भारत में सर्वश्रेष्ठ विवाह वकील
अपनी ज़रूरतें हमारे साथ साझा करें, कानूनी फर्मों से संपर्क प्राप्त करें।
मुफ़्त। 2 मिनट लगते हैं।
पारिवारिक वकील नियुक्त करने की मुफ़्त गाइड
या शहर चुनकर अपनी खोज परिष्कृत करें:
भारत में सर्वश्रेष्ठ वकीलों की सूची
भारत विवाह वकीलों द्वारा उत्तरित कानूनी प्रश्न
हमारे 1 कानूनी प्रश्न ब्राउज़ करें विवाह के बारे में भारत में और वकीलों के उत्तर पढ़ें, या मुफ़्त में अपने प्रश्न पूछें.
- क्या विवाह को शून्य और शून्य घोषित किया जा सकता है?
- मैं फ्रेंच हूं और फ्रांस में रहती हूं। मैंने भारत के हाथरस में एक भारतीय से शादी की थी। वह दिल्ली के टैगोर गार्डन में रहता है। उसने मेरे साथ धोखा किया और वह वीजा तथा पैसों में रुचि रखता था। उसने एक नकली शादी का कार्ड बनाया, मुझसे कुछ...
-
वकील का उत्तर LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH द्वारा
आपके द्वारा प्रदान की गई जानकारी के आधार पर यह विवाह शुरू से ही शून्य है और इसे भारतीय परिवार न्यायालय द्वारा शून्य घोषित किया जा सकता हैजैसा कि आपने बताया, चूंकि विवाह हिंदू विवाह अधिनियम के तहत बिना वैध...
पूरा उत्तर पढ़ें
1. भारत में विवाह कानून के बारे में: भारत में विवाह कानून का संक्षिप्त अवलोकन
भारत में विवाह कानून व्यक्तिगत कानून और नागरिक कानून का मिश्रण है। धर्म-आधारित कानून समुदाय के अनुसार नियम तय करते हैं। Special Marriage Act नागरिक विवाह का एक समान मार्ग देता है।
नागरिक कानून के दायरे में विभिन्न समुदायों के लिए अलग नियम होते हैं, और कुछ स्थितियों में समान रास्ता भी संभव है। राज्य-स्तर पर नियमों का अनुपालन आवश्यक है, पर केंद्रीय आयु और दायित्व संरचना समान रहती है।
Interfaith विवाह के लिए Special Marriage Act एक सुविधाजनक विकल्प है। यह विवाह को धर्म परिवर्तन के बिना मान्य बनाता है और सुरक्षा भी प्रदान करता है।
Prohibition of Child Marriage Act, 2006 - An Act to provide for the prohibition of child marriages and matters connected therewith or incidental thereto.
Special Marriage Act, 1954 - An Act to provide for the civil marriage of persons in certain cases.
Hindu Marriage Act, 1955 - An Act to amend and codify the law relating to marriage among Hindus.
Source: Official text on India Code portal और सरकारी विकसनों के संकल्पनात्मक विवरण
2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है
विवाह से जुड़े कुछ मामलों में पेशेवर advokat-legal counsel की जरूरत रहती है। सही मार्गदर्शन आपके अधिकारों की सुरक्षा करता है और कानूनी प्रक्रिया को सरल बनाता है। नीचे 4-6 वास्तविक परिस्थितियाँ दी गई हैं।
- Interfaith विवाह: एक व्यक्ति हिंदू है, दूसरा मुस्लिम है और आप Special Marriage Act के तहत विवाह करना चाहते हैं। आपके स्थान परों में पंजीकरण और प्रमाणपत्रों की जरूरत हो सकती है।
- विदेशी नागरिक से विवाह: NRIs या विदेशी नागरिक से विवाह करने पर दस्तावेज, वीजा, स्थानीय कस्टडी और संपत्ति संबंधी प्रश्न सामने आते हैं।
- विवाह के पंजीकरण में दिक्कत: कुछ राज्यों में पंजीकरण के लिए विशेष समय सीमा, दस्तावेज और शुल्क होते हैं-इनमें देरी होने पर कानूनी सहायता जरूरी हो जाती है।
- तलाक़, रख-रखाव और संतान संबंधी दावें: तलाक, भरण पोषण, संतान की कस्टडी आदि में कानूनी प्रक्रियाओं की जानकारी चाहिए।
- दहेज़ और घरेलू हिंसा के मामले: दहेज़ निषेध अधिनियम 1961 के अंतर्गत धाराएं और सहायता पाने के उपाय स्पष्ट करने होते हैं।
- बाल विवाह से जुड़े मामले: बाल विवाह रोकथाम अधिनियम 2006 के तहत सुरक्षा उपाय और कार्रवाई का मार्गदर्शन चाहिए।
3. स्थानीय कानून अवलोकन: भारत में विवाह को नियंत्रित करने वाले 2-3 विशिष्ट कानून
- Hindu Marriage Act, 1955 - हिंदू विवाह से जुड़े नियम और प्रक्रियाओं को इस अधिनियम के अंतर्गत समाहित किया गया है।
- Special Marriage Act, 1954 - धर्म से ऊपर उठकर नागरिक विवाह का मार्ग देता है, विशेषकर interfaith विवाह के लिए उपयोगी है।
- Prohibition of Child Marriage Act, 2006 - बाल विवाह को रोकने के लिए कानून और दुष्कर्म से जुड़ी धाराओं को स्पष्ट करता है।
4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
विवाह के लिए न्यूनतम आयु क्या है?
