ADVOCATES भारत में एक प्रतिष्ठित विधिक फर्म है, जो विभिन्न अभ्यास क्षेत्रों में अपनी व्यापक कानूनी विशेषज्ञता के...
Law Chambers
मुंबई, भारत

2002 में स्थापित
English
स्थापित 2002 में, लॉ चेम्बर मैंगलोर मैंगलोर क्षेत्र में एक प्रमुख कानूनी प्रैक्टिस रही है, जो विभिन्न क्षेत्रों में...
Mukund Choudhary

Mukund Choudhary

15 minutes मुफ़्त परामर्श
इंदौर, भारत

2019 में स्थापित
उनकी टीम में 3 लोग
Hindi
English
Marathi (Marāṭhī)
Gujarati
मुकुंद चौधरी एंड एसोसिएट्स इन्दौर में एक प्रतिष्ठित तथा अग्रणी फर्म है, हम आदरणीय ग्राहकों को पूर्ण श्रेणी की...
जैसा कि देखा गया

भारत तलाक और अलगाव वकीलों द्वारा उत्तरित कानूनी प्रश्न

हमारे 2 कानूनी प्रश्न ब्राउज़ करें तलाक और अलगाव के बारे में भारत में और वकीलों के उत्तर पढ़ें, या मुफ़्त में अपने प्रश्न पूछें.

शादीशुदा जीवन का मुद्दा।
तलाक और अलगाव परिवार
डिवोर्स कैसे प्राप्त करें। इसके मानदंड क्या हैं?
वकील का उत्तर MAH&CO. द्वारा

आपके प्रश्न के लिए धन्यवाद।तलाक, खुला, और वैवाहिक विवाद समाधान में दशकों के अभ्यास के साथ एक अनुभवी पारिवारिक वकील के रूप में, मैं आपको पाकिस्तान में तलाक प्राप्त करने की कानूनी प्रक्रिया में मार्गदर्शन कर सकता हूँ। तलाक प्रक्रिया...

पूरा उत्तर पढ़ें
1 उत्तर
क्या विवाह को शून्य और शून्य घोषित किया जा सकता है?
विवाह परिवार तलाक और अलगाव
मैं फ्रेंच हूं और फ्रांस में रहती हूं। मैंने भारत के हाथरस में एक भारतीय से शादी की थी। वह दिल्ली के टैगोर गार्डन में रहता है। उसने मेरे साथ धोखा किया और वह वीजा तथा पैसों में रुचि रखता था। उसने एक नकली शादी का कार्ड बनाया, मुझसे कुछ...
वकील का उत्तर LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH द्वारा

आपके द्वारा प्रदान की गई जानकारी के आधार पर यह विवाह शुरू से ही शून्य है और इसे भारतीय परिवार न्यायालय द्वारा शून्य घोषित किया जा सकता हैजैसा कि आपने बताया, चूंकि विवाह हिंदू विवाह अधिनियम के तहत बिना वैध...

पूरा उत्तर पढ़ें
1 उत्तर

1) भारत में तलाक और अलगाव कानून के बारे में: [ भारत में तलाक और अलगाव कानून का संक्षिप्त अवलोकन ]

भारत में तलाक और अलगाव के लिए समुदाय-आधारित कानून और संघीय कानून मिलते-जुलते हैं। प्रमुख नागरिक कानून हिन्दू समुदाय के लिए हिन्दू विवाह अधिनियम 1955 है, जबकि inter-faith विवाह के लिए विशेष विवाह अधिनियम 1954 प्रावधान देता है। ईसाई समुदाय के लिए इंडियन डिवोर्स एक्ट 1869 है, जबकि पारसी समुदाय के लिए पारसी विवाह और डिवोर्स अधिनियम 1936 लागू है।

तलाक प्रक्रियाएं सामान्यतः फैमिली कोर्ट के अधीन होती हैं और संपूर्ण तलाक, सहमति तलाक, मा-वृत्ति-आधारित तलाक आदि के विकल्प देती हैं। मौलिक अधिकार और समानता के मुद्दे समाजिक-व्यवस्थाओं में प्रमुख हैं, इसलिए अदालतें व्यक्तिगत कानूनों के अनुसार निर्णय लेती हैं।

2017 में triple talaq को चुनौती देकर मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों पर प्रभाव डाला गया; 2019 में मुस्लिम महिलाओं के अधिकार संरक्षण कानून में संशोधन हुए।

Triple talaq in any form is unconstitutional and violates the fundamental rights of women.

Source: Supreme Court की दृष्टि से इस प्रकार के प्रथाओं की असंवैधानिकता स्पष्ट हुई है। आधिकारिक टिप्पणी के लिए देखें Supreme Court के निर्णय संदर्भित दस्तावेज़।

Section 13B के अनुसार हिन्दू विवाह अधिनियम में सहमति तलाक का प्रावधान है।

Source: हिन्दू विवाह अधिनियम 1955 के अनुरूप अधिकार-प्रावधान। अधिक जानकारी के लिए कानून विवरण देखें: Legislation.gov.in

The Muslim Women Protection of Rights on Divorce Act 2019 aims to protect the rights of divorced Muslim women and provides for maintenance.

Source: MWPRDA 2019 और సంబంధित सरकारी घोषणाएं। अधिक जानकारी के लिए देखें Legislation.gov.in

2) आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है: [ तलाक और अलगाव कानूनी सहायता की आवश्यकता वाले 4-6 विशिष्ट परिदृश्य ]

नीचे 6 वास्तविक परिदृश्य हैं जो भारत में तलाक मामलों में वकील की जरूरत बताते हैं।

  • कठिन या विवादित कारणों पर तलाक पंजीकृत कराना है जैसे क्रूरता, प्रताडना या अवमानना। एक अनुभवी वकील जिम्मेदारी से मामला प्रस्तुत कर सकता है और न्यायिक राहत दिला सकता है।
  • inter-faith या inter-religion विवाह है तो विशेष विवाह अधिनियम के अंतर्गत तलाक की प्रक्रिया चाहिए।
  • मुस्लिम समुदाय के मामले में talaq-e- bid-dat जैसे तात्कालिक तलाक के कानूनी प्रभावों के बारे में स्पष्ट गाइडेंस चाहिए।
  • Children custody, maintenance, visitation rights और alimony जैसी मुद्दों पर न्यायसंगत विभाजन चाहिए।
  • संपत्ति विभाजन, joint assets, ऋण आदि पर स्पष्ट निर्णय और दस्तावेज़ की जरूरत हो।
  • residency-उन्मुख प्रसंग, जहां एक पक्ष विदेश में रहने के कारण सेवा सूचनाओं और अदालत की प्रक्रियाओं में मदद चाहिए।

भारत से संबंधित वास्तविक उदाहरण:

  • Shayara Bano बनाम Union of India (2017) ने talaq-e-biddat को चुनौती दी; Supreme Court ने इसे असंवैधानिक घोषित किया।
  • MWPRDA 2019 के तहत तलाक के बाद भी पत्नी कोMaintenance और अधिकार प्राप्त हैं; इस संशोधन का मकसद divorced Muslim women के अधिकारों की सुरक्षा है।
  • inter-faith विवाह के लिए Special Marriage Act 1954 के अंतर्गत तलाक की प्रक्रिया कठिनाई से नहीं बल्कि स्पष्ट अनुशीलन से पूरी होती है।

3) स्थानीय कानून अवलोकन: [ भारत में तलाक और अलगाव को नियंत्रित करने वाले 2-3 विशिष्ट कानून ]

  1. हिन्दू विवाह अधिनियम, 1955 - हिन्दू व्यक्तियों के लिए तलाक, तलाक-ए-सम्पूर्ण, तलाक-परस्पर-सहमति आदि के रास्ते निर्धारित करता है। इसमें Section 13-14 आदि अधिकार दिए गए हैं।
  2. Special Marriage Act, 1954 - inter-faith और inter-caste विवाह के लिए तलाक, तलाक-परस्पर-सहमति आदि के उपाय निर्धारित करता है; विवाह पंजीयन का भी मार्ग देता है।
  3. Indian Divorce Act, 1869 - ईसाई समुदाय के लिए तलाक और सम्बन्धित अधिकारों के नियम यहाँ स्पष्ट होते हैं।

गौरतलब है कि मुस्लिम समुदाय में Talaq-e-Sharait आदि व्यक्तिगत कानूनों के अंतर्गत आते हैं और MWPRDA 2019 से प्रभावी नियम बन गए हैं।

उद्धरण स्रोत: हिन्दू विवाह अधिनियम 1955, Special Marriage Act 1954, Indian Divorce Act 1869 - आधिकारिक कानून पन्ने देखें: India Code

4) अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न: [ 10-12 प्रश्न-उत्तर जोड़े ]

तलाक कैसे शुरू करें?