महिलाओं के लिए 18 वर्ष और पुरुषों के लिए 21 वर्ष न्यूनतम आयु हैं। यह Prohibition of Child Marriage Act, 2006 से निर्धारित है।
Interfaith विवाह कानूनी रूप से मान्य है?
हाँ. Interfaith विवाह Special Marriage Act, 1954 के अंतर्गत civil marriage का विकल्प है, जिसमें धर्म परिवर्तन अनिवार्य नहीं है।
विवाह कैसे पंजीकृत करें?
पंजीकरण प्रक्रिया राज्य अनुसार भिन्न होती है। सामान्यतः विवाह के कुछ दिनों के भीतर Registrar of Marriages के पास आवेदन दिया जाता है और प्रमाणपत्र जारी होता है।
क्या विदेशी नागरिक से शादी कर सकते हैं?
हाँ. Special Marriage Act के तहत विदेशी नागरिकों सहित सभी भारतीयों के लिए Civil Marriage संभव है।
विवाह के बाद नाम परिवर्तन कैसे करें?
नाम परिवर्तन के लिए सामान्यतः प्रमाणित विवाह प्रमाणपत्र की आवश्यकता होती है और फिर नागरिक कार्यालय, बैंक, पासपोर्ट आदि में नाम संशोधन के लिए आवेदन किया जाता है।
क्या Prenuptial agreement भारत में मान्य है?
भारतीय अदालतें Prenuptial agreements को पूर्ण रूप से मान्यता नहीं देतीं; कुछ परिस्थितियों में उनके अनुशासनिक प्रभाव सीमित होते हैं।
तलाक़ के दौरान किसे कानूनी सहायता मिलेगी?
तलाक़ के लिए एक अनुभवी वकील आपकी दलीलों, फॉर्म, और आदालत के समय-रेखा को सुव्यवस्थित करेगा। तलाक कानून-क्लॉज़ Hindu Marriage Act के दायरे में आते हैं।
बाल विवाह से जुड़े मामलों में कौन मदद करेगा?
Nalysa और NCW जैसी आधिकारिक संस्थाएं निःशुल्क legal aid और परामर्श प्रदान करती हैं, और सुरक्षा उपाय सुझाती हैं।
घरेलू हिंसा के मामले में क्या करें?
घरेलू हिंसा के मामलों में दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) और Protection of Women from Domestic Violence Act के अंतर्गत सुरक्षा आदेश मिलते हैं।
तलाक के सामान्य आधार क्या हैं?
तलाक के सामान्य आधार में क्रूरता, उदासीनता, शरीर-मानसिक harm, समझौता नहीं होना आदि शामिल हो सकते हैं; यह धर्म-आधारित कानून पर निर्भर करेगा।
कौन सा दस्तावेज जरूरी होते हैं?
पहचान प्रमाण, आयु प्रमाण, निवास प्रमाण, विवाह प्रमाणपत्र, फोटो आदि आम तौर पर आवश्यक होते हैं, पर राज्य अनुसार बदलाव हो सकता है।
ड्राफ्टिंगएज और अदालतों के लिए वकील कैसे चुनें?