सबसे पहले एक परिवार न्यायालय में केस दायर करें. आप अपने क्षेत्र की District Legal Services Authority से मुफ्त कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं. सही दस्तावेज़ जैसे विवाह प्रमाणपत्र, पहचान, संयुक्त आय के दस्तावेज़ रखें.

कौन से कानून लागू होते हैं?

यह आपके धर्म और विवाह के आधार पर निर्भर करता है. हिन्दू के लिए हिन्दू विवाह अधिनियम, inter-faith के लिए Special Marriage Act, Christians के लिए Indian Divorce Act आदि लागू होते हैं.

क्या तलाक के लिए residency जरूरी है?

हाँ अक्सर अदालत residency या last domicile की मांग करती है. अदालत में मुकदमा दाखिल करने के लिए सामान्यतः व्यक्ति उस क्षेत्र के फैमिली कोर्ट में केस ठहराती है जहाँ夫妻 में से कोई एक रहता था या रहा हो.

Mutual consent तलाक कैसे होता है?

Mutual consent तलाक के लिए दो महीने का cooling-off period होता है. इस अवधि के बाद अदालत divorce decree दे सकती है. Section 13B हिन्दू विवाह अधिनियम के अनुसार यह रास्ता है.

Maintenance और child custody कैसे तय होते हैं?

अदालत माता-पिता की आय, बच्चों के खर्च, शिक्षा और सुरक्षा को देखते हुए maintenance और custody तय करती है. अदालत welfare of the child को प्राथमिकता देती है.

Triple talaq क्या कानूनन मान्य है?

Triple talaq को असंवैधानिक माना गया है. talaq-e-biddat पर रोक लग गई है और यह अवैध है. यह MWPRDA 2019 के साथ भी संबद्ध है।

तलाक के बाद संपत्ति कैसे बँटेगी?

आमतौर पर संयुक्त संपत्ति का विभाजन अदालत निर्देशित मार्ग से होता है. तलाक के समय debt और asset division के नियम कानून के अनुसार तय होते हैं.

क्या तलाक के लिए mediation आवश्यक है?

कई अदालतें mediation या conciliation को first step के रूप में बढ़ावा देती हैं, ताकि विवाद हल हो सके. यह ईमानदार उपचार और समय बचाने में मदद करता है.

क्या मुस्लिम महिलाओं के लिए maintenance मिल सकता है?

MWPRDA 2019 के अनुसार divorced Muslim women को maintenance मिलेगा. यह प्रक्रिया अदालत की देखरेख में होती है.

Inter-caste विवाह वाले मामलों में तलाक कैसे लेते हैं?

Special Marriage Act के तहत inter-caste विवाह का तलाक कारणों और नियमों के साथ संभव है. अदालत प्रक्रिया समान रूप से लागू होती है।

किस प्रकार का दस्तावेज़ चाहिए होता है?

आमतौर पर विवाह प्रमाणपत्र, पहचान पत्र, निवास प्रमाण पत्र, बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र और संपत्ति-डॉक्युमेंट शामिल होते हैं.

क्या एक पक्ष विदेशी नागरिक हो तो क्या तलाक हो सकता है?

हाँ, भारतीय अदालत में सामान्यतः domicile या residency के आधार पर jurisdiction मिल सकती है. विदेशी नागरिकों के लिए भी तलाक संभव होता है, परन्तु कुछ प्रक्रियात्मक अतिरिक्त कदम होते हैं।

Christians के लिए तलाक कैसे होता है?

Christians के लिए Indian Divorce Act 1869 प्रासंगिक होता है. Grounds, process और custody न्यायालय में उसी प्रकार तय होते हैं, जैसा अन्य समुदायों के मामले में है।

5) अतिरिक्त संसाधन: [ तलाक और अलगाव से संबंधित 3 विशिष्ट संगठनों]

  • National Legal Services Authority (NALSA) - मुफ्त कानूनी सहायता और परिवार कानून के मामलों में मार्गदर्शन देता है. https://www.nalsa.gov.in
  • National Commission for Women (NCW) - महिलाओं के अधिकारों के लिए नीति और सहायता. https://www.ncw.nic.in
  • Centre for Social Research (CSR) - महिला अधिकार, घरेलू हिंसा और तलाक-सम्बन्धी संसाधन. https://csrindia.org

6) अगले कदम: [ तलाक और अलगाव वकील खोजने के लिए 5-7 चरणीय प्रक्रिया ]

  1. अपने मामले के प्रकार तय करें: हिन्दू, Christian, मुस्लिम आदि समुदाय चुने.
  2. अपना स्थान तय करें: जिस जिले या शहर में निवास है वहां के फैमिली कोर्ट पर विचार करें.
  3. कानूनी सहायता विकल्प देखें: NALSA या DLSA से मुफ्त सलाह ले सकते हैं.
  4. कई वकीलों से initial consultation लें: 2-3 वरिष्ठ advokat से मिलें.
  5. पिछले केस के परिणाम देखें: वेब-रिसर्च और रेटिंग्स देखें, साथ में क्लाइंट फीडबैक।
  6. फीस संरचना स्पष्ट करें: घंटे के हिसाब से या फिक्स्ड फीस; retainers आदि पूछें.
  7. डॉक्यूमेंट्स तैयार रखें: प्रमाणपत्र, आय, बच्चों की जानकारी आदि एक जगह रखें.

नोट: तलाक की प्रक्रिया में स्थान-विशिष्ट नियम और स्थानीय अदालतों की अपेक्षाएं भिन्न हो सकती हैं। स्थानीय कानून पर विशिष्ट सलाह के लिए अपने क्षेत्र के अनुभवी अधिवक्ता से मिलें।

Lawzana आपको योग्य कानूनी पेशेवरों की चयनित और पूर्व-जाँच की गई सूची के माध्यम से भारत में में सर्वश्रेष्ठ वकील और कानूनी फर्म खोजने में मदद करता है। हमारा प्लेटफ़ॉर्म अभ्यास क्षेत्रों, तलाक और अलगाव सहित, अनुभव और ग्राहक प्रतिक्रिया के आधार पर तुलना करने की अनुमति देने वाली रैंकिंग और वकीलों व कानूनी फर्मों की विस्तृत प्रोफ़ाइल प्रदान करता है।

प्रत्येक प्रोफ़ाइल में फर्म के अभ्यास क्षेत्रों, ग्राहक समीक्षाओं, टीम सदस्यों और भागीदारों, स्थापना वर्ष, बोली जाने वाली भाषाओं, कार्यालय स्थानों, संपर्क जानकारी, सोशल मीडिया उपस्थिति, और प्रकाशित लेखों या संसाधनों का विवरण शामिल है। हमारे प्लेटफ़ॉर्म पर अधिकांश फर्म अंग्रेजी बोलती हैं और स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों कानूनी मामलों में अनुभवी हैं।

भारत में में शीर्ष-रेटेड कानूनी फर्मों से उद्धरण प्राप्त करें — तेज़ी से, सुरक्षित रूप से, और बिना अनावश्यक परेशानी के।

अस्वीकरण:

इस पृष्ठ पर दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और कानूनी सलाह नहीं है। हम सामग्री की सटीकता और प्रासंगिकता सुनिश्चित करने का प्रयास करते हैं, लेकिन कानूनी जानकारी समय के साथ बदल सकती है, और कानून की व्याख्या भिन्न हो सकती है। आपको अपनी स्थिति के लिए विशिष्ट सलाह हेतु हमेशा एक योग्य कानूनी पेशेवर से परामर्श करना चाहिए।

हम इस पृष्ठ की सामग्री के आधार पर की गई या न की गई कार्रवाइयों के लिए सभी दायित्व को अस्वीकार करते हैं। यदि आपको लगता है कि कोई जानकारी गलत या पुरानी है, तो कृपया contact us, और हम उसकी समीक्षा करेंगे और जहाँ उचित हो अपडेट करेंगे।

भारत में शहर द्वारा तलाक और अलगाव कानूनी फर्म ब्राउज़ करें

शहर चुनकर अपनी खोज परिष्कृत करें।

अयोध्या में तलाक और अलगाव वकील अररिया में तलाक और अलगाव वकील अहमदाबाद में तलाक और अलगाव वकील इंदौर में तलाक और अलगाव वकील उदयपुर में तलाक और अलगाव वकील एर्नाकुलम में तलाक और अलगाव वकील औरंगाबाद में तलाक और अलगाव वकील कटक में तलाक और अलगाव वकील कन्नूर में तलाक और अलगाव वकील कानपुर में तलाक और अलगाव वकील कोझिकोड में तलाक और अलगाव वकील कोटा में तलाक और अलगाव वकील कोट्टयम में तलाक और अलगाव वकील कोयम्बत्तूर में तलाक और अलगाव वकील कोलकाता में तलाक और अलगाव वकील गया में तलाक और अलगाव वकील गांधीनगर में तलाक और अलगाव वकील गिरिडीह में तलाक और अलगाव वकील गुवाहाटी में तलाक और अलगाव वकील गोड्डा में तलाक और अलगाव वकील गोपালगंज में तलाक और अलगाव वकील ग्वालियर में तलाक और अलगाव वकील चंडीगढ़ में तलाक और अलगाव वकील चेन्नई में तलाक और अलगाव वकील जबलपुर में तलाक और अलगाव वकील जमतारा में तलाक और अलगाव वकील जमशेदपुर में तलाक और अलगाव वकील जम्मू में तलाक और अलगाव वकील जयपुर में तलाक और अलगाव वकील जलंधर में तलाक और अलगाव वकील झारग्राम में तलाक और अलगाव वकील ठाणे में तलाक और अलगाव वकील तिरुपूर में तलाक और अलगाव वकील दार्जीलिंग में तलाक और अलगाव वकील दिल्ली में तलाक और अलगाव वकील दुमका में तलाक और अलगाव वकील देवघर में तलाक और अलगाव वकील देहरादून में तलाक और अलगाव वकील धनबाद में तलाक और अलगाव वकील नया दिल्ली में तलाक और अलगाव वकील नवादा में तलाक और अलगाव वकील नागपुर में तलाक और अलगाव वकील पटना में तलाक और अलगाव वकील पिंपरी-चिंचवड में तलाक और अलगाव वकील पुणे में तलाक और अलगाव वकील प्रयागराज में तलाक और अलगाव वकील फरीदाबाद में तलाक और अलगाव वकील बक्सर में तलाक और अलगाव वकील बटाला में तलाक और अलगाव वकील बरेली में तलाक और अलगाव वकील बलिया में तलाक और अलगाव वकील बांकुरा में तलाक और अलगाव वकील बिहार शरीफ़ में तलाक और अलगाव वकील बीकानेर में तलाक और अलगाव वकील बेंगलुरु में तलाक और अलगाव वकील बेगूसराय में तलाक और अलगाव वकील बोकारो स्टील सिटी में तलाक और अलगाव वकील भुवनेश्वर में तलाक और अलगाव वकील भोपाल में तलाक और अलगाव वकील मंडी में तलाक और अलगाव वकील मधुबनी में तलाक और अलगाव वकील मधेपुरा में तलाक और अलगाव वकील मुंगेर में तलाक और अलगाव वकील मुंबई में तलाक और अलगाव वकील मुरादाबाद में तलाक और अलगाव वकील मुवट्टुपुझा में तलाक और अलगाव वकील मेदिनीनगर में तलाक और अलगाव वकील मोतीहारी में तलाक और अलगाव वकील मोहानिया में तलाक और अलगाव वकील मोहाली में तलाक और अलगाव वकील रांची में तलाक और अलगाव वकील राउरकेला में तलाक और अलगाव वकील रामगढ़ में तलाक और अलगाव वकील रायपुर में तलाक और अलगाव वकील लखनऊ में तलाक और अलगाव वकील लखीमपुर में तलाक और अलगाव वकील लुधियाना में तलाक और अलगाव वकील लोहरदगा में तलाक और अलगाव वकील वडोदरा में तलाक और अलगाव वकील वाराणसी में तलाक और अलगाव वकील विजयवाड़ा में तलाक और अलगाव वकील विशाखपट्टणम में तलाक और अलगाव वकील श्रीनगर में तलाक और अलगाव वकील समस्तीपुर में तलाक और अलगाव वकील सहरसा में तलाक और अलगाव वकील साहिबगंज में तलाक और अलगाव वकील सिकंदराबाद में तलाक और अलगाव वकील सिवान में तलाक और अलगाव वकील सीतामढ़ी में तलाक और अलगाव वकील सुपौल में तलाक और अलगाव वकील सूरत में तलाक और अलगाव वकील हज़ारीबाग में तलाक और अलगाव वकील हरियाणा में तलाक और अलगाव वकील हिसार में तलाक और अलगाव वकील हैदराबाद में तलाक और अलगाव वकील