कानून, अनुभव, क्षेत्र-विशेषज्ञता, और स्थान-आधारित पहुंच देख कर निर्णय लें; पहले दौर की काउंसलिंग से स्पष्ट coût समझ लें।
5. अतिरिक्त संसाधन
- National Commission for Women (NCW) - महिला अधिकार और विवाह से जुड़े मुद्दों पर मार्गदर्शन
- National Legal Services Authority (NALSA) - फ्री लीगल एड और केस-निर्देशन
- Ministry of Women and Child Development (MWCD) - बच्चों, महिलाओं के अधिकार और सुरक्षा योजनाएँ
6. अगले कदम: विवाह वकील खोजने की 5-7 चरणीय प्रक्रिया
- अपनी स्थिति और उद्देश्य स्पष्ट करें, जैसे interfaith विवाह, तलाक, भरण-पोषण आदि।
- अपने क्षेत्र के अधिकार-क्षेत्र (jurisdiction) तय करें ताकि क्षेत्रीय अदालत के अनुसार वकील मिल सके।
- Religious-leaning बनाम civil-समाधान के लिए उपयुक्त कानून निर्धारित करें (Special Marriage Act या Hindu Marriage Act आदि).
- अनुभव और विशेषज्ञता के अनुसार 4-6 वकीलों की सूची बनाएं, उनसे पूर्व अनुभव पूछें।
- पहला फोन/ऑनलाइन काउंसलिंग बुक करें ताकि मामला समझ में आए और फीस संरचना स्पष्ट हो।
- फीस, मीटिंग-शेड्यूल और डाक्यूमेंट आवश्यकताओं की लिखित स्पष्टता लें।
- लंबे समय के लिए स्पष्ट योजना बनाएं और जरूरत पर वस्तुनिष्ठ सुझावों के लिए दूसरा opinion भी लें।
Lawzana आपको योग्य कानूनी पेशेवरों की चयनित और पूर्व-जाँच की गई सूची के माध्यम से भारत में में सर्वश्रेष्ठ वकील और कानूनी फर्म खोजने में मदद करता है। हमारा प्लेटफ़ॉर्म अभ्यास क्षेत्रों, विवाह सहित, अनुभव और ग्राहक प्रतिक्रिया के आधार पर तुलना करने की अनुमति देने वाली रैंकिंग और वकीलों व कानूनी फर्मों की विस्तृत प्रोफ़ाइल प्रदान करता है।
प्रत्येक प्रोफ़ाइल में फर्म के अभ्यास क्षेत्रों, ग्राहक समीक्षाओं, टीम सदस्यों और भागीदारों, स्थापना वर्ष, बोली जाने वाली भाषाओं, कार्यालय स्थानों, संपर्क जानकारी, सोशल मीडिया उपस्थिति, और प्रकाशित लेखों या संसाधनों का विवरण शामिल है। हमारे प्लेटफ़ॉर्म पर अधिकांश फर्म अंग्रेजी बोलती हैं और स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों कानूनी मामलों में अनुभवी हैं।
भारत में में शीर्ष-रेटेड कानूनी फर्मों से उद्धरण प्राप्त करें — तेज़ी से, सुरक्षित रूप से, और बिना अनावश्यक परेशानी के।
अस्वीकरण:
इस पृष्ठ पर दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और कानूनी सलाह नहीं है। हम सामग्री की सटीकता और प्रासंगिकता सुनिश्चित करने का प्रयास करते हैं, लेकिन कानूनी जानकारी समय के साथ बदल सकती है, और कानून की व्याख्या भिन्न हो सकती है। आपको अपनी स्थिति के लिए विशिष्ट सलाह हेतु हमेशा एक योग्य कानूनी पेशेवर से परामर्श करना चाहिए।
हम इस पृष्ठ की सामग्री के आधार पर की गई या न की गई कार्रवाइयों के लिए सभी दायित्व को अस्वीकार करते हैं। यदि आपको लगता है कि कोई जानकारी गलत या पुरानी है, तो कृपया contact us, और हम उसकी समीक्षा करेंगे और जहाँ उचित हो अपडेट करेंगे।
भारत में शहर द्वारा विवाह कानूनी फर्म ब्राउज़ करें
शहर चुनकर अपनी खोज परिष्कृत करें